Lucknow : लखनऊ अग्निकांड के बाद परिवहन विभाग हुआ मुस्तैद, बसों में आग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जांचने के लिए शुरू होगा विशेष अभियान

परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि हालिया अग्निकांड से यह साफ हो गया है कि किसी भी आपात स्थिति में अग्नि सुरक्षा उपकरणों का तैयार मिलना लोगों की जान बचाने के लिए सबसे जरूरी है।

Jun 26, 2026 - 00:36
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Lucknow : लखनऊ अग्निकांड के बाद परिवहन विभाग हुआ मुस्तैद, बसों में आग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जांचने के लिए शुरू होगा विशेष अभियान
Lucknow : लखनऊ अग्निकांड के बाद परिवहन विभाग हुआ मुस्तैद, बसों में आग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जांचने के लिए शुरू होगा विशेष अभियान

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड के बाद आम जनता और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर हो गई है। ऐसे हादसों को दोबारा होने से रोकने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने एक बड़ा सुरक्षा कदम उठाया है। परिवहन आयुक्त के आदेश पर पूरे प्रदेश में एक महीने तक चलने वाला विशेष जांच अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके तहत सभी स्लीपर बसों, स्कूल बसों, स्टेज कैरिज और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बसों में आग बुझाने वाले उपकरणों की मौजूदगी और उनके सही तरीके से काम करने की गहनता से पड़ताल की जाएगी।

परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि हालिया अग्निकांड से यह साफ हो गया है कि किसी भी आपात स्थिति में अग्नि सुरक्षा उपकरणों का तैयार मिलना लोगों की जान बचाने के लिए सबसे जरूरी है। इसी वजह से सभी संभागीय और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों को जमीन पर उतरकर सख्ती से चेकिंग करने को कहा गया है। अब से किसी भी बस की फिटनेस जांच के समय उसमें लगे अग्निशमन यंत्र की क्षमता, वैधता और उसके सही स्थान पर रखे होने की विशेष रूप से जांच की जाएगी। अधिकारियों को यह भी देखना होगा कि उपकरण समय पर रिफिल कराए गए हों।

नए नियमों के अनुसार, जिन भी यात्री या स्कूल वाहनों में आग बुझाने के यंत्र नहीं मिलेंगे, या वे खराब हालत में होंगे, उनका फिटनेस सर्टिफिकेट तब तक रोक दिया जाएगा जब तक वे इन कमियों को दूर नहीं कर लेते। इसके साथ ही दोषी वाहन स्वामियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। चेकिंग टीम बस अड्डों, मुख्य सड़कों, टोल प्लाजा और जिला सीमाओं पर सक्रिय रहकर बसों को खंगालेंगी। स्लीपर बसों में विशेष रूप से आपातकालीन गेट, हथौड़े, बिजली के तारों की स्थिति देखी जाएगी, जबकि स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का मिलान किया जाएगा। परिवहन विभाग ने बस संचालकों, कंपनियों और स्कूल प्रबंधनों को इस नियम का पालन करने के लिए सचेत किया है और सभी क्षेत्रीय अधिकारियों से रोजाना की कार्रवाई की रिपोर्ट मुख्यालय भेजने को कहा है।

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