NEET UG 2026 री-एग्जाम को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की बड़ी तैयारी, 21 जून को होने वाली परीक्षा के लिए जारी हुआ हाई अलर्ट

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी इस बार परीक्षार्थियों तक सूचना पहुंचाने के लिए पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर काम कर रही है। एजेंसी द्वारा प्रत्येक उम्मीदवार के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस, आधिकारिक ईमेल आईडी पर विस्तृत ईमेल और यहां तक कि व्हाट्सएप सं

Jun 19, 2026 - 16:06
 0  13
NEET UG 2026 री-एग्जाम को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की बड़ी तैयारी, 21 जून को होने वाली परीक्षा के लिए जारी हुआ हाई अलर्ट
NEET UG 2026 री-एग्जाम को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की बड़ी तैयारी, 21 जून को होने वाली परीक्षा के लिए जारी हुआ हाई अलर्ट

  • एनटीए ने एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए परीक्षार्थियों को भेजे ताबड़तोड़ मैसेज, एसएमएस, ईमेल और व्हाट्सएप से किया जा रहा संपर्क
  • लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के भविष्य का फैसला करेगी इस रविवार को होने वाली पुनर्परीक्षा, गड़बड़ी रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा 'नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट' (NEET UG 2026) के विवादों और प्रशासनिक सुधारों के बाद अब पुनर्परीक्षा की घड़ी बिल्कुल करीब आ चुकी है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली इस महत्वपूर्ण री-एग्जाम में शामिल होने वाले लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के लिए बेहद जरूरी और अंतिम समय की सूचना जारी की है। परीक्षा आयोजन की तिथि नजदीक आने के साथ ही केंद्रीय परीक्षा एजेंसी पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रही है और किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक चूक से बचने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इस परीक्षा में बैठने जा रहे सभी पंजीकृत छात्रों को बिना किसी देरी के अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए लगातार अलर्ट भेजा जा रहा है, ताकि परीक्षा के दिन केंद्र पर किसी भी छात्र को प्रवेश से वंचित न होना पड़े या किसी अन्य प्रकार की अप्रत्याशित समस्या का सामना न करना पड़े।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी इस बार परीक्षार्थियों तक सूचना पहुंचाने के लिए पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर काम कर रही है। एजेंसी द्वारा प्रत्येक उम्मीदवार के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस, आधिकारिक ईमेल आईडी पर विस्तृत ईमेल और यहां तक कि व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से भी सीधे संपर्क साधा जा रहा है। इन डिजिटल अलर्ट्स में छात्रों को न केवल उनके एडमिट कार्ड के डाउनलोड लिंक उपलब्ध कराए जा रहे हैं, बल्कि परीक्षा के दिन के लिए जरूरी दिशानिर्देशों की सूची भी भेजी जा रही है। एनटीए का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों या इंटरनेट की धीमी गति वाले इलाकों में रहने वाले छात्रों तक भी समय पर यह सूचना पहुंच जाए और वे समय रहते अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर उसका प्रिंटआउट निकाल सकें।

NEET UG 2026 री-एग्जाम डाउनलोड गाइडलाइंस

  • आधिकारिक पोर्टल: एडमिट कार्ड केवल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की प्राधिकृत आधिकारिक वेबसाइट से ही डाउनलोड करें।

  • आवश्यक क्रेडेंशियल्स: लॉगिन करने के लिए उम्मीदवारों को अपना 'एप्लिकेशन नंबर' (आवेदन संख्या) और 'डेट ऑफ बर्थ' (जन्मतिथि) दर्ज करनी होगी।

  • महत्वपूर्ण दस्तावेज: परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड के प्रिंटआउट के साथ एक वैध मूल फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट) और एक पासपोर्ट साइज फोटो ले जाना अनिवार्य है।

इस पुनर्परीक्षा का आयोजन उन विशेष केंद्रों और छात्रों के लिए किया जा रहा है जहां मुख्य परीक्षा के दौरान समय की हानि, तकनीकी व्यवधान या अन्य प्रशासनिक विसंगतियों की शिकायतें दर्ज की गई थीं। देश के विभिन्न राज्यों में फैले इन परीक्षा केंद्रों पर लाखों उम्मीदवार एक बार फिर देश के शीर्ष मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस और आयुष पाठ्यक्रमों की सीटों पर दाखिला पाने के अपने सपने को पूरा करने के लिए भाग्य आजमाएंगे। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि 21 जून को होने वाली यह परीक्षा पूरी तरह से ऑफलाइन यानी पेन-एंड-पेपर मोड में ही आयोजित की जाएगी। इसके लिए देश भर के संवेदनशील और प्रमुख शहरों में विशेष परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुरक्षा और निष्पक्षता के कड़े मापदंड तय किए गए हैं।

परीक्षा को पूरी तरह से पारदर्शी और फुलप्रूफ बनाने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्थाओं को एक नए स्तर पर ले जाया गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सभी परीक्षा केंद्रों के समन्वयकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे परीक्षा कक्षों में हाई-टेक जैमर्स, बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम और रीयल-टाइम सीसीटीवी सर्विलांस की व्यवस्था सुनिश्चित करें। परीक्षा हॉल के भीतर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच, डिजिटल कलाई घड़ी, कंगन, या आभूषण ले जाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। इसके अलावा, छात्रों के लिए एक कड़ा ड्रेस कोड भी निर्धारित किया गया है, जिसके तहत हल्के रंग के कपड़े, आधी आस्तीन की शर्ट या टी-शर्ट और चप्पल या कम हील वाले सैंडल पहनने की ही अनुमति होगी, ताकि चेकिंग के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सके।

एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद छात्रों को उस पर अंकित सभी विवरणों को बहुत ही ध्यान से जांचने की सलाह दी गई है। एडमिट कार्ड में उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर, फोटो, हस्ताक्षर, परीक्षा केंद्र का नाम, उसका पूरा पता और रिपोर्टिंग का समय जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं। यदि किसी छात्र के एडमिट कार्ड पर फोटो धुंधली है या नाम की स्पेलिंग में कोई त्रुटि है, तो उन्हें तुरंत एनटीए के हेल्पलाइन नंबरों या ईमेल के जरिए संपर्क करने को कहा गया है। इसके अलावा, एडमिट कार्ड के साथ एक 'सेल्फ-डिक्लेरेशन' या अंडरटेकिंग फॉर्म भी संलग्न है, जिसे छात्रों को पहले से भरकर ले जाना होगा, हालांकि इस पर अपने हस्ताक्षर परीक्षा कक्ष में मौजूद पर्यवेक्षक के सामने ही करने होंगे।

इस री-एग्जाम को लेकर देश भर के मेडिकल छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच भी काफी उत्सुकता और तनाव का माहौल देखा जा रहा है। लंबे समय की अनिश्चितता के बाद मिल रहे इस दूसरे मौके को भुनाने के लिए छात्र अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों और मनोवैज्ञानिकों ने भी इस तनावपूर्ण समय में छात्रों को शांत रहने और परीक्षा से पहले पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी है। छात्रों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने परीक्षा केंद्र की भौगोलिक स्थिति से एक दिन पहले ही भली-भांति परिचित हो जाएं, ताकि 21 जून की सुबह वे यातायात जाम या रास्ता भटकने जैसी समस्याओं से बचते हुए निर्धारित रिपोर्टिंग समय पर या उससे पहले केंद्र पर पहुंच सकें क्योंकि गेट बंद होने के समय के बाद किसी भी परिस्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के इस व्यापक सूचना अभियान ने यह साफ कर दिया है कि वह इस परीक्षा के सफल और विवाद-मुक्त संचालन को लेकर कितनी गंभीर है। डिजिटल माध्यमों से लगातार भेजे जा रहे रिमाइंडर्स के कारण अधिकांश उम्मीदवारों ने अपने एडमिट कार्ड सुरक्षित कर लिए हैं और वे परीक्षा के अंतिम घंटों के रिवीजन में जुटे हैं। इस बार परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती भी की जा रही है ताकि कानून व्यवस्था पूरी तरह बनी रहे। 21 जून को होने वाली यह परीक्षा भारतीय चिकित्सा शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को बहाल करने की दिशा में एक बहुत बड़ा और निर्णायक कदम साबित होने जा रही है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow