Raebareli : बिजली बिल में दस फीसदी की बढ़ोतरी जनता पर भारी बोझ, समाजवादी चिंतक ओपी यादव ने जताई नाराजगी
समाजवादी चिंतक ओपी यादव ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर उपभोक्ताओं का शोषण कर रहा है। विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े व्यावसायिक (कमर्शियल) कनेक्शनों की जगह घरेलू कनेक्शन दिए जा रहे हैं, जिससे सरकार को भारी राजस्व का
रायबरेली के सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ समाजवादी चिंतक ओपी यादव ने राज्य सरकार द्वारा बिजली के दामों में दस प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने सरकार के इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक तरफ तो भीषण गर्मी में बिजली की लगातार कटौती और खराब आपूर्ति से आम जनता पहले से ही बेहद परेशान है, वहीं दूसरी तरफ बिजली दरों में इस वृद्धि ने जनता की मुसीबतों को और ज्यादा बढ़ा दिया है।
समाजवादी चिंतक ओपी यादव ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर उपभोक्ताओं का शोषण कर रहा है। विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े व्यावसायिक (कमर्शियल) कनेक्शनों की जगह घरेलू कनेक्शन दिए जा रहे हैं, जिससे सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा पैसे लेकर बिना मीटर के भी अवैध रूप से बिजली की सप्लाई कराई जा रही है। इन गलत हरकतों की वजह से बिजली विभाग तो लगातार घाटे में जा रहा है, लेकिन विभाग के भ्रष्ट कर्मचारियों की तिजोरियां भर रही हैं। उन्होंने ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि उनके कार्यकाल में उपभोक्ताओं पर लगातार नए-नए फरमान थोपे जा रहे हैं। ओपी यादव ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री से आम जनता के हित में बिजली की बढ़ी हुई दरें तुरंत वापस लेने और बिजली आपूर्ति में आने वाली बाधाओं को दूर करने की मांग की है।
Also Click : Lucknow : पहले ठप थी भर्ती, योगी सरकार ने 33 हजार से अधिक माध्यमिक शिक्षकों को किया नियुक्त
What's Your Reaction?




