Deoband : गोहत्या पर बने कठोर कानून और गोमाता को मिले राष्ट्रमाता का दर्जा, देवबंद में बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
गोकशी की घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए सरकारों को और अधिक सख्त कदम उठाने होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस तरह देश के राष्ट्रीय प्रतीकों का आदर होता है.
देवबंद में अखंड भारत युवा कल्याण संगठन की ओर से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गो-रक्षार्थ धर्म यात्रा और स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से गोहत्या के खिलाफ बेहद कड़ा कानून बनाने और गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की पुरजोर मांग की। सहारनपुर-मुजफ्फरनगर हाईवे पर स्थित एक पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय केवल एक पशु नहीं है, बल्कि यह हमारी आस्था, अर्थव्यवस्था, खेती और पर्यावरण की रीढ़ है। गोकशी की घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए सरकारों को और अधिक सख्त कदम उठाने होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस तरह देश के राष्ट्रीय प्रतीकों का आदर होता है, उसी तरह गोमाता को भी विशेष संवैधानिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। सरकार को इस विषय पर एक मजबूत राष्ट्रीय नीति तैयार करनी चाहिए।
इस मौके पर कार्यक्रम के संयोजक और त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित सत्येंद्र शर्मा ने कहा कि गोवंश की रक्षा देश की सांस्कृतिक चेतना से जुड़ा मामला है। अब मुस्लिम बुद्धिजीवी भी गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने का समर्थन कर रहे हैं, जो आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को दर्शाता है। सरकार को जनता की इन भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य ने संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष त्यागी को सहारनपुर जिले का और रुद्र मिश्रा को देवबंद नगर का अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया। इस अवसर पर महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष निधि सैनी, महासचिव सागर सैनी, क्षेत्रीय अध्यक्ष टींकू और अंकुल कश्यप सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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