Lucknow : बजट लैप्स हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों के वेतन से होगी कटौती- सूर्य प्रताप शाही
समीक्षा बैठक के दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कड़ा रुख अपनाते हुए मंडलीय और जिला स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के निकट होने के बाव
- कृषि मंत्री ने वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति में लापरवाही पर दी कड़ी चेतावनी, शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करने के निर्देश
- मंडल और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक
लखनऊ : कृषि निदेशालय, लखनऊ में आज प्रदेश की कृषि योजनाओं की विस्तृत वित्तीय और भौतिक समीक्षा हेतु एक उच्चस्तरीय वर्चुअल बैठक की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदेश के समस्त मंडलीय संयुक्त निदेशकों और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की।
समीक्षा बैठक के दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कड़ा रुख अपनाते हुए मंडलीय और जिला स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के निकट होने के बावजूद यदि किसी भी जिले में आवंटित बजट लैप्स होता है, तो इसे कार्य के प्रति घोर लापरवाही माना जाएगा। उन्होंने सख्त लहजे में निर्देशित किया कि यदि बजट लैप्स हुआ तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के वेतन से उस धनराशि की भरपाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि वे अवशेष बिलों के प्रेषण और भुगतान की प्रक्रिया को तत्काल पूर्ण कर शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करें।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु कृषि विभाग का कुल बजट प्राविधान 8620.65 करोड़ रुपये निर्धारित है, जिसके सापेक्ष अब तक 7298.79 करोड़ रुपये (84.67 प्रतिशत) की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। वर्तमान में विभाग का कुल व्यय 5560.96 करोड़ रुपये है, जो कुल प्राविधान का 64.51 प्रतिशत है। योजनाओं के स्तर पर देखा जाए तो 7051.85 करोड़ रुपये के प्रावधान के सापेक्ष 4520.57 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं, जो प्राविधान के सापेक्ष 64.10 प्रतिशत की प्रगति है।
कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने जायद अभियान के अंतर्गत उरद, मूंग, मूंगफली और मक्का के बीजों के वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए इसे तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, पी०एम०-कुसुम योजना के तहत सोलर पम्पों और कृषि यंत्रों (SMAM एवं CRM) के भौतिक सत्यापन में तेजी लाने पर जोर दिया गया ताकि लाभार्थियों को समय से लाभ मिल सके।
बैठक में एन०ई०जी०पी०ए० के तहत डिजिटल क्रॉप सर्वेयरों के भुगतान की स्थिति, यू०पी० एग्रो के अवशेष भुगतान और एन०एफ०एस०एम० (NFSM) व एन०एम०एई०ओ० (NMAEO) योजनान्तर्गत अवशेष बिलों के प्रेषण की भी गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वर्षा जल संचयन, आर०ए०डी० योजना और कृषि उद्यमी स्वावलम्बन योजना की प्रगति में सुधार लाते हुए उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
इस बैठक में प्रमुख सचिव कृषि रवींद्र, सचिव कृषि इन्द्र विक्रम सिंह, निदेशक कृषि पंकज त्रिपाठी, निदेशक सांख्यिकी सुमिता सिंह, अपर निदेशक कृषि रक्षा आशुतोष मिश्र, अपर निदेशक आर.के. मौर्य, अपर निदेशक अनिल पाठक, अपर कृषि निदेशक (प्रसार) डॉ. कनीज़ फ़ातिमा और संयुक्त निदेशक ब्यूरो अखिलेश कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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