Hapur Road Accident: हापुड़ में NH-9 पर दर्दनाक सड़क हादसा, दो बच्चों की मौत से कोहराम, कई यात्री अस्पताल में भर्ती

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में नेशनल हाईवे-9 पर एक भीषण सड़क हादसे में एक मासूम बच्ची और 15 साल की लड़की की मौत हो गई, जबकि 7 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।

Jun 23, 2026 - 12:45
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Hapur Road Accident: हापुड़ में NH-9 पर दर्दनाक सड़क हादसा, दो बच्चों की मौत से कोहराम, कई यात्री अस्पताल में भर्ती
हापुड़ में नेशनल हाईवे-9 पर दुर्घटनाग्रस्त वाहन और जांच करती स्थानीय पुलिस की फाइल फोटो
  • हापुड़ सड़क हादसा: नेशनल हाईवे-9 पर भीषण दुर्घटना, मासूम बच्ची और किशोरी की मौत, 7 घायल
  • यूपी के हापुड़ में नेशनल हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, दो की मौत और कई घायल, मची चीख-पुकार
  • उत्तर प्रदेश: हापुड़ में NH-9 पर दर्दनाक हादसा, मासूम बच्ची समेत दो की मौत, सात लोग जख्मी

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में नेशनल हाईवे-9 (NH-9) पर एक अत्यंत दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा सामने आया है। हाल ही में हुए इस हादसे में एक मासूम बच्ची और एक 15 वर्षीय किशोरी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार 7 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना उस समय हुई जब यात्रियों से भरा वाहन हाईवे से गुजर रहा था और अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राहगीरों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

हापुड़ जिले से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-9 पर रफ्तार का कहर एक बार फिर देखने को मिला है। पुलिस से मिली प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, एक तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे की चपेट में आने से वाहन के परखच्चे उड़ गए और भीतर बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि दो कम उम्र की बच्चियों को अपनी जान गंवानी पड़ी। हाईवे पर मौजूद अन्य वाहन चालकों ने अपनी गाड़ियां रोककर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया और तुरंत स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी।

यह दुखद वाकया हापुड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाईवे-9 पर घटित हुआ। बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार और उनके रिश्तेदार एक वाहन में सवार होकर यात्रा कर रहे थे। जैसे ही उनका वाहन हापुड़ के पास पहुंचा, अचानक संतुलन खोने के कारण गाड़ी डिवाइडर या किसी अन्य अज्ञात वाहन से टकरा गई (जिसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद होगी)।

टक्कर लगते ही गाड़ी के भीतर बैठे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस हादसे में एक मासूम बच्ची और 15 साल की एक लड़की की गंभीर चोटें आने के कारण घटनास्थल पर ही सांसें थम गईं। वाहन में सवार अन्य 7 यात्री सीट और गाड़ी के हिस्सों के बीच फंसकर लहूलुहान हो गए। पुलिस ने क्रेन और स्थानीय लोगों की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन को काटकर घायलों को बाहर निकाला। एम्बुलेंस के जरिए सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका उपचार कर रही है।

इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया है। अस्पताल के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

"हादसे की सूचना मिलते ही हाईवे पेट्रोलिंग टीम और स्थानीय थाने की पुलिस बल मौके पर पहुंच गई थी। हमारी प्राथमिकता पहले घायलों की जान बचाना और उन्हें सही इलाज दिलाना था। दो बच्चियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हादसे के सही कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी टीम की मदद ली जा रही है और क्षतिग्रस्त वाहन को हाईवे से हटाकर यातायात सुचारू कर दिया गया है।"

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हाईवे पर वाहनों की तेज रफ्तार और कभी-कभी अचानक सामने आने वाले मवेशी या गलत दिशा से आने वाले वाहन ऐसे हादसों का मुख्य कारण बनते हैं। प्रशासन को इस ओर कड़े कदम उठाने चाहिए।

इस भीषण एक्सीडेंट के बाद नेशनल हाईवे-9 पर काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी को सड़क किनारे करवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। इस घटना ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर सुरक्षा मानकों और गति सीमा के उल्लंघन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी आक्रोश है कि रात और सुबह के समय हाईवे पर गश्त और निगरानी कम होती है, जिससे तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश नहीं लग पाता।

पुलिस प्रशासन ने मृतकों के शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घायलों की स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। आगे की कानूनी कार्रवाई के तहत पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या हादसा वाहन चालक को नींद की झपकी आने की वजह से हुआ या किसी अन्य वाहन ने इसे टक्कर मारी थी। पुलिस क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है ताकि दुर्घटना के सही क्रम को समझा जा सके। इसके साथ ही, जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

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