Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी टिन्नू यादव के ठिकानों पर रेड

अयोध्या के राम मंदिर में भक्तों के चढ़ावे की चोरी के मामले में पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्य आरोपी टिन्नू यादव समेत आठ आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी जारी है।

By INA News Desk
Jun 28, 2026 - 11:47
80 Views
Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी टिन्नू यादव के ठिकानों पर रेड
Ram Mandir donation theft
Advertisement
Advertisement
  • Ayodhya Ram Mandir Donation Theft: टिन्नू यादव समेत 8 आरोपियों के ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी, एक्शन तेज
  • अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: मुख्य आरोपी टिन्नू यादव समेत सभी आरोपियों के घरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी
  • Ayodhya Breaking: राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में पुलिस का बड़ा एक्शन, आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी जारी

उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे और दान राशि में हेराफेरी के मामले में पुलिस प्रशासन ने अपनी कार्रवाई को काफी तेज कर दिया है। विशेष जांच टीम (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर दर्ज हुई प्राथमिकी के बाद पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव सहित कुल आठ आरोपियों के आवासीय और व्यावसायिक ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। इस पूरे मामले में अब तक भारी मात्रा में नकदी बरामद की जा चुकी है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस वित्तीय गड़बड़ी के तार कहाँ-कहाँ जुड़े हैं और इसमें कौन-से अन्य लोग शामिल हो सकते हैं। इस बड़ी कार्रवाई से मंदिर परिसर और आस-पास के क्षेत्रों में हड़कंप मचा हुआ है

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब मंदिर के दानपात्रों से चढ़ावे की राशि गायब होने की शिकायतें सार्वजनिक पटल पर आईं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शासन स्तर पर तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी ने मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज, बैंक के आउटसोर्सिंग कर्मियों के रिकॉर्ड और दानपात्रों की सुरक्षा व्यवस्था की गहनता से पड़ताल की। जांच में सामने आया कि नोटों की गिनती करने वाली विंग और सुरक्षा प्रबंधन से जुड़े कुछ लोगों ने मिलकर एक सोची-समझी साजिश के तहत इस कार्य को अंजाम दिया।

दर्ज हुई प्राथमिकी के बाद पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए पुलिस की टीमों ने आरोपियों के घरों और उनसे जुड़े परिसरों की तलाशी लेना शुरू किया। मुख्य आरोपी टिन्नू यादव के एक हॉस्टल के कमरों से पुलिस ने करीब 20 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। अब तक हुई छापेमारी में कुल मिलाकर लगभग 80 लाख रुपये की धनराशि बरामद की जा चुकी है, जिसे मामले के मुख्य साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है।

इस पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि जनभावनाओं और सनातन धर्म की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन को पूरी पारदर्शिता और कठोरता के साथ जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी तरफ, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी इस घटना पर गहरा खेद व्यक्त किया है और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कुछ जिम्मेदार चेहरों ने अपने पदों से इस्तीफे की पेशकश भी की है। ट्रस्ट के सदस्यों का कहना है कि वे इस मामले में जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग प्रदान कर रहे हैं ताकि पीड़ितों (श्रद्धालुओं) के भरोसे को ठेस न पहुंचे।

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले दान और चढ़ावे की राशि में बड़े पैमाने पर हेराफेरी और चोरी का मामला सामने आया है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित की गई विशेष जांच टीम (SIT) की जांच रिपोर्ट के बाद पुलिस ने कुल आठ नामजद लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश और विश्वासघात का मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद मुख्य आरोपी टिन्नू यादव सहित सभी आठों आरोपियों को हिरासत में लिया गया था, और अब पुलिस उनके विभिन्न ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान और छापेमारी कर रही है ताकि चोरी की गई पूरी राशि और अन्य साक्ष्य बरामद किए जा सकें।

राम मंदिर जैसे अति-संवेदनशील और करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र से जुड़े इस मामले के सामने आने के बाद पूरे देश में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अयोध्या नगरी के संतों और स्थानीय नागरिकों ने इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग उठाई है। इस घटना के बाद मंदिर ट्रस्ट के भीतर दान राशि की गिनती, उसके रख-रखाव और सुरक्षा के लिए तैनात की जाने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसियों की चयन प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ऑडिट व्यवस्था को और अधिक कड़ा करने की तैयारी की जा रही है।

अयोध्या पुलिस और एसआईटी की संयुक्त टीमें इस समय आरोपियों के अन्य संभावित करीबियों और बैंक खातों की भी बारीकी से जांच कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी की यह प्रक्रिया अभी जारी रहेगी क्योंकि इस घोटाले में कुछ अन्य बाहरी लोगों या सहयोगियों के शामिल होने की पूरी आशंका बनी हुई है। कोर्ट से मिली रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी ताकि इस पूरी साजिश की तह तक पहुंचा जा सके और गायब हुई शेष धनराशि की शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित की जा सके।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement