यूपी में पूर्व खिलाड़ियों को मिल रही पेंशन: योगी सरकार दे रही मासिक आर्थिक सहायता, अर्जुन अवार्डियों को हर महीने 20 हजार

उत्तर प्रदेश सरकार खेल विभाग की योजना के तहत पूर्व खिलाड़ियों को मासिक आर्थिक सहायता दे रही है। अर्जुन और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताओं को बड़ी राहत।

Jul 10, 2026 - 21:38
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यूपी में पूर्व खिलाड़ियों को मिल रही पेंशन: योगी सरकार दे रही मासिक आर्थिक सहायता, अर्जुन अवार्डियों को हर महीने 20 हजार
उत्तर प्रदेश में भूतपूर्व खिलाड़ियों का बुढ़ापा सुधारेगी सरकार, सैकड़ों खिलाड़ियों को हर महीने सीधे बैंक खाते में भेजी जा रही आर्थिक मदद

उत्तर प्रदेश की सरकार खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ मैदान से दूर हो चुके भूतपूर्व खिलाड़ियों के सम्मान और बुढ़ापे की सुरक्षा के लिए भी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश पर खेल विभाग द्वारा चलाई जा रही 'भूतपूर्व खिलाड़ी आर्थिक सहायता योजना' बुजुर्ग और जरूरतमंद खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा सहारा बनकर सामने आई है। इस कल्याणकारी योजना के जरिए पिछले एक वित्तीय वर्ष के भीतर राज्य के कुल 223 पूर्व खिलाड़ियों को मासिक पेंशन के रूप में वित्तीय मदद उपलब्ध कराई गई है।

इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसका दायित्व केवल राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं तक सीमित नहीं है। इसका लाभ देश का नाम चमकाने वाले अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार, ध्यानचंद पुरस्कार और खेल रत्न विजेताओं से लेकर राज्य स्तर पर उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले पुराने खिलाड़ियों को भी समान रूप से मिल रहा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की इस अनूठी पहल से जहां एक तरफ उम्रदराज खिलाड़ियों को तंगी के दिनों में सम्मानजनक जीवन जीने का आधार मिला है, वहीं खेल जगत में उनके द्वारा दिए गए पुराने योगदान को भी एक नई पहचान मिली है।

सरकारी नियमों के अनुसार, देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कारों जैसे अर्जुन, द्रोणाचार्य, ध्यानचंद और खेल रत्न से सम्मानित खिलाड़ियों के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले पद्मश्री व पद्मभूषण पुरस्कार प्राप्त उत्तर प्रदेश के पूर्व खिलाड़ियों को हर महीने 20 हजार रुपये की निश्चित आर्थिक सहायता सीधे ट्रांसफर की जा रही है। इन राष्ट्रीय स्तर के महान खिलाड़ियों के लिए सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की सालाना या मासिक आय की सीमा तय नहीं की गई है। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना से 52 अर्जुन पुरस्कार विजेताओं, 9 द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताओं, 5 ध्यानचंद पुरस्कार विजेताओं और दो पद्मश्री विजेताओं को 20-20 हजार रुपये प्रति माह की सहायता राशि से सीधे लाभान्वित किया गया है।

इसी तरह, राष्ट्रीय और राज्य स्तर के खिलाड़ियों के लिए भी विभाग ने आर्थिक मदद की श्रेणी तय की है। योजना के तहत राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा चुके 126 पूर्व खिलाड़ियों को हर महीने 4 हजार रुपये, राष्ट्रीय स्तर के 24 खिलाड़ियों को हर महीने 6 हजार रुपये और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम बढ़ाने वाले 5 पूर्व खिलाड़ियों को हर महीने 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। इन तीन श्रेणियों के खिलाड़ियों के लिए पात्रता की कुछ शर्तें भी जोड़ी गई हैं, जिसके तहत खिलाड़ी उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए और उसकी वर्तमान मासिक आय 20 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

प्रशासन ने पूरी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाए रखने के लिए डिजिटल ट्रांसफर का सहारा लिया है। खेल विभाग मुख्य मुख्यालय से सीधे जिलों के खेल अधिकारियों को बजट आवंटित करता है, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पैसा भेज दिया जाता है। इस योजना के दायरे में हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, कबड्डी, कुश्ती और शूटिंग सहित कुल 31 प्रमुख खेलों के खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश के खेल निदेशक डॉक्टर आरपी सिंह ने बताया कि सरकार बुजुर्ग खिलाड़ियों की सामाजिक सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है और विभाग का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी पात्र पूर्व खिलाड़ी इस योजना के लाभ से अछूता न रहे।

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