गोरखपुर और कुशीनगर को 1283 करोड़ के विकास कार्यों का तोहफा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे शिलान्यास व लोकार्पण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर और कुशीनगर जिलों को 1283 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। भटहट-बांसस्थान फोरलेन सड़क का भी लोकार्पण होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने गोरखपुर दौरे के दौरान पूर्वांचल के दो प्रमुख जिलों, गोरखपुर और कुशीनगर को विकास कार्यों का एक बड़ा उपहार देने जा रहे हैं। वे दोनों जिलों के लिए कुल 1283 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न जनोपयोगी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इसके तहत कुशीनगर जिले को 525 करोड़ रुपये की लागत वाली 464 विकास योजनाएं मिलेंगी, जबकि गोरखपुर जिले के लिए लगभग 758 करोड़ रुपये की 24 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई जाएगी। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से स्थानीय नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी।
तय कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में आम जनता से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनने के बाद सीधे कुशीनगर जिले के लिए रवाना होंगे। वे कुशीनगर के टेकुआटार इलाके में आयोजित एक मुख्य समारोह में शामिल होकर रामकोला, हाटा और कुशीनगर विधानसभा क्षेत्रों के लिए बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई अहम योजनाओं की शुरुआत करेंगे। इनमें मुख्य रूप से बेहतर सड़कें, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और सिंचाई तंत्र को मजबूत करने वाली कुल 464 परियोजनाएं शामिल हैं। इस बड़े आयोजन को लेकर दुल्हिन जगरनाथ कुंवरी इंटर कॉलेज के मैदान में एक विशाल मंच तैयार किया गया है, जहां से मुख्यमंत्री जनसभा के माध्यम से जनता से सीधा संवाद करेंगे। इसके साथ ही वे कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई विशेष विकास प्रदर्शनी का भी अवलोकन करेंगे।
कुशीनगर के दौर के बाद मुख्यमंत्री दोपहर बाद गोरखपुर के पिपराइच विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भटहट-बांसस्थान पहुंचेंगे। यहां वे क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए 758 करोड़ रुपये की 24 नई परियोजनाओं की नींव रखेंगे और कुछ का लोकार्पण करेंगे। इस पैकेज में भटहट-बांसस्थान फोरलेन मार्ग सहित करीब 697 करोड़ रुपये की कुल पांच आधुनिक सड़कों का लोकार्पण शामिल है, जो बनकर पूरी तरह तैयार हो चुकी हैं। इसके अलावा, क्षेत्र में आवागमन को और सुगम बनाने तथा पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत वाले 19 नए कार्यों का शिलान्यास भी किया जाएगा। यह सभी कार्य पिपराइच क्षेत्र की जनता के जीवन को आसान बनाने में मददगार होंगे।
इस पूरे आयोजन में सबसे खास भटहट-बांसस्थान फोरलेन मार्ग का लोकार्पण माना जा रहा है। साढ़े ग्यारह किलोमीटर से अधिक लंबे इस मार्ग के चौड़ा होने से न केवल स्थानीय गांवों और कस्बों के लोगों का सफर आसान हुआ है, बल्कि राज्य के पहले महायोगी गुरु गोरखनाथ राज्य आयुष विश्वविद्यालय आने-जाने वाले मरीजों और छात्रों को भी सीधी कनेक्टिविटी मिल गई है। फोरलेन की सुविधा होने से अब विश्वविद्यालय में विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों से इलाज कराने के लिए आने वाले लोगों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होगी। मुख्यमंत्री इस विश्वविद्यालय परिसर का गहन निरीक्षण भी करेंगे और वहां नवनिर्मित छात्र व छात्रा छात्रावासों का लोकार्पण कर सकते हैं।
विकास परियोजनाओं की इस बड़ी सौगात के साथ-साथ मुख्यमंत्री पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनता को जागरूक करने के लिए एक बड़े अभियान की शुरुआत भी करेंगे। वे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के किनारे 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत खुद पौधा लगाकर प्रदेशव्यापी पौधारोपण महायज्ञ का हिस्सा बनेंगे। इस अवसर पर वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिसमें सभी नागरिकों से पर्यावरण को बचाने के लिए इस महाभियान में जिम्मेदारी से शामिल होने की अपील की जाएगी। इस बार राज्य सरकार ने पूरे उत्तर प्रदेश में कुल 35 करोड़ नए पौधे लगाने का एक बड़ा और ऐतिहासिक लक्ष्य तय किया है।
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