Sitapur : खैराबाद दर्पण किताब में समाहित है पूरे कस्बे का इतिहास, लियाक़त अली एमए ने काजिम हुसैन को भेंट की पुस्तक

इस मुलाकात के दौरान लियाक़त अली एमए ने काजिम हुसैन को अपनी किताब “खैराबाद दर्पण” भेंट की। उन्होंने बताया कि इस किताब को लिखने में उनके जीवन के बहुत से अनुभव और सच्चाइयां जुड़ी हुई हैं। किताब के लिए जानकारियां जुटाने और इसे

May 26, 2026 - 22:05
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Sitapur : खैराबाद दर्पण किताब में समाहित है पूरे कस्बे का इतिहास, लियाक़त अली एमए ने काजिम हुसैन को भेंट की पुस्तक
Sitapur : खैराबाद दर्पण किताब में समाहित है पूरे कस्बे का इतिहास, लियाक़त अली एमए ने काजिम हुसैन को भेंट की पुस्तक

Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर

सीतापुर के खैराबाद कस्बे के जाने-माने शिक्षाविद् लियाक़त अली एमए की लिखी ऐतिहासिक किताब “खैराबाद दर्पण” साल दो हजार सत्रह में छपी थी। चार सौ बीस पन्नों की इस किताब में करीब अस्सी विषयों के बारे में विस्तार से बताया गया है। इस किताब में कस्बे के स्कूलों, मदरसों, कॉलेजों, दरगाहों, मंदिरों, मस्जिदों, धर्मशालाओं, ऐतिहासिक इमारतों और तालाबों के साथ-साथ खैराबाद के रहन-सहन और संस्कृति को अच्छे से समेटा गया है। पिछले दिनों अल्लामा फ़ज़ले हक़ खैराबादी मेमोरियल कॉलेज के संचालक और शिक्षक काजिम हुसैन मुलाकात करने के लिए लियाक़त अली एमए के घर पहुंचे। इस दौरान उनके बीच पढ़ाई-लिखाई, समाज और साहित्य से जुड़ी बातों पर लंबी चर्चा हुई।

इस मुलाकात के दौरान लियाक़त अली एमए ने काजिम हुसैन को अपनी किताब “खैराबाद दर्पण” भेंट की। उन्होंने बताया कि इस किताब को लिखने में उनके जीवन के बहुत से अनुभव और सच्चाइयां जुड़ी हुई हैं। किताब के लिए जानकारियां जुटाने और इसे पूरी तरह तैयार करने में उन्हें करीब ग्यारह साल का लंबा समय लगा, जिससे उन्हें मन की शांति मिली। उन्होंने कहा कि इस काम में उन्हें हर धर्म के लोगों, धर्म गुरुओं, संतों, स्कूल प्रबंधकों और शिक्षकों का पूरा सहयोग मिला, जिसके लिए वह हमेशा सबके मददगार रहेंगे।

काजिम हुसैन ने कहा कि लियाक़त अली एमए ने हमेशा समाज में शिक्षा को आगे बढ़ाने और खास तौर पर बेटियों की पढ़ाई को मजबूत करने पर बहुत ध्यान दिया। उनका मानना है कि एक बेटी के पढ़ने से समाज के साथ-साथ दो परिवार आगे बढ़ते हैं। उन्होंने किताब मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस पुस्तक को पूर्व सांसद स्वर्गीय मोहसिना किदवई, पूर्व अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हनीफ़ अंसारी, हाजी जलीस अंसारी, क़मर आलम और डॉक्टर फ़िदा हुसैन अंसारी जैसी कई बड़ी हस्तियों से सम्मान मिल चुका है। इस मौके पर काजिम हुसैन के बेटे हमज़ा सिद्दीकी भी मौजूद रहे, जिन्हें लियाक़त अली एमए ने अपना आशीर्वाद देते हुए किताब भेंट की।

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