Faridabad Police Station Weapon Theft: फरीदाबाद में थाने के मालखाने से 32 हथियार गायब, विदेशी पिस्तौलें भी चोरी, मुंशी पर केस दर्ज

Faridabad News: फरीदाबाद के एक पुलिस थाने के मालखाने से 32 कीमती हथियार गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मालखाने के प्रभारी मुंशी पर केस दर्ज किया गया है।

Jun 27, 2026 - 11:08
 0  5
Faridabad Police Station Weapon Theft: फरीदाबाद में थाने के मालखाने से 32 हथियार गायब, विदेशी पिस्तौलें भी चोरी, मुंशी पर केस दर्ज
Faridabad Police Station Weapon Theft
  • Faridabad Crime News: फरीदाबाद पुलिस महकमे में हड़कंप, थाने से गायब हुए 32 कीमती हथियार, पहरेदार ही शक के घेरे में
  • फरीदाबाद में बड़ा कांड: थाने के सुरक्षित मालखाने से गायब हो गए 32 खतरनाक हथियार, रक्षक पर ही लगा चोरी का आरोप!
  • Faridabad Station Shocker: हरियाणा के फरीदाबाद में पुलिस थाने से 32 हथियार गायब, सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

हरियाणा के फरीदाबाद जिले से कानून व्यवस्था और पुलिसिया सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक बेहद सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहाँ के एक पुलिस थाने के अत्यंत सुरक्षित माने जाने वाले मालखाने से 32 सरकारी और जब्तशुदा हथियार रहस्यमयी तरीके से गायब हो गए हैं। गायब हुए इन हथियारों में कई बेहद महंगी और आधुनिक विदेशी पिस्तौलें भी शामिल हैं, जिन्हें अलग-अलग आपराधिक मामलों के तहत जब्त कर थाने में सुरक्षित रखा गया था। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब हथियारों की सुरक्षा के लिए तैनात मुख्य 'पहरेदार' यानी मालखाना प्रभारी (मुंशी) पर ही इस बड़ी चोरी को अंजाम देने या उसमें लापरवाही बरतने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मामले की गहन तफ्तीश शुरू कर दी गई है।

यह पूरा मामला फरीदाबाद के एक पुलिस थाने के भीतर सरकारी और कानूनी रूप से जब्त हथियारों के रखरखाव कक्ष, जिसे 'मालखाना' कहा जाता है, में हुई बड़ी सेंधमारी से जुड़ा हुआ है। रूटीन ऑडिट और हथियारों की गिनती के दौरान यह बात सामने आई कि रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज हथियारों की तुलना में वास्तविक संख्या काफी कम है। जांच करने पर पता चला कि कुल 32 छोटे-बड़े हथियार अपनी जगह से नदारद हैं। इन हथियारों में आम देसी कट्टे या कारतूस ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स की कीमती और प्रतिबंधित श्रेणी की विदेशी पिस्तौलें भी शामिल थीं, जो सामान्यतः अपराधियों या रसूखदार लोगों से छापेमारी के दौरान बरामद की जाती हैं।

प्राप्त प्रारंभिक विवरण के अनुसार, थानों में रखे मालखाने के हथियारों और सामानों की समय-समय पर उच्चाधिकारियों द्वारा जांच की जाती है। इसी सिलसिले में जब वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हाल ही में हथियारों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराया गया, तो स्टॉक रजिस्टर और अलमारियों में रखे हथियारों की संख्या में भारी अंतर पाया गया।

बारीकी से की गई गिनती में एक-एक करके 32 हथियार कम पाए गए। चूंकि मालखाने की चाबियां और वहां रखे सामान की पूरी जवाबदेही थाने के नियुक्त मुंशी या मालखाना प्रभारी की होती है, इसलिए तत्काल प्रभाव से उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया। संतोषजनक जवाब न मिलने और प्रथम दृष्टया घोर लापरवाही व मिलीभगत के संकेत मिलने के बाद, पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। विभागीय जांच के बाद, हथियारों की सुरक्षा के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार उसी 'पहरेदार' अधिकारी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत चोरी और अमानत में ख्यानत का आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

इस बेहद संवेदनशील मामले पर फरीदाबाद पुलिस के आला अधिकारी बेहद सतर्कता से कदम उठा रहे हैं। जिला पुलिस मुख्यालय के एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने बताया, "पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। थाना परिसर के भीतर से हथियारों का गायब होना बेहद गंभीर प्रकृति का अपराध है। इस मामले में संबंधित प्रभारी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है और उन्हें निलंबित कर दिया गया है। मामले की तह तक जाने के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन किया जा रहा है।"

दूसरी तरफ, कानून के जानकारों का कहना है कि थानों से हथियारों का इस तरह गायब होना स्थानीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है, क्योंकि यदि ये आधुनिक हथियार किसी आपराधिक गिरोह के हाथ लग गए, तो क्षेत्र में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ सकता है।

  • सुरक्षा पर सवाल: थाने के भीतर से ही हथियारों की चोरी होने से आम जनता के बीच पुलिस की विश्वसनीयता पर विपरीत असर पड़ता है।

  • अपराधियों को बल: विदेशी और घातक हथियारों के गायब होने से उनके अवैध बाजार या अंडरवर्ल्ड तक पहुंचने का खतरा पैदा हो गया है।

  • प्रशासनिक सर्जरी की संभावना: इस घटना के बाद फरीदाबाद के अन्य सभी थानों के मालखानों की भी अचानक जांच (Surprise Inspection) शुरू होने की खबरें हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं अन्य जगहों पर भी ऐसी चूक तो नहीं हुई है।

पुलिस प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज करने के साथ ही गायब हुए हथियारों की बरामदगी के लिए एक विशेष अभियान शुरू कर दिया है। आरोपी मुंशी से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये हथियार कब से गायब हैं और क्या इन्हें किसी बाहरी तस्कर या अपराधी को बेचा गया है। इसके अलावा, थाने के पिछले कुछ महीनों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और आगंतुक रजिस्टरों की भी गहनता से स्क्रूटनी की जा रही है। जांच अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही पूरे रैकेट का पर्दाफाश कर दिया जाएगा और सभी हथियारों को सुरक्षित बरामद कर लिया जाएगा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow