Lucknow : उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने उद्यान विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक की

बैठक के दौरान पर ड्रॉप मोर क्रॉप-माइक्रोइरीगेशन, एकीकृत बागवानी विकास कार्यक्रम, मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना, फलपट्टी विकास योजना, पान उत्पादन को प्रो

Feb 2, 2026 - 22:38
Feb 2, 2026 - 22:39
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Lucknow : उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने उद्यान विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक की
Lucknow : उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने उद्यान विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक की

  • योजनाओं का लाभ पात्र कृषकों तक समयबद्ध और पारदर्शी रूप से पहुँचाने के कड़े निर्देश
  • आलू भंडारण की तैयारियों और अन्य राज्यों में निर्यात की संभावनाओं को तलाशने पर दिया जोर

लखनऊ : प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को सरकारी आवास पर उद्यान विभाग द्वारा संचालित समस्त औद्यानिक विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों की गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभागीय अधिकारी वर्चुअली उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान पर ड्रॉप मोर क्रॉप-माइक्रोइरीगेशन, एकीकृत बागवानी विकास कार्यक्रम, मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना, फलपट्टी विकास योजना, पान उत्पादन को प्रोत्साहन योजना आदि के अंतर्गत संचालित औद्यानिक कार्यक्रमों- ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई, संरक्षित खेती, औद्यानिक फसलों का विस्तार, रोपण सामग्री उत्पादन, नर्सरी का सुदृढ़ीकरण, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, पान उत्पादन तथा कटाई उपरांत प्रबंधन आदि की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

मंत्री सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों की आय में वृद्धि करना तथा उद्यानिकी को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का सशक्त आधार बनाना है। इसके लिए फल, सब्जी, फूल, मसाला, औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा देने हेतु संचालित योजनाओं का प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन आवश्यक है।

उद्यान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ पात्र कृषकों तक समयबद्ध रूप से पहुंचे। उन्होंने कहा कि योजनाओं के चयन, स्वीकृति एवं अनुदान वितरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लाभार्थियों के आवेदन की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बनाया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर फील्ड स्तर की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, किसानों को नवीन तकनीकों, उन्नत किस्मों एवं आधुनिक उद्यानिकी पद्धतियों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों और प्रदर्शन इकाइयों की संख्या बढ़ाई जाए।उन्होंने कहा कि आलू की खुदाई का समय समीप है अतः प्रदेश के सभी शीतगृहों में आलू भंडारण की तैयारी पूर्ण कर ली जाए। आलू के भंडारण तथा विपणन में आलू किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। आलू की अच्छी पैदावार की संभावना के दृष्टिगत अन्य प्रदेशों में आलू के निर्यात की संभावनाओं को तलाशा जाए।

उद्यान मंत्री ने निर्यातोन्मुखी फसलों को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रदेश में उत्पादित उच्च गुणवत्ता वाले फल-सब्जियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस, प्रसंस्करण इकाइयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं का विस्तार किया जाए। हाईटेक नर्सरियों का सुचारू संचालन के साथ उनके माध्यम से पर ब्लॉक वन क्रॉप कार्यक्रम को प्रोत्साहित किया जाए। इससे किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी क्षेत्र में नवाचार, निजी निवेश एवं एफपीओ की भागीदारी को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है।

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