गोरखपुर मण्डल के जनपद कुशीनगर में पर्यटन विकास की 11 परियोजनाओं के लिए 694 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत।
पर्यटन विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य योजना के अंतर्गत गोरखपुर मण्डल के जनपद कुशीनगर की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों
लखनऊ: पर्यटन विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य योजना के अंतर्गत गोरखपुर मण्डल के जनपद कुशीनगर की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की पर्यटन विकास की परियोजनाओं के लिए 1031.70 लाख रूपये की धनराशि के प्रशासकीय स्वीकृत के सापेक्ष 11 परियोजनाओं के लिए 694 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है। इसके लिए सीएनडीएस को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया गया है कि परियोजना के कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा करायें।
यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्हांेने बताया कि जनपद कुशीनगर की विधानसभा क्षेत्र रामकोला में गुरू गोरक्षपीठ स्थित राम जानकी मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 73 लाख रूपये, हाटा विधानसभा क्षेत्र में स्थित श्री राम जानकी मंदिर के लिए 67 लाख रूपये, फाजिलनगर स्थित शंकर जी मंदिर के लिए 58 लाख रूपये, पडरौना विधानसभा क्षेत्र में स्थित पौराणिक स्थल बांसी नदी घाट पर पर्यटन एवं अवस्थापना सुविधाओं के लिए 60 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है।
इसी प्रकार तमकुही राज स्थित राम जानकी मंदिर घूरपट्टी के पर्यटन विकास के लिए 82 लाख रूपये, खड्डा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हड़ावा मंदिर के लिए 82 लाख रूपये, इसी विधानसभा में स्थित कोक माता भुवनेश्वरी देवी मंदिर के विकास के लिए 65 लाख रूपये, पडरौना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रामघाट में बहुउद्देशीय हाल आदि के निर्माण के लिए 55 लाख रूपये, इसी विधानसभा क्षेत्र में बहुउद्देशीय हाल आदि के लिए 59 लाख रूपये, हाटा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नाथ संप्रदाय के प्राचीन मंदिर कर्महा में बहुउद्देशीय हाल आदि के लिए 38 लाख रूपये तथा रामकोला विधानसभा के अंतर्गत रामकोटा में सौतही मनी ताल पर बहुउद्देशीय हाल आदि के लिए 55 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है।
जयवीर सिंह ने बताया कि योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में भारतीय आस्था के धरोहरों को संरक्षित करते हुए श्रद्धालुओं की बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आस्था के साथ विकास की परिकल्पना के आधार पर पूरे प्रदेश में प्राचीन धार्मिक स्थलों, घाटों आदि के पुनरूद्धार की योजनाएं स्वीकृत की गयी है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार भी सृजित करना है। इसके साथ ही धार्मिक विरासत को अगली पीढ़ी के लिए संरक्षित भी करना है।
Also Read- कंगना रनौत ने पीएम मोदी को बताया 'नारीवाद का ध्वजवाहक', विपक्ष की आपत्तियों पर तीखा पलटवार।
What's Your Reaction?









