Sambhal: प्रथम श्रेणी का दर्जा घटने पर फूटा तरन्नुम अकील का दर्द, बोली- सम्भल को पीछे नहीं, मेयर वाला शहर बनना चाहिए था
पूर्व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष तरन्नुम अकील ने सम्भल नगर पालिका का प्रथम श्रेणी का दर्जा समाप्त होने पर कड़ी
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: पूर्व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष तरन्नुम अकील ने सम्भल नगर पालिका का प्रथम श्रेणी का दर्जा समाप्त होने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे शहर के विकास के लिए बड़ा झटका बताया। उन्होंने कहा कि जब वह चेयरपर्सन थीं, तब सम्भल जिला भी नहीं था, फिर भी नगर पालिका प्रथम श्रेणी में थी। आज जिला बनने के बावजूद दर्जा कम हो जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि सम्भल को लगातार आगे बढ़ना चाहिए था। शहर की आबादी और महत्व को देखते हुए अब तक यहां मेयर की व्यवस्था हो जानी चाहिए थी, लेकिन इसके उलट नगर पालिका का दर्जा घटा दिया गया। उन्होंने कहा कि यह केवल उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे शहर के लिए चिंता और अफसोस की बात है। तरन्नुम अकील ने कहा कि नगर पालिका किसी भी शहर के विकास की सबसे महत्वपूर्ण संस्था होती है। सांसद और विधायक अपनी भूमिका निभाते हैं, लेकिन जनता से सबसे सीधा जुड़ाव नगर पालिका और उसके जनप्रतिनिधियों का होता है। उन्होंने अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ईद मिलन, दिवाली मिलन और होली मिलन जैसे कार्यक्रम शुरू कर सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का प्रयास किया, जिससे हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे को बढ़ावा मिला। अपने कार्यकाल पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जनता ही किसी जनप्रतिनिधि के काम का सबसे बड़ा पैमाना होती है। उन्हें विश्वास है कि पद पर रहते हुए जिस तरह लोगों ने उन्हें प्यार और सम्मान दिया, वही स्नेह आज भी कायम है। आगामी निकाय चुनाव को लेकर उन्होंने साफ कहा कि वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन फैसला जनता करेगी। उन्होंने कहा अगर जनता चाहेगी तो मैं जरूर चुनाव लड़ूंगी। मेरा तो सिर्फ एक वोट है, बाकी फैसला जनता के हाथ में है। आज भी मैं जनता के बीच हूं और उनसे मेरा रिश्ता पहले जैसा ही मजबूत है।
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