Delhi To Noida Airport New Route: दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट के लिए बनेगा नया 8 लेन एक्सप्रेसवे, जानें रूट और किसे मिलेगा फायदा
Delhi-Noida Airport New Route: NHAI दिल्ली सीमा से ग्रेटर नोएडा तक 31 किमी लंबा 8 लेन एक्सप्रेसवे बनाएगा। जानें क्या है नया रूट और किसे मिलेगा इसका सबसे बड़ा फायदा।
- Noida Airport New 8 Lane Expressway: दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट जाना होगा आसान, यमुना पुश्ता मार्ग पर बनेगा 31 किमी लंबा एक्सप्रेसवे
- दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट का सफर होगा सुपरफास्ट! बनने जा रहा नया 8 लेन एक्सप्रेसवे, इन सेक्टर्स की चमकेगी किस्मत
- नोएडा एयरपोर्ट कनेक्टिविटी: NHAI बनाएगा दिल्ली से ग्रेटर नोएडा तक 31 किलोमीटर लंबा नया 8-लेन एक्सप्रेसवे
दिल्ली-एनसीआर के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने और नवनिर्मित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) तक पहुंच को बेहद सुगम बनाने के लिए एक बड़े प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने दिल्ली सीमा से ग्रेटर नोएडा तक एक नए 31 किलोमीटर लंबे, 8-लेन ऊंचे (Elevated) एक्सप्रेसवे का ड्राफ्ट अलाइनमेंट तैयार कर लिया है। यमुना नदी के पुश्ता रोड (Embankment) के साथ बनने वाला यह नया एक्सप्रेसवे मौजूदा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के समानांतर (Parallel) काम करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य जेवर एयरपोर्ट चालू होने के बाद बढ़ने वाले वाहनों के दबाव को संभालना और दिल्ली से सीधे एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को जाम-मुक्त सफर देना है। इस परियोजना के शुरू होने से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट और आर्थिक परिदृश्य को भी एक नई दिशा मिलेगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू होने के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती दिल्ली और आसपास के शहरों से एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले ट्रैफिक को सुगम रास्ता देना है। इसी समस्या के समाधान के लिए एनएचएआई (NHAI) ने 31 किलोमीटर लंबे एक नए 8-लेन एक्सप्रेसवे की रूपरेखा तैयार की है। यह नया कॉरिडोर पूरी तरह से एलिवेटेड यानी पिलर पर टिका होगा और मौजूदा नोएडा एक्सप्रेसवे के विकल्प (Bypass) के रूप में काम करेगा। एनएचएआई ने इसका ड्राफ्ट अलाइनमेंट नोएडा प्राधिकरण को सौंप दिया है, जिसके बाद अब भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
पहले इस प्रोजेक्ट को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा विकसित करने की योजना थी, लेकिन तकनीकी और प्रक्रियात्मक कारणों के बाद केंद्र सरकार के हस्तक्षेप से इसे एनएचएआई को सौंप दिया गया। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के दिशा-निर्देशों के बाद इस पुश्ता रोड कॉरिडोर पर काम ने रफ्तार पकड़ी है।
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कहाँ से कहाँ तक बनेगा नया रूट: यह 8-लेन एक्सप्रेसवे पूर्वी दिल्ली के करीब स्थित ओखला बैराज (नोएडा सेक्टर 94) से शुरू होगा। इसके बाद यह यमुना नदी के पुश्ता (Embankment) के साथ-साथ आगे बढ़ते हुए नोएडा के सेक्टर्स 95, 125 से लेकर 135 तक जाएगा और अंत में ग्रेटर नोएडा के 'ची-4' (Chi-IV) सेक्टर के पास सीधे यमुना एक्सप्रेसवे से कनेक्ट हो जाएगा।
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कनेक्टिविटी के लिए विशेष लूप: इस पूरे 31 किलोमीटर के सफर के दौरान वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए तीन विशेष इंटरचेंज या लूप बनाए जाएंगे। इसके जरिए रास्ते में पड़ने वाले महत्वपूर्ण रिहायशी और कमर्शियल सेक्टर्स के लोग इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ और उतर सकेंगे।
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समय सीमा: अधिकारियों के मुताबिक, डीपीआर की प्रक्रिया अगले तीन महीनों में पूरी कर ली जाएगी, जिसके बाद भूमि को चिह्नित कर निर्माण कार्य शुरू होगा। इस प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए 2 वर्ष (24 महीने) का लक्ष्य रखा गया है।
इस महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट को लेकर प्रशासनिक और व्यावसायिक हल्कों में काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
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नोएडा प्राधिकरण का पक्ष: नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक ए.के. अरोड़ा के अनुसार, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) सतीश पाल की अध्यक्षता में बहु-एजेंसी बैठक आयोजित की गई थी। इसमें यमुना प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, एनएचएआई और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने अलाइनमेंट पर सहमति जताई है। अब तीनों विकास प्राधिकरण मिलकर भूमि की आवश्यकताओं का आकलन कर रहे हैं।
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रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स की राय: रियल एस्टेट विश्लेषकों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट चालू होने के बाद यह कॉरिडोर नोएडा के आईटी और संस्थागत सेक्टर्स के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। कोलायर्स इंडिया जैसी दिग्गज संस्थाओं के मुताबिक, बेहतर कनेक्टिविटी के कारण आगामी वर्षों में इस बेल्ट में कमर्शियल और आवासीय संपत्तियों की कीमतें 15 से 20 प्रतिशत के वार्षिक सीएजीआर (CAGR) से बढ़ सकती हैं।
किसे मिलेगा सबसे बड़ा फायदा?
इस नए 8 लेन एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा सीधे तौर पर तीन प्रमुख वर्गों को मिलेगा:
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हवाई यात्रियों और दिल्ली के वाहन चालकों को: पूर्वी और मध्य दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट (Noida International Airport) जाने वाले लोगों को अब नोएडा शहर के आंतरिक ट्रैफिक और महामाया फ्लाईओवर के भारी जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। वे सीधे ओखला बैराज से चढ़कर बिना किसी सिग्नल के यमुना एक्सप्रेसवे पहुंच सकेंगे।
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नोएडा के इन खास सेक्टर्स को: पुश्ता रोड के किनारे बसे नोएडा के सेक्टर 94, 95, 125, 126, 127, 132 और 135 को इसका सबसे बड़ा रणनीतिक लाभ मिलेगा। इन सेक्टर्स में दर्जनों बड़ी आईटी कंपनियां, बहुराष्ट्रीय कॉरपोरेट ऑफिस, एमिटी जैसी बड़ी यूनिवर्सिटीज और हाई-राइज रेजिडेंशियल सोसायटियां हैं। यहां रहने और काम करने वाले लाखों लोगों के लिए दिल्ली आना-जाना बेहद आसान हो जाएगा।
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लॉजिस्टिक्स और बिजनेस हब को: ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण (YEIDA) के तहत आने वाले औद्योगिक क्षेत्रों, लॉजिस्टिक्स पार्कों और टॉय सिटी/फिल्म सिटी जैसे प्रोजेक्ट्स को दिल्ली से माल ढुलाई के लिए एक तेज और सीधा बाईपास मिल जाएगा।
इस परियोजना को गति देने के लिए एनएचएआई के सलाहकार अगले तीन महीने के भीतर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) सौंपेंगे। इस बीच, नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण उन जमीनों को चिह्नित करने का काम पूरा कर लेंगे जिनका अधिग्रहण किया जाना है। इसके साथ ही, दिल्ली से कनेक्टिविटी को पूरी तरह सिग्नल-फ्री बनाने के लिए दो अन्य प्रोजेक्ट्स पर भी काम चल रहा है, मयूर विहार से महामाया फ्लाईओवर तक बनने वाला 5.5 किलोमीटर का चिल्ला एलिवेटेड रोड (संभावित पूर्णता 2027) और महामाया फ्लाईओवर से पुश्ता रोड को जोड़ने वाला 1.4 किमी का कनेक्टर। जब ये तीनों प्रोजेक्ट्स आपस में मिल जाएंगे, तो दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट का सफर बेहद आसान और रफ्तार से भरा हो जाएगा।
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