Hardoi: स्वामी कल्याणानन्द पीजी कॉलेज में मेधावियों का भव्य सम्मान समारोह, शिक्षा को बताया विकसित भारत की नींव
मंत्री नितिन अग्रवाल बोले— शिक्षा ही विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव, 400 मेधावी हुए सम्मानित
- 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले बीए एवं बीएससी अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को सम्मान-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए, मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा— शिक्षा ही विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव*
हरदोई। शिक्षा, प्रतिभा और सम्मान का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब स्वामी कल्याणानन्द पीजी कॉलेज, न्योरादेव के प्रांगण में आयोजित भव्य *प्रतिभा सम्मान समारोह* में बी.ए. एवं बी.एससी. अंतिम वर्ष के लगभग *400 मेधावी छात्र-छात्राओं* को सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय परीक्षा में *85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक* प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मान-पत्र एवं स्मृति-चिह्न देकर उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों ने तालियों की गूंज के बीच मेधावियों का उत्साहवर्धन किया। पूरे परिसर में उत्सव जैसा वातावरण दिखाई दिया और समारोह शिक्षा के प्रति समाज की बढ़ती जागरूकता का प्रतीक बन गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर किया गया। महाविद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान करना संस्थान की गौरवशाली परंपरा है तथा इससे अन्य विद्यार्थियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम के *मुख्य अतिथि* उत्तर प्रदेश सरकार के आबकारी एवं मद्य निषेध मंत्री नितिन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके शिक्षित और जागरूक युवाओं पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि आज जिन विद्यार्थियों को सम्मानित किया जा रहा है, उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। यह सम्मान केवल अंकों का नहीं बल्कि निरंतर परिश्रम, आत्मविश्वास और समर्पण का सम्मान है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। नियमित अध्ययन, समय का सदुपयोग और सकारात्मक सोच ही सफलता की वास्तविक कुंजी है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों की भी सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की उपलब्धियों के पीछे उनके मार्गदर्शन, त्याग और सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सम्मानित विद्यार्थी भविष्य में प्रशासन, शिक्षा, विज्ञान, शोध, चिकित्सा, न्यायपालिका, उद्योग तथा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर देश और समाज का नाम रोशन करेंगे।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्रीकृष्ण शास्त्री (सदस्य राष्ट्रीय परिषद् , पूर्व जिलाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी) ने कहा कि किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी उसकी प्रतिभाएं होती हैं। यदि प्रतिभाओं को समय पर उचित सम्मान और प्रोत्साहन मिले तो वे असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी कल्याणानन्द पीजी कॉलेज द्वारा आयोजित यह समारोह केवल सम्मान कार्यक्रम नहीं बल्कि शिक्षा के प्रति समाज में सकारात्मक संदेश देने वाला प्रेरणादायी अभियान है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नायब सिंह ने की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण करती है और उसे समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाती है। उन्होंने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान करना समाज की जिम्मेदारी है, क्योंकि यही विद्यार्थी भविष्य में देश के विकास की आधारशिला बनेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखते रहने और अपने ज्ञान का उपयोग समाजहित में करने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार ने विश्वविद्यालय परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करते समय विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के चेहरे पर गर्व और प्रसन्नता स्पष्ट दिखाई दे रही थी। पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और उपस्थित लोगों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
बी.एससी. वर्ग में नम्रता शर्मा ने 600 में से *574 अंक (95.67 प्रतिशत)* प्राप्त कर सर्वोच्च स्थान हासिल किया। *केशव सिंह* तथा *प्रशांत सिंह* ने 573-573 अंक (95.50 प्रतिशत)* प्राप्त किए। *मोहम्मद साहिल* ने *572 अंक (95.33 प्रतिशत), कृष्ण बिहारी एवं *मीनू सिंह ने *570-570 अंक (95.00 प्रतिशत)* तथा *आदर्श मोहन मिश्रा* ने *569 अंक (94.83 प्रतिशत) प्राप्त कर महाविद्यालय का गौरव बढ़ाया। सभी विद्यार्थियों को मंच पर सम्मानित कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई।
*बी.ए. वर्ग* में *शांभवी गुप्ता* ने *600 में से 584 अंक (97.33 प्रतिशत)* प्राप्त कर सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। *राखी सिंह* ने *583 अंक (97.17 प्रतिशत)* अर्जित किए। *अंशिका गुप्ता, **अनुभव मिश्रा, **कल्पना गुप्ता, **सोनू* तथा *तन्नू सिंह* ने *582-582 अंक (97.00 प्रतिशत)* प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट परिचय दिया। इन सभी विद्यार्थियों को सम्मान-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की वास्तविक पहचान उसके मेधावी विद्यार्थियों से होती है। जब विद्यार्थी उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करते हैं तो उससे न केवल संस्थान का गौरव बढ़ता है बल्कि पूरे क्षेत्र में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार होता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, आत्मविश्वास और उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से धर्मेंद्र सिंह (ब्लॉक प्रमुख, बावन), सुधांशू सिंह (प्रधान, दुलारपुर), उदय कुमार सिंह (पूर्व प्रधान, बरखेरा), पवन सिंह (काशीपुर), राजेश सिंह (प्रधान, नेवादा), गुरुलाल सिंह (प्रधान, सुहेड़ी), देवाशीष सिंह (अध्यापक), आशीष सिंह सोमवंशी (अध्यापक), हृदयेश वर्धन सिंह, यश वर्धन सिंह, पल्लवी सिंह, मृदुला सिंह, अमित अग्निहोत्री, रजनीश यादव, इन्द्रमोहन, काजल सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शिक्षक, अभिभावक, छात्र-छात्राएं एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर आयोजक हर्ष वर्धन सिंह ने सभी मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों, अध्यक्ष, शिक्षकों, अभिभावकों, छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित सभी सम्मानित अतिथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि प्रतिभाओं को उचित मंच और सम्मान देकर उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना भी है। उन्होंने समारोह को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सहयोगियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं व्यवस्थापकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायी कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।
प्रतिभा सम्मान समारोह केवल पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह शिक्षा, संस्कार, प्रेरणा और उत्कृष्टता का उत्सव बन गया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब परिश्रम को सम्मान मिलता है तो नई पीढ़ी में आगे बढ़ने का उत्साह कई गुना बढ़ जाता है। महाविद्यालय का यह आयोजन क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी पहल के रूप में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
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