शेफाली की पहली बरसी से पूर्व अभिनेता पराग त्यागी का बड़ा संकल्प, आत्मिक शांति के लिए करेंगे 21 दिनों की कठिन आध्यात्मिक साधना
अपनी दिवंगत पत्नी के प्रति अगाध प्रेम और सम्मान व्यक्त करने का यह तरीका कला जगत में बेहद अनूठा माना जा रहा है। शेफाली जरीवाला ने अपने कलात्मक सफर में लाखों दिलों पर राज किया था, और उनके इस तरह अचानक चले जाने से पराग त्यागी पूरी तरह से टूट गए थे। जीवन के इ
- ब्रह्म मुहूर्त के कठोर नियमों के साथ शुरू होगा अनुष्ठान: शेफाली जरीवाला की स्मृति में सांसारिक चकाचौंध से दूर होने जा रहे हैं उनके जीवनसाथी
- मनोरंजन जगत के बीच शोक और श्रद्धा का अनूठा उदाहरण: एकांतवास में रहकर मौन व्रत और योगिक क्रियाओं से अपनी जीवनसंगिनी को देंगे श्रद्धांजलि
मनोरंजन जगत की जानी-मानी अभिनेत्री शेफाली जरीवाला के आकस्मिक निधन को एक वर्ष का समय पूरा होने जा रहा है। इस दुखद और भावुक कर देने वाले अवसर से ठीक पहले उनके पति और प्रसिद्ध अभिनेता पराग त्यागी ने एक बेहद कठिन और साहसिक आध्यात्मिक मार्ग चुनने का निर्णय लिया है। अपनी दिवंगत जीवनसंगिनी की पहली पुण्यतिथि के आगमन से पूर्व उन्होंने स्वयं को पूरी तरह से बाहरी दुनिया से अलग करने का मन बनाया है। उनके इस कदम ने पूरी फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री को झकझोर कर रख दिया है, जहाँ लोग अक्सर शोक मनाने के पारंपरिक तरीकों को अपनाते हैं। पराग त्यागी ने इस बेहद संवेदनशील मोड़ पर अपनी पत्नी की आत्मा की सद्गति और स्वयं के मानसिक संबल के लिए प्राचीन भारतीय पद्धतियों का सहारा लेने की योजना बनाई है।
इस आध्यात्मिक यात्रा के तहत अभिनेता ने पूरे 21 दिनों की एक अत्यंत अनुशासित और कठिन साधना प्रक्रिया को अपनाने का संकल्प लिया है। इस अनुष्ठान की सबसे मुख्य और अनिवार्य शर्त यह होगी कि इसकी शुरुआत प्रतिदिन सूर्योदय से पूर्व यानी ब्रह्म मुहूर्त में की जाएगी। अल सुबह के इस पवित्र समय में जब पूरी प्रकृति शांत होती है, तब वे अपने दिन की शुरुआत विशेष मंत्रोच्चार, ध्यान और प्राणायाम के साथ करने की तैयारी में हैं। इस साधना के दौरान वे किसी भी प्रकार के सांसारिक सुख-सुविधाओं, आधुनिक संचार साधनों और सामाजिक संपर्कों का उपयोग नहीं करेंगे। उन्होंने अपने करीबी दोस्तों और परिवार के सदस्यों को भी सूचित कर दिया है कि इन 21 दिनों के भीतर वे किसी भी तरह के सांसारिक विचार या बातचीत का हिस्सा नहीं बनेंगे। इस विशेष अनुष्ठान के दौरान पराग त्यागी पूरी तरह से सात्विक जीवन शैली का पालन करेंगे, जिसमें केवल एक समय का सात्विक भोजन, भूमि पर शयन और पूर्ण मौन व्रत धारण करना अनिवार्य रूप से शामिल होगा।
अपनी दिवंगत पत्नी के प्रति अगाध प्रेम और सम्मान व्यक्त करने का यह तरीका कला जगत में बेहद अनूठा माना जा रहा है। शेफाली जरीवाला ने अपने कलात्मक सफर में लाखों दिलों पर राज किया था, और उनके इस तरह अचानक चले जाने से पराग त्यागी पूरी तरह से टूट गए थे। जीवन के इस सबसे बड़े खालीपन को भरने और अपनी भावनाओं को एक सकारात्मक दिशा देने के लिए उन्होंने इस योगिक क्रिया का चयन किया है। इस अवधि में वे केवल धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करेंगे और उन यादों को सहेजेंगे जो उन्होंने अपनी पत्नी के साथ बिताई थीं। यह प्रयास केवल एक पारंपरिक रस्म नहीं है, बल्कि एक जीवनसाथी का अपनी अर्धांगिनी के प्रति आत्मिक जुड़ाव का उच्चतम स्तर बनने जा रहा है।
अध्यात्म के इस मार्ग पर चलने के लिए पराग त्यागी ने शहर के कोलाहल से दूर एक एकांत स्थान का चुनाव किया है, जहाँ वे बिना किसी व्यवधान के अपनी मानसिक और शारीरिक ऊर्जा को केंद्रित कर सकें। इस साधना की दैनिक समय-सारणी बेहद कड़क होगी, जिसमें सुबह की पूजा के बाद दोपहर के समय आत्म-मंथन और संध्या काल में पुनः प्रार्थना सभा शामिल की जाएगी। इस पूरे अनुष्ठान का उद्देश्य मन की चंचलता को शांत करना और उस परम सत्ता से यह प्रार्थना करना है कि दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान मिले। इस प्रक्रिया में शरीर को शुद्ध करने के लिए पंचतत्वों के संतुलन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस दुखद घड़ी में मनोरंजन उद्योग के उनके तमाम साथी कलाकार और सहकर्मी पराग त्यागी के इस साहसिक और भावुक फैसले का सम्मान कर रहे हैं। कई सह-कलाकारों का मानना है कि कि ग्लैमर की इस चकाचौंध भरी दुनिया में जहाँ लोग बहुत जल्दी आगे बढ़ जाने की मानसिकता से ग्रसित हो जाते हैं, वहाँ पराग त्यागी ने सच्चे प्रेम और समर्पण की एक नई मिसाल कायम करने का निर्णय लिया है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर इस खबर के आने के बाद से ही पूरी इंडस्ट्री में शेफाली जरीवाला के प्रति आदर और पराग त्यागी के लिए सहानुभूति का माहौल बना हुआ है। हर कोई इस कठिन दौर में उनके इस आगामी आत्मिक प्रयास की सराहना कर रहा है। पुण्यतिथि के ठीक दिन इस २१ दिवसीय कठिन साधना का समापन होगा, जिसके बाद एक विशेष शांति पाठ और तर्पण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पराग त्यागी के करीबी सूत्रों के अनुसार, वे इस अनुष्ठान को बिना किसी प्रचार या मीडिया की उपस्थिति के पूरी तरह से निजी रखना चाहते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि यह उनकी व्यक्तिगत आस्था और उनकी पत्नी के प्रति उनका निजी कर्तव्य है। इस साधना के माध्यम से वे खुद को उस गहरे आघात से उबारने की कोशिश भी करेंगे जो उन्हें एक साल पहले अपनी हमसफ़र को खोने के बाद लगा था।
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