Lucknow : ईंधन संरक्षण और आर्थिक संयम को बढ़ावा देने के लिए सरकार और उद्योग आये साथ

बैठक के दौरान विभिन्न उद्योग संगठनों ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। लघु उद्योग भारती ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नेट मीटरिंग व्यवस्था को पुनः लागू करने की मांग की, जबकि फिक्की ने बिटुमेन आयात कम करने के लिए माइक्रोसर

May 14, 2026 - 00:19
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Lucknow : ईंधन संरक्षण और आर्थिक संयम को बढ़ावा देने के लिए सरकार और उद्योग आये साथ
Lucknow : ईंधन संरक्षण और आर्थिक संयम को बढ़ावा देने के लिए सरकार और उद्योग आये साथ

आईआईडीसी दीपक कुमार ने उद्योगों से ईंधन संरक्षण एवं आर्थिक संयम अपनाने का किया आह्वान

लखनऊ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किए गए ईंधन संरक्षण एवं आर्थिक संयम के आह्वान के क्रम में इन्वेस्ट यूपी ने मंगलवार को प्रदेश के प्रमुख उद्योग संगठनों के साथ एक उच्चस्तरीय वर्चुअल बैठक आयोजित की। बैठक का उद्देश्य जिम्मेदार संसाधन उपयोग, ऊर्जा दक्षता और सतत औद्योगिक कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देना था।

बैठक की अध्यक्षता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) दीपक कुमार ने की, जबकि सह-अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, आलोक कुमार ने की। बैठक में ईंधन पर निर्भरता कम करने, परिचालन लागत को नियंत्रित करने तथा वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच आर्थिक मजबूती बढ़ाने के व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक को संबोधित करते हुए दीपक कुमार ने उद्योगों से अपील की कि वे ईंधन की अनावश्यक खपत को कम करने के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH), वर्चुअल मीटिंग्स, कार पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दें। उन्होंने प्राकृतिक प्रकाश के अधिकतम उपयोग, अनावश्यक सजावटी रोशनी में कमी तथा बिजली की बचत पर भी जोर दिया।

सतत लॉजिस्टिक्स के महत्व को रेखांकित करते हुए IIDC ने उद्योगों से जहां संभव हो, माल परिवहन को सड़क मार्ग से रेल मार्ग की ओर स्थानांतरित करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने स्थानीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) पहल को मजबूत करने और आयात पर अनावश्यक निर्भरता कम कर आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक के दौरान विभिन्न उद्योग संगठनों ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। लघु उद्योग भारती ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नेट मीटरिंग व्यवस्था को पुनः लागू करने की मांग की, जबकि फिक्की ने बिटुमेन आयात कम करने के लिए माइक्रोसरफेसिंग और फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (FDR) जैसी आधुनिक सड़क तकनीकों के उपयोग का सुझाव दिया। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) ने ईवी सब्सिडी के शीघ्र क्रियान्वयन और अलग सौर नीति की मांग की, वहीं सीआईआई ने ट्रैफिक और ईंधन खपत कम करने के लिए चरणबद्ध कार्यालय समय और हाइब्रिड स्कूलिंग मॉडल का सुझाव दिया।

इस वर्चुअल बैठक में एसोचैम, फिक्की, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII), नैसकॉम इंडिया, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA), पीएचडीसीसीआई, मर्चेंट्स चैंबर ऑफ उत्तर प्रदेश, ईस्टर्न यूपी एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन, साहिबाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ELCINA), क्रेडाई सहित कई प्रमुख उद्योग संगठनों ने भाग लिया और सरकार की अपील को व्यापक स्तर पर उद्योगों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

बैठक के समापन पर दीपक कुमार ने सभी उद्योग संगठनों से इन उपायों को अपने सदस्यों के बीच सक्रिय रूप से प्रचारित करने का आग्रह करते हुए कहा कि सरकार और उद्योगों की साझा भागीदारी ही उत्तर प्रदेश में सतत विकास और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करेगी।

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