Lucknow : यूपी में ईको टूरिज्म परियोजनाओं को नई उड़ान, 10 ईको टूरिज्म स्थलों के संचालन हेतु प्रस्ताव आमंत्रित
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'उत्तर प्रदेश प्राकृतिक संपदा, जैव-विविधता और सांस्कृतिक धरोहर की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। ईको टूरिज्म के क्षेत्र में हमारे पा
- प्राकृतिक धरोहरों के पेशेवर प्रबंधन की पहल, इच्छुक 27 फरवरी 2026 तक कर सकते हैं आवेदन
- जिम्मेदार पर्यटन का सशक्त मॉडल पेश कर रहा उ०प्र० ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड, निजी सहभागिता से बढ़ेगी रफ्तार
- उत्तर प्रदेश बनेगा ईको टूरिज्म हब, दूरदर्शी नीतियों के साथ बढ़ रहे आगे- जयवीर सिंह
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के हरित पर्यटन को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (UPETDB) ने राज्य के 10 प्रमुख ईको टूरिज्म स्थलों के संचालन और देखरेख के लिए इच्छुक संस्थाओं, कंपनियों एवं अनुभवी एजेंसियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। बोर्ड के इस कदम से न केवल प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि दीर्घकालिक निवेश, गुणवत्ता सुधार और पर्यावरण संरक्षण के समन्वित मॉडल को भी सुदृढ़ आधार प्राप्त होगा।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'चयनित एजेंसियों को ईको-टूरिज्म परियोजनाओं का संचालन प्रारंभिक रूप से 15 वर्षों के लिए सौंपा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संतोषजनक प्रदर्शन की स्थिति में यह अवधि आगे भी बढ़ाई जा सकेगी। यह निर्णय प्रदेश में जिम्मेदार और पर्यावरण-संवेदनशील पर्यटन विकास के लिए एक सुदृढ़ एवं संस्थागत ढांचा तैयार करेगा, जिससे स्थानीय समुदायों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित संरक्षण सुनिश्चित होगा।'
10 प्रमुख स्थलों के संचालन हेतु प्रस्ताव आमंत्रित
उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड ने राज्य में ईको टूरिज्म को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अयोध्या की उधेला झील, ललितपुर के बदरौन स्थित करकरावल जलप्रपात, बाराबंकी की बघर झील, बलिया के मैरीटार गांव, सीतापुर की अज्जेपुर झील, महाराजगंज के देवदह स्थल, कुशीनगर की रामपुर सोहरौना झील, चित्रकूट के रामनगर, जालौन के पचनदा तथा बांदा जनपद की तहसील नरैनी में कालिंजर किले के समीप पर्यटन सुविधा केंद्र सहित कुल 10 स्थलों पर विकसित ईको टूरिज्म परियोजनाओं के संचालन एवं देखरेख के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। सभी परियोजनाएं पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी मोड) पर विकसित होंगी।
कब तक करें आवेदन?
इच्छुक आवेदकों को निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं पात्रता मानदंडों के अनुरूप अपने प्रस्ताव निर्धारित समयावधि के भीतर प्रस्तुत करने होंगे। विस्तृत विवरण, शर्तें एवं आवेदन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट https://upecoboard.up.gov.in/en/tenders पर उपलब्ध है। आवेदन की अंतिम तारीख 27 फरवरी 2026 है।
दूरदर्शी सोच के साथ आगे बढ़ रहे- जयवीर सिंह
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'उत्तर प्रदेश प्राकृतिक संपदा, जैव-विविधता और सांस्कृतिक धरोहर की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। ईको टूरिज्म के क्षेत्र में हमारे पास अपार संभावनाएं हैं, उन्हें व्यवस्थित और पेशेवर प्रबंधन के माध्यम से वैश्विक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास है। उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा 10 प्रमुख स्थलों के संचालन हेतु प्रस्ताव आमंत्रित करना इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है। हमारा उद्देश्य केवल पर्यटन विकास नहीं, बल्कि जिम्मेदार और पर्यावरण-संवेदनशील पर्यटन का एक सशक्त मॉडल विकसित करना है। यह पहल प्रदेश में दीर्घकालिक निवेश आधुनिक सुविधाओं का विकास सुनिश्चित करेगी।'
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