UPITS 2026: उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो की तारीखें घोषित, वैश्विक मंच पर दिखेगी राज्य की विनिर्माण ताकत

उत्तर प्रदेश सरकार ने चौथे इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2026) की तारीखों की घोषणा कर दी है। ग्रेटर नोएडा में यह मेगा इवेंट राज्य के उद्योगों को वैश्विक मंच देगा।

Jun 28, 2026 - 11:50
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UPITS 2026: उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो की तारीखें घोषित, वैश्विक मंच पर दिखेगी राज्य की विनिर्माण ताकत
UP International Trade Show 2026
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उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार और विनिर्माण का बड़ा केंद्र बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने अपने सबसे प्रतिष्ठित आयोजन 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो' के चौथे संस्करण की घोषणा कर दी है। इस विशाल व्यापार मेले का आयोजन ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में किया जाएगा। यह मेगा इवेंट वैश्विक खरीदारों, घरेलू बड़े व्यवसायों और उपभोक्ताओं को एक साझा मंच प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य इसके जरिए उत्तर प्रदेश की विनिर्माण क्षमता, पारंपरिक शिल्प और उभरते हुए स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। इस घोषणा के बाद से ही देश-विदेश के निर्यातकों और व्यापारिक संगठनों के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार और फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO) के संयुक्त तत्वावधान में चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2026) का आयोजन होने जा रहा है। इस विशाल वैश्विक प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य राज्य के लघु, मध्यम और भारी उद्योगों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना है। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस साल का आयोजन पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक बड़े पैमाने पर करने की योजना बनाई गई है, जिससे राज्य की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की राह आसान हो सके।

ग्रेटर नोएडा का इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट एक बार फिर दुनिया भर के उद्यमियों और निवेशकों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। शासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, यह ट्रेड शो पांच दिनों तक चलेगा, जिसमें शुरुआती दिन मुख्य रूप से बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकों के लिए आरक्षित रहेंगे और अंतिम दिनों में आम जनता (B2C) को प्रवेश दिया जाएगा। इस प्रदर्शनी में राज्य के सभी 75 जिलों के उत्पादों का प्रदर्शन होगा।

इस साल के आयोजन को तीन आयामी दृष्टिकोण के साथ डिजाइन किया गया है, जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय खरीदार, घरेलू व्यापारिक प्रतिनिधि और स्थानीय उपभोक्ता एक ही छत के नीचे आ सकेंगे। विदेशी खरीदारों को आकर्षित करने के लिए सरकार ने विशेष 'होस्टेड बायर प्रोग्राम' भी शुरू किया है। इसके अंतर्गत चयनित विदेशी व्यापारिक प्रतिनिधियों को हवाई यात्रा और ठहरने की विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं ताकि व्यापारिक समझौतों की संख्या में इजाफा हो सके।

राज्य के औद्योगिक विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह ट्रेड शो केवल एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह मुख्यमंत्री के उस सपने को सच करने का माध्यम है जिसमें उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा निर्यात हब बनाने की परिकल्पना की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले तीन संस्करणों की अपार सफलता और लगभग 5 लाख से अधिक आगंतुकों की आमद ने यह साबित कर दिया है कि दुनिया भर में उत्तर प्रदेश के उत्पादों की मांग बढ़ रही है। विभिन्न जिलों के कारीगरों और एमएसएमई (MSME) संचालकों ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा है कि इस मंच के जरिए उन्हें बिना किसी बिचौलिए के सीधे विदेशी निर्यातकों से जुड़ने का मौका मिलता है।

इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का सीधा असर उत्तर प्रदेश के विनिर्माण क्षेत्र और स्थानीय रोजगार पर पड़ेगा। 'एक जिला-एक उत्पाद' (ODOP) योजना के तहत आने वाले हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद, कालीन, चमड़े के सामान और पीतल के बर्तनों को इस बार बड़े और आधुनिक स्टॉलों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों को भी एक बड़ा स्पेस दिया जा रहा है। इससे राज्य में नए विदेशी निवेश के रास्ते खुलेंगे और स्थानीय विनिर्माण इकाइयों को वैश्विक स्तर के मानक समझने में मदद मिलेगी।

तारीखों के औपचारिक ऐलान के साथ ही जिला प्रशासन और एक्सपो मार्ट प्रबंधन ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के पंजीकरण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। आने वाले दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में रोड-शो का आयोजन भी किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक घरेलू कंपनियों को इस महाकुंभ का हिस्सा बनाया जा सके। सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आगंतुकों की सुविधा के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों को भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

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