थ्री-एस मॉडल से देश में चमका उत्तर प्रदेश, बेंगलुरु रोडशो में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
बेंगलुरु में आयोजित रोडशो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनेस लीडर्स को संबोधित किया। उन्होंने यूपी को सुरक्षा, स्थिरता और रफ्तार का थ्री-एस मॉडल बताया।
सुरक्षा, स्थिरता और रफ्तार के थ्री-एस मॉडल से देश का औद्योगिक नेतृत्व कर रहा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
बेंगलुरु में आयोजित उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग के तहत एक भव्य रोडशो में देश के प्रमुख व्यावसायिक दिग्गजों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के भीतर सुरक्षा, स्थिरता और रफ्तार (सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड) का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि किसी भी उद्योग की प्रगति के लिए ये तीनों बातें सबसे ज्यादा जरूरी होती हैं। आज का नया उत्तर प्रदेश अपनी मजबूत कानून-व्यवस्था, वैश्विक स्तर के बुनियादी ढांचे, शानदार कनेक्टिविटी, पारदर्शी कार्यप्रणाली और मजबूत प्रशासनिक नेटवर्क की वजह से निवेश का सबसे पसंदीदा केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि राज्य में 75 हजार एकड़ का विशाल भूमि बैंक (लैंडबैंक) और एक संपूर्ण औद्योगिक माहौल तैयार है।
मुख्यमंत्री ने तकनीकी शहर बेंगलुरु के विकास की तारीफ करते हुए कहा कि जिस तरह यह शहर एक बगीचों के शहर से वैश्विक तकनीकी केंद्र के रूप में बदला है, वह सराहनीय है। उन्होंने बिजनेस लीडर्स से कहा कि वे उत्तर प्रदेश आकर वहां जमीनी स्तर पर हुए बदलावों को खुद महसूस करें। उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले वर्षों में देश के प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती आर्थिक शक्ति बना है और उत्तर प्रदेश इस विकास यात्रा का एक अहम भागीदार है। उन्होंने अतीत की चर्चा करते हुए कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश की पहचान पिछड़ेपन और कमजोर कानून-व्यवस्था से होती थी, लेकिन आज वह दौर पूरी तरह बदल चुका है।
आज उत्तर प्रदेश के पास देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, 16 हजार किलोमीटर का रेल नेटवर्क और चार लाख किलोमीटर से अधिक का मजबूत सड़क तंत्र है। जलमार्ग और रैपिड रेल जैसी आधुनिक परिवहन सुविधाएं राज्य की ताकत हैं। पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के साथ हवाई संपर्क के मामले में भी राज्य सबसे आगे चल रहा है, जिसमें नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से व्यावसायिक उड़ानें भी शुरू हो चुकी हैं। इन बुनियादी सुधारों की बदौलत उत्तर प्रदेश अब देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है और लगातार राजस्व लाभ की स्थिति में है।
औद्योगिक जरूरतों के लिए राज्य हर साल दो लाख से अधिक विज्ञान, तकनीक और इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि के कुशल युवा तैयार कर रहा है। इसके साथ ही कृषि के क्षेत्र में विकास दर बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और राज्य की 86 प्रतिशत कृषि भूमि पूरी तरह सिंचित है। लघु और मध्यम उद्योगों के मामले में भी उत्तर प्रदेश 96 लाख इकाइयों के साथ अग्रणी है, जिन्हें 'एक जिला-एक उत्पाद' योजना से वैश्विक पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य की डबल इंजन सरकार हर स्तर पर सुरक्षा, एकल खिड़की प्रणाली की सुविधा और नीतियों में स्थिरता की पूरी गारंटी देती है।
इस महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, बुनियादी ढांचा और औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक कुमार और यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर.के. सिंह सहित देश के कई बड़े औद्योगिक घरानों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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