Sambhal : ई-रजिस्ट्री के विरोध में वकीलों का हल्लाबोल, सम्भल में दूसरे दिन भी धरना जारी
राजीव कुमार भटनागर का कहना है कि ई-रजिस्ट्री का काम प्राइवेट कंपनियों को देने से कातिब, टाइपिस्ट, स्टांप वेंडर और वकीलों समेत हजारों लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
Report : उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल में उत्तर प्रदेश सरकार की प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। धरने का नेतृत्व कर रहे सम्भल बार एसोसिएशन के निर्वाचित अध्यक्ष राजीव कुमार भटनागर ने सरकार के इस फैसले को "तुगलकी फरमान" बताते हुए कड़ा विरोध जताया।
राजीव कुमार भटनागर ने कहा कि ई-रजिस्ट्री का कार्य निजी संस्थाओं को सौंपे जाने से कातिब संघ, टाइपिस्ट संघ, स्टाम्प वेंडर और अधिवक्ताओं सहित हजारों लोगों के रोजगार पर संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर रोजगार देने की बात करती है, जबकि दूसरी ओर ऐसी व्यवस्था लागू कर रही है जिससे बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों की जमीनों की रजिस्ट्रियां खेतों में ऑनलाइन कराने की योजना व्यवहारिक नहीं है। इससे किसानों को भुगतान और लेनदेन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही खतौनियों में मौजूद त्रुटियों को सुधारने में भी दिक्कतें आएंगी, क्योंकि निजी संस्थाओं के पास स्थानीय स्तर की जानकारी और अनुभव नहीं होगा।
बार एसोसिएशन का कहना है कि कचहरी और कातिबों के कार्यालयों में होने वाली रजिस्ट्रियां अधिक सुरक्षित और पारदर्शी होती हैं। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरना बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहेगा। बार एसोसिएशन ने बताया कि अगली रणनीति तय करने के लिए बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें आंदोलन को व्यापक रूप देने पर निर्णय लिया जाएगा।
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