Sambhal : 2016 के सर्कल रेट पर जमीन अधिग्रहण का आरोप, विधायक पिंकी सिंह यादव ने किसानों के हक में खोला मोर्चा
असमोली विधायक पिंकी सिंह यादव ने गंगा एक्सप्रेस-वे और प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण को
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: असमोली विधायक पिंकी सिंह यादव ने गंगा एक्सप्रेस-वे और प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रदेश सरकार पर किसानों के साथ अन्याय का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जनपद सम्भल में जमीनों के बाजार मूल्य लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन किसानों को अब भी वर्ष 2016 के सर्कल रेट के आधार पर मुआवजा दिया जा रहा है, जिससे किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
विधायक ने कहा कि सबसे अधिक नुकसान छोटे और सीमांत किसानों को होगा। यदि उनकी जमीन पुराने सर्कल रेट पर अधिग्रहित की गई तो वे वर्तमान बाजार दर पर दूसरी जमीन नहीं खरीद पाएंगे और उनके परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। पिंकी सिंह यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री कार्यालय और सम्भल के जिलाधिकारी का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करते हुए मांग की कि जिले से प्रस्ताव शासन को भेजा जाए ताकि वर्ष 2016 के बजाय वर्ष 2026 की वर्तमान दरों के अनुसार किसानों को उचित मुआवजा मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश स्टाम्प मूल्यांकन नियमावली-1997 के अनुसार सर्कल रेट का समय-समय पर पुनरीक्षण होना चाहिए। ऐसे में सवाल उठता है कि सम्भल में वर्षों से सर्कल रेट को क्यों नहीं बढ़ाया गया। विधायक ने सरकार से किसानों के हित में तत्काल सर्कल रेट संशोधित करने और वर्तमान बाजार मूल्य के अनुरूप मुआवजा देने की मांग की है। अब इस मुद्दे ने सम्भल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। किसानों के मुआवजे और भूमि अधिग्रहण को लेकर सरकार की नीति पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि प्रभावित किसान भी उचित मुआवजे की मांग तेज कर रहे हैं।
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