Success Story Of Hardoi : प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से बदली प्रभा शुक्ला की किस्मत, आटा चक्की से शुरू कर खड़ा किया करोड़ों का व्यापार

प्रभा शुक्ला ने बताया कि उन्हें खादी ग्रामोद्योग विभाग के माध्यम से केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम' योजना के बारे में जानकारी मिली थी। अपने काम को बड़ा रूप देने और आटा चक्की का बड़ा कारखाना लगाने के लिए उन्होंने खादी ग्रामोद्योग विभाग

Jun 3, 2026 - 22:48
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Success Story Of Hardoi : प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से बदली प्रभा शुक्ला की किस्मत, आटा चक्की से शुरू कर खड़ा किया करोड़ों का व्यापार
Success Story Of Hardoi : प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से बदली प्रभा शुक्ला की किस्मत, आटा चक्की से शुरू कर खड़ा किया करोड़ों का व्यापार

हरदोई जिले के हरियावां विकास खंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम हरियावां की रहने वाली प्रभा शुक्ला पत्नी विनय कुमार शुक्ला ने अपनी कड़ी मेहनत और सरकारी योजना के सहयोग से कामयाबी की एक नई इबारत लिखी है। एक समय साधारण गृहणी रहने के साथ-साथ छोटे स्तर पर आटा चक्की चलाने वाली प्रभा शुक्ला आज एक बड़े आटा कारखाने की मालकिन हैं और उनका सालाना कारोबार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

प्रभा शुक्ला ने बताया कि उन्हें खादी ग्रामोद्योग विभाग के माध्यम से केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम' योजना के बारे में जानकारी मिली थी। अपने काम को बड़ा रूप देने और आटा चक्की का बड़ा कारखाना लगाने के लिए उन्होंने खादी ग्रामोद्योग विभाग में आवेदन किया। उनके प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलते ही उन्हें पच्चीस लाख रुपये का लोन स्वीकृत किया गया। इसके साथ ही सरकार की तरफ से उन्हें इस लोन राशि पर 35 प्रतिशत की भारी छूट यानी लगभग आठ लाख पचहत्तर हजार रुपये की सब्सिडी भी दी गई।

इस सरकारी मदद से उन्होंने अपने कारखाने की शुरुआत की, जिसने उनके व्यापार को एक नई रफ्तार दी। शुरुआती दौर में उनका सालाना व्यापार लगभग तीन लाख रुपये का होता था, लेकिन लोन मिलने और आधुनिक मशीनें लगाने के बाद उनके कारोबार में लगातार बढ़ोतरी होती गई। इसके बाद उनका सालाना टर्नओवर चालीस लाख रुपये तक पहुंचा और उनके बेहतर प्रबंधन के कारण अब यह सालाना कारोबार एक करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है।

इस बड़े आटा कारखाने की स्थापना से न केवल प्रभा शुक्ला आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि उन्होंने अपने ग्रामीण क्षेत्र के कई अन्य स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर दिए हैं। आज प्रभा शुक्ला और उनका पूरा परिवार एक बेहद खुशहाल जीवन जी रहा है। वह अपने इस आत्मनिर्भर सफर और कामयाबी से पूरी तरह संतुष्ट और बेहद खुश हैं। उनका यह प्रयास ग्रामीण क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।

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