Lucknow : लखनऊ में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों को प्रशिक्षण
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज करना सामू
लखनऊ के उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम) में प्रदेश के सभी 75 जिलों से एक-एक सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) और बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में मतदाता सूची से जुड़े कानूनी प्रावधानों, ईआरओ नेट, बीएलओ ऐप और विशेष संशोधन प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज करना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मतदाता सूची को त्रुटिरहित और सभी पात्र व्यक्तियों को शामिल करने पर जोर दिया। प्रशिक्षण में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम-1960 और मैनुअल ऑन इलेक्टोरल रोल-2023 के तहत कानूनी जिम्मेदारियों, बीएलओ और सुपरवाइजरों के साथ समन्वय, दावे-आपत्तियों के निपटारे, ईआरओ नेट और बीएलओ ऐप के तकनीकी पहलुओं तथा फील्ड जांच की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
रिणवा ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण प्राप्त एईआरओ और बीएलओ अपने विधानसभा क्षेत्रों में मास्टर ट्रेनर के रूप में अन्य एईआरओ, बीएलओ और सुपरवाइजरों को छोटे समूहों में प्रशिक्षित करें, ताकि प्रक्रिया की गुणवत्ता बनी रहे। उन्होंने मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान केंद्रों पर नए अनुभाग बनाने और नियमों के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
आगामी विशेष संशोधन के लिए 2003 की मतदाता सूची को 2025 की सूची के साथ जोड़ने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। बीएलओ को घर-घर जाकर गणना-प्रपत्र वितरित करने, मतदाताओं की सहायता करने, प्रपत्र एकत्र करने, सत्यापन करने और बीएलओ ऐप पर अपलोड करने की प्रक्रिया समझाई गई।
इससे पहले, प्रदेश के 75 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों और 403 विधानसभाओं के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आज के प्रशिक्षण में प्रत्येक जिले से एक एईआरओ और एक बीएलओ को मास्टर ट्रेनर बनाया गया, जो अपने जिलों में अन्य अधिकारियों को प्रशिक्षित करेंगे।
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