भारतीय शेयर बाजार में तीन दिन की गिरावट के बाद जबरदस्त रिकवरी, Sensex 939 अंकों की छलांग के साथ 75,502 पर बंद।
भारतीय शेयर बाजार ने 16 मार्च 2026 को तीन लगातार गिरावट वाले सत्रों के बाद शानदार रिकवरी दर्ज की जहां बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी
- Nifty ने 258 अंकों की बढ़त के साथ 23,408 का स्तर छुआ, ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर में मजबूत खरीदारी से बाजार को बल मिला
- अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सुधार और क्रूड ऑयल में गिरावट के साथ निवेशकों का भरोसा लौटा, लेकिन भू-राजनीतिक तनाव अभी भी चिंता का विषय
भारतीय शेयर बाजार ने 16 मार्च 2026 को तीन लगातार गिरावट वाले सत्रों के बाद शानदार रिकवरी दर्ज की जहां बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों ने मजबूत बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। दिन की शुरुआत में बाजार में उतार-चढ़ाव देखा गया लेकिन दोपहर बाद फाग-एंड बाइंग और वैल्यू बाइंग के कारण सूचकांक ऊपर की ओर बढ़ गए। सेंसेक्स 938.93 अंकों की बढ़त के साथ 75,502.85 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 257.70 अंकों की छलांग लगाकर 23,408.80 पर पहुंचा। यह रिकवरी पिछले सप्ताह की भारी गिरावट के बाद आई जहां भू-राजनीतिक तनाव विशेष रूप से अमेरिका-ईरान संघर्ष और क्रूड ऑयल की तेजी के कारण निवेशक सतर्क थे। बाजार में वोलेटिलिटी बनी रही लेकिन अंतिम घंटों में ऑटोमोबाइल, फाइनेंशियल सर्विसेज और सीमेंट सेक्टर में मजबूत खरीदारी ने सूचकांकों को नई ऊंचाई पर पहुंचाया। कुल मिलाकर बाजार ने पिछले तीन सत्रों में हुई करीब 5 प्रतिशत की गिरावट का एक बड़ा हिस्सा वापस हासिल कर लिया और निवेशकों में राहत की भावना पैदा हुई।
पहले सत्र में बाजार ने मिश्रित रुख अपनाया जहां सेंसेक्स 74,415.79 से खुलकर दिन के निचले स्तर 73,950.62 तक गिरा लेकिन फिर तेजी से रिकवर करके उच्च स्तर 75,805.27 तक पहुंचा। निफ्टी भी 23,116.10 से शुरू होकर 23,502.00 तक चढ़ा। शुरुआती घंटों में वैश्विक संकेतों का असर दिखा जहां एशियाई बाजारों में सुधार और वॉल स्ट्रीट की टेक-लेड रैली ने सकारात्मक माहौल बनाया। क्रूड ऑयल में मामूली सुधार ने भी निवेशकों को राहत दी क्योंकि पिछले दिनों ऑयल की कीमतों में उछाल ने इंपोर्ट बिल बढ़ाने की चिंता पैदा की थी। भारतीय बाजार में बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स ने मजबूत प्रदर्शन किया जहां प्रमुख बैंकों के शेयरों में खरीदारी देखी गई। ऑटो सेक्टर में भी दोपहर बाद तेजी आई क्योंकि निवेशकों ने वैल्यूएशन आकर्षक होने पर पोजीशन बनाई। दिन भर में कई बार लीड बदलाव हुए लेकिन अंतिम घंटे में फाग-एंड बाइंग ने बाजार को मजबूती प्रदान की।
दिन के दौरान प्रमुख सेक्टरों में ऑटो और फाइनेंशियल ने बाजार को सबसे ज्यादा सपोर्ट दिया जहां महिंद्रा एंड महिंद्रा और ग्रासिम जैसे स्टॉक्स में 3 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज हुई। बैंकिंग इंडेक्स में मजबूत खरीदारी ने निफ्टी को 23,400 के स्तर से ऊपर बनाए रखा जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज में एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे बड़े स्टॉक्स ने योगदान दिया। सीमेंट सेक्टर में भी अच्छा प्रदर्शन रहा जहां कंपनियों के शेयरों में तेजी आई। दूसरी ओर मेटल और आईटी सेक्टर में कुछ दबाव रहा लेकिन कुल मिलाकर ब्रॉड मार्केट में पॉजिटिव ब्रेड्थ दिखी। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए जिससे बाजार की रिकवरी व्यापक साबित हुई। विदेशी निवेशकों की बिकवाली पिछले महीने से जारी थी लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को संभाला।
बाजार की इस रिकवरी के पीछे कई कारक काम कर रहे थे जिसमें क्रूड ऑयल की कीमतों में सुधार प्रमुख था क्योंकि पिछले दिनों वेस्ट एशिया में तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर से ऊपर चला गया था। सरकारी पुष्टि के बाद कि एलपीजी टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गए हैं इससे भी निवेशकों का भय कम हुआ। एशियाई बाजारों में निक्केई और शंघाई की तेजी तथा वॉल स्ट्रीट की रात भर की रैली ने ग्लोबल सेंटिमेंट को बेहतर बनाया। भारतीय रुपये में भी स्थिरता आई जिससे एक्सपोर्ट ओरिएंटेड सेक्टरों को फायदा हुआ। हालांकि भू-राजनीतिक जोखिम अभी भी बने हुए हैं लेकिन बाजार ने शॉर्ट कवरिंग और वैल्यू बाइंग के माध्यम से मजबूत रिबाउंड दिखाया।
सेंसेक्स बंद: 75,502.85 (+938.93 अंक, +1.26%)
निफ्टी बंद: 23,408.80 (+257.70 अंक, +1.11%)
दिन का उच्च स्तर: सेंसेक्स 75,805.27,
निफ्टी 23,502.00 दिन का निम्न स्तर: सेंसेक्स 73,950.62,
निफ्टी 23,116.10 प्रमुख लाभकारी सेक्टर: ऑटो, फाइनेंशियल, सीमेंट
17 मार्च 2026 को बाजार में वीकली एक्सपायरी के कारण वोलेटिलिटी बनी रहने की उम्मीद है जहां निफ्टी 23,400 के ऊपर टिके रहने पर और मजबूती दिखा सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि ग्लोबल ऑयल प्राइस स्थिर रहते हैं तो बाजार 23,500-23,600 के स्तर की ओर बढ़ सकता है लेकिन किसी भी नकारात्मक खबर पर गिरावट आ सकती है। ट्रेड सेटअप में निफ्टी 61.80% रेजिस्टेंस स्तर पर है जहां ब्रेकआउट या रिवर्सल दोनों संभव हैं। निवेशकों को सतर्क रहते हुए फंडामेंटली मजबूत स्टॉक्स पर फोकस करने की सलाह दी जा रही है। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में जारी रुचि बाजार को सपोर्ट दे सकती है जबकि एनर्जी प्राइस और एफपीआई फ्लो पर नजर रखनी होगी।
पिछले कुछ सत्रों की गिरावट मुख्य रूप से अमेरिका-ईरान तनाव और क्रूड ऑयल की तेजी से आई थी जहां निफ्टी 23,151 तक गिर गया था लेकिन अब रिकवरी से बाजार ने नया मोमेंटम हासिल किया है। घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी और डिप बाइंग ने बाजार को संभाला जबकि विदेशी फंडों की बिकवाली धीमी पड़ सकती है। आने वाले दिनों में कॉर्पोरेट अर्निंग्स और ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा बाजार की दिशा तय करेंगे। कुल मिलाकर यह रिकवरी भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है जहां सेक्टरल रोटेशन और सिलेक्टिव बाइंग प्रमुख रणनीति बनी हुई है।
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