Gorakhpur News: गोरखपुर में सीएम योगी ने किया पौधरोपण महायज्ञ का आगाज, एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का रिकॉर्ड लक्ष्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से प्रदेशव्यापी पौधरोपण महायज्ञ का शुभारंभ किया। एक दिन में रिकॉर्ड 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
उत्तर प्रदेश को पर्यावरण के संकट से बचाने और हरियाली का दायरा बढ़ाने के लिए एक ऐतिहासिक मुहिम की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से एक ही दिन में रिकॉर्ड 35 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य वाले प्रदेशव्यापी पौधरोपण महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ किया। एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भगवानपुर टोल प्लाजा के पास पवित्र त्रिवेणी यानी नीम, पीपल और बरगद के पौधे लगाए। इसके बाद गीडा सेक्टर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने इस अभियान को धरती माता के प्रति सम्मान प्रकट करने का सबसे बड़ा जरिया बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास कार्यों की तेज रफ्तार के साथ-साथ वनों के क्षेत्र को बढ़ाने में भी बड़ी सफलता मिली है, क्योंकि एक बड़ा पेड़ कई टन कार्बन डाइऑक्साइड सोखने की क्षमता रखता है।
जनसभा में विकास और पर्यावरण के संतुलन पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश के बुनियादी ढांचे का बहुत तेजी से विस्तार हुआ है। नए राजमार्गों, उद्योगों और शहरी इलाकों के विकास के बावजूद सरकार ने पर्यावरण की सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी है। पिछले नौ वर्षों में उठाए गए कदमों के कारण राज्य का वनाच्छादित क्षेत्र बढ़ा है, जिससे करोड़ों टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण हुआ है और वातावरण में भारी मात्रा में ऑक्सीजन का उत्सर्जन बढ़ा है। उन्होंने प्राचीन संस्कृति के सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा कि यह धरती हमारी माता है और हम सब इसके बच्चे हैं। एक जागरूक नागरिक होने के नाते हमारा यह कर्तव्य है कि हम प्रधानमंत्री के इस राष्ट्रीय आह्वान से जुड़कर अपनी आने वाली पीढ़ी के सुनहरे भविष्य का निर्माण करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंसानी गलतियों और प्रकृति के साथ हुए खिलवाड़ के कारण ही आज पूरी दुनिया को मौसम चक्र में बदलाव की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। पर्यावरण असंतुलन की वजह से ही समय पर बारिश नहीं हो रही है, जिसका सीधा असर कृषि के उत्पादन और किसानों की आय पर पड़ता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अभी ध्यान न दिया गया तो भविष्य में बड़े शहरों में जल संकट और प्रदूषण की गंभीर स्थिति पैदा हो जाएगी। उन्होंने बिजली की बचत और प्रदूषण कम करने के लिए सरकारी स्तर पर चलाई जा रही एलईडी स्ट्रीट लाइट योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और माताओं-बहनों को चूल्हे के धुएं से राहत देने वाली उज्ज्वला योजना की उपलब्धियां भी गिनाईं। अयोध्या को राज्य की पहली सोलर सिटी बनाए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने लोगों से अपने पूर्वजों की याद में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाने और उसकी निरंतर देखभाल करने का अनुरोध किया।
इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के वन विभाग द्वारा तैयार की गई एक लघु फिल्म 'हरित गाथा' और आगामी 'वानिकी कैलेंडर' का भी विमोचन किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना की महिला लाभार्थियों को घर के बाहर लगाने के लिए सहजन के पौधे दिए गए। साथ ही अपने खेतों में भारी संख्या में पौधारोपण कर पर्यावरण सुधार में मदद करने वाले प्रगतिशील किसानों को कार्बन क्रेडिट फाइनेंस योजना के तहत आर्थिक प्रोत्साहन राशि के प्रमाण-पत्र भी सौंपे गए।
इस भव्य समारोह में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री अरुण कुमार सक्सेना ने बताया कि देश में हरियाली बढ़ाने के मामले में उत्तर प्रदेश अब दूसरे स्थान पर आ गया है और इस अभियान के पूरा होते ही राज्य में कुल रोपे गए पौधों की संख्या 275 करोड़ पार कर जाएगी। गोरखपुर के सांसद रविकिशन शुक्ल और सहजनवा के विधायक प्रदीप शुक्ल ने भी क्षेत्र में हुए विकास कार्यों और मुख्यमंत्री के दूरदर्शी विजन की सराहना की। इस दौरान मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद, राज्यसभा सदस्य संगीता यादव, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र सिंह सहित कई स्थानीय विधायक, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।
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