Lucknow Aliganj Fire: लखनऊ अग्निकांड स्थल पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ, मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजे का एलान
लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राउंड जीरो और केजीएमयू का दौरा किया। मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है।
- CM Yogi Lucknow Visit: अलीगढ़ दौरा छोड़ सीधे लखनऊ अग्निकांड स्थल पहुंचे मुख्यमंत्री योगी, दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
- लखनऊ में भीषण हादसा: सीधे ग्राउंड जीरो पर पहुंचे सीएम योगी, पीड़ितों को आर्थिक मदद का एलान और दोषियों को सख्त चेतावनी
- Lucknow Fire Accident: अलीगंज अग्निकांड के बाद एक्शन में मुख्यमंत्री योगी, केजीएमयू जाकर जाना घायल बच्चों का हाल
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए एक भीषण अग्निकांड के बाद राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद संवेदनशील और आक्रामक रुख में नजर आए। मुख्यमंत्री सोमवार को अपना अलीगढ़ का आधिकारिक दौरा बीच में ही रद्द कर तुरंत लखनऊ लौट आए। वे हवाई अड्डे से सीधे अलीगंज स्थित घटनास्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने आग से बुरी तरह प्रभावित हुई इमारत का बारीक निरीक्षण किया। इस दर्दनाक हादसे में मासूम बच्चों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया। सरकार की ओर से त्वरित राहत प्रदान करते हुए उन्होंने मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का एलान किया है। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि हादसे के लिए जिम्मेदार दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
यह दुखद घटना लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित एक बहुमंजिला इमारत में आग लगने से जुड़ी है। इस भीषण अग्निकांड ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसके कारण इमारत के भीतर मौजूद कई लोग फंस गए। हादसे में कुछ मासूम बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। आग की विभीषिका इतनी भयानक थी कि पूरी बिल्डिंग अंदर से जलकर खाक हो गई। मुख्यमंत्री को जैसे ही इस दर्दनाक हादसे की गंभीरता का पता चला, उन्होंने अपने पूर्व निर्धारित प्रशासनिक कार्यक्रमों को रोककर सीधे प्रभावित क्षेत्र का रुख किया।
सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ के दौरे पर थे। वहां से सूचना मिलते ही वे विशेष विमान से लखनऊ पहुंचे और बिना समय गंवाए सीधे अलीगंज के घटना स्थल पर जा पहुंचे। मुख्यमंत्री ने केवल जमीन से ही नहीं, बल्कि स्थिति को पूरी तरह समझने के लिए बगल के एक अन्य भवन की छत पर जाकर भी जली हुई बिल्डिंग का गहन मुआयना किया। उन्होंने वहां मौजूद शासन और पुलिस प्रशासन के उच्चाधिकारियों को तलब कर आग लगने के कारणों और राहत कार्य की प्रगति की बिंदुवार रिपोर्ट ली।
ग्राउंड जीरो का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री का काफिला सीधे किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के लिए रवाना हुआ। अस्पताल पहुंचकर मुख्यमंत्री सीधे उस वार्ड में गए जहां घायल बच्चों को भर्ती कराया गया था। उन्होंने खुद बच्चों के पास बैठकर उनका हालचाल जाना और उनसे घटनाक्रम के बारे में सीधे बातचीत की। मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी और केजीएमयू प्रशासन को हर मरीज को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा निशुल्क प्रदान करने का सख्त निर्देश दिया। अस्पताल की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने मुख्यमंत्री को घायलों के उपचार के लिए बनाई गई डॉक्टरों की विशेष टीम और अब तक किए गए इलाज की पूरी तकनीकी जानकारी दी।
अस्पताल में जब मुख्यमंत्री की मुलाकात शोक संतप्त परिवारों से हुई, तो माहौल बेहद गमगीन हो गया। मुख्यमंत्री ने अत्यंत संवेदनशीलता दिखाते हुए रोते हुए परिजनों के आंसू पोंछे और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "यद्यपि हम किसी भी कीमत पर आपके खोए हुए स्वजनों की जिंदगी वापस नहीं लौटा सकते, लेकिन राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में पूरी ताकत से आपके साथ खड़ी है। इस घटना के पीछे जिसकी भी लापरवाही या साजिश सामने आएगी, उसके खिलाफ ऐसी दंडात्मक कार्रवाई होगी जो एक नजीर बनेगी।"
इस दौरे के समय मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, विधायक नीरज बोरा, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा और जिलाधिकारी विशाख जी भी मौजूद रहे, जिन्होंने पीड़ितों को त्वरित न्याय का भरोसा दिलाया।
इस हादसे के बाद लखनऊ प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड पर आ गया है। मुख्यमंत्री के कड़े रुख को देखते हुए अग्निशमन विभाग (फायर सर्विस) और स्थानीय नगर निगम ने शहर की व्यावसायिक और घनी आबादी वाली इमारतों में सुरक्षा मानकों की जांच तेज कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर शहरी इलाकों में स्थापित अवैध या मानकों की अनदेखी कर बनाई गई इमारतों में पुख्ता सुरक्षा इंतजामों की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री के इस औचक और संवेदनशील दौरे से पीड़ित परिवारों को यह भरोसा मिला है कि उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकेगा।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद शासन स्तर पर एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया गया है, जो आग लगने के वास्तविक कारणों और नियमों के उल्लंघन की पड़ताल कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं, केजीएमयू में भर्ती बच्चों की सेहत पर डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार चौबीसों घंटे निगरानी रख रही है। जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि घोषित की गई आर्थिक सहायता राशि को बिना किसी तकनीकी देरी के सीधे प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में तुरंत ट्रांसफर किया जाए।
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