KGMU Lucknow: लखीमपुर में हमले के बाद छाती में धंसा 13 सेमी का चाकू, डॉक्टरों ने सर्जरी कर बचाई जान

लखनऊ के डॉक्टरों ने लखीमपुर खीरी के एक युवक की छाती में धंसे 13 सेंटीमीटर लंबे चाकू के ब्लेड को सुरक्षित निकाल लिया है। हाई-रिस्क सर्जरी के बाद मरीज अब खतरे से बाहर है।

Jul 12, 2026 - 07:11
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KGMU Lucknow: लखीमपुर में हमले के बाद छाती में धंसा 13 सेमी का चाकू, डॉक्टरों ने सर्जरी कर बचाई जान
केजीएमयू लखनऊ के डॉक्टरों की टीम और प्रतीकात्मक चिकित्सा सर्जरी ऑपरेशन थियेटर
  • KGMU Doctors Surgery: लखीमपुर खीरी के युवक की छाती से सुरक्षित निकाला गया चाकू का ब्लेड, डॉक्टरों का कमाल
  • मौत के मुंह से लौटा युवक! KGMU के डॉक्टरों ने छाती से निकाला 13 सेंटीमीटर लंबा चाकू, बची जान
  • KGMU लखनऊ के डॉक्टरों का बड़ा कारनामा, हाई-रिस्क सर्जरी कर युवक की छाती से निकाला 13 सेमी का ब्लेड

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक हिंसक हमले के दौरान घायल हुए युवक को लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के डॉक्टरों ने नया जीवन दिया है। हमले के दौरान युवक की छाती में 13 सेंटीमीटर लंबा चाकू का ब्लेड धंस गया था, जो उसके फेफड़े और एक मुख्य रक्त वाहिका (Blood Vessel) के बेहद करीब पहुंच चुका था। KGMU लखनऊ के अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिना किसी जल्दबाजी के एक बेहद जटिल और हाई-रिस्क सर्जरी को अंजाम दिया। डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक ब्लेड को शरीर से बाहर निकाल लिया है और राहत की बात यह है कि सफल ऑपरेशन के बाद मरीज अब खतरे से बाहर बताया जा रहा है।

यह मामला उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले का है, जहां एक आपसी विवाद या हमले के दौरान एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हमला इतना भीषण था कि चाकू का करीब 13 सेंटीमीटर लंबा ब्लेड युवक की छाती को चीरता हुआ अंदर तक धंस गया। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार के बाद मरीज की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ रेफर किया गया। यहाँ के डॉक्टरों ने त्वरित निर्णय लेते हुए मरीज को तुरंत सर्जरी के लिए चुना।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लखीमपुर खीरी में हुए इस हमले के तुरंत बाद युवक को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया था। एक्स-रे और स्कैन में यह साफ हुआ कि चाकू का 13 सेंटीमीटर लंबा हिस्सा छाती के भीतर फंसा हुआ है। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि यह ब्लेड मरीज के फेफड़ों और शरीर की एक मुख्य रक्त वाहिका के बिल्कुल करीब था। जरा सी भी लापरवाही या जल्दबाजी के कारण यदि वह रक्त वाहिका कट जाती, तो अत्यधिक रक्तस्राव (Bleeding) के कारण मरीज की मौके पर ही मौत हो सकती थी।

KGMU लखनऊ के कार्डियोथोरैसिक या संबंधित सर्जिकल विभाग के डॉक्टरों ने इस चुनौती को स्वीकार किया। डॉक्टरों ने बिना किसी जल्दबाजी के, बेहद सधे हुए हाथों से हाई-रिस्क सर्जरी की योजना बनाई। ऑपरेशन थियेटर में घंटों चली इस सूक्ष्म प्रक्रिया के बाद, डॉक्टरों ने उस 13 सेंटीमीटर लंबे घातक ब्लेड को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया।

अस्पताल प्रशासन और सर्जरी करने वाले डॉक्टरों की टीम के अनुसार, यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था क्योंकि विदेशी वस्तु (चाकू का ब्लेड) वाइटल ऑर्गन्स के बेहद करीब थी। डॉक्टरों ने कहा कि मरीज की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही थी और हमारी प्राथमिकता बिना किसी आंतरिक अंग को नुकसान पहुंचाए ब्लेड को बाहर निकालने की थी। वहीं, युवक के परिजनों ने KGMU के डॉक्टरों का आभार व्यक्त करते हुए इसे एक चमत्कार और डॉक्टरों की कार्यकुशलता का परिणाम बताया है।

चिकित्सा जगत में इस तरह के मामलों को 'रेयर एंड क्रिटिकल' श्रेणी में रखा जाता है। यह सफल सर्जरी एक बार फिर साबित करती है कि जटिल से जटिल मामलों में भी KGMU लखनऊ के डॉक्टरों की विशेषज्ञता देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थानों के समकक्ष है। इस सफल ऑपरेशन से न केवल एक युवा जान बचाई जा सकी, बल्कि चिकित्सा विज्ञान के छात्रों और डॉक्टरों के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण केस स्टडी के रूप में काम करेगा।

सर्जरी के बाद मरीज को आईसीयू (ICU) में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया था। वर्तमान में मिल रही जानकारी के अनुसार, मरीज के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है और वह पूरी तरह खतरे से बाहर है। डॉक्टरों की टीम का कहना है कि अगले कुछ दिनों में टांके सूखने और आंतरिक घाव भरने के बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। पुलिस प्रशासन भी इस मामले में हमलावरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में जुटा हुआ है।

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