बेंगलुरु में निवेशकों ने माना यूपी का लोहा, नोएडा-जेवर-लखनऊ कॉरिडोर बनेगा देश का नया आर्थिक हब
बेंगलुरु में आयोजित निवेशक संवाद में व्यापारिक दिग्गजों ने उत्तर प्रदेश को निवेश, तकनीक और रोजगार का सबसे बड़ा केंद्र बताया। एऑन कंपनी नोएडा में बढ़ाएगी नौकरियां।
बेंगलुरु में उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल की धूम, दिग्गज निवेशकों ने बताया देश का सबसे बड़ा उभरता आर्थिक केंद्र
देश की तकनीकी राजधानी बेंगलुरु में उत्तर प्रदेश की बदलती आर्थिक तस्वीर और व्यापारिक संभावनाओं की जमकर सराहना की गई। वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी), सूचना प्रौद्योगिकी, रियल एस्टेट, स्टार्टअप और मानव संसाधन क्षेत्र से जुड़े देश-विदेश के उद्योग जगत के दिग्गजों ने उत्तर प्रदेश को निवेश और नए रोजगार पैदा करने के मामले में सबसे उत्तम राज्य बताया है। व्यावसायिक प्रतिनिधियों का मानना है कि राज्य के मजबूत बुनियादी ढांचे, बेहतर कानून-व्यवस्था और उद्योग अनुकूल नीतियों ने इसे वैश्विक स्तर पर निवेश का एक मुख्य केंद्र बना दिया है।
बेंगलुरु में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान विभिन्न कंपनियों के प्रमुखों ने उत्तर प्रदेश में तेजी से आ रहे बदलावों पर अपने विचार रखे। इस दौरान तकनीकी और सेवा क्षेत्र के जानकारों ने माना कि उत्तर प्रदेश अब बड़ी कंपनियों के लिए पहली पसंद बनता जा रहा है। औद्योगिक विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार की कार्यशैली और समय पर मिलने वाली प्रशासनिक मदद की वजह से कई बड़े संस्थान अब अपनी नई शाखाएं उत्तर प्रदेश में खोलने की योजना बना रहे हैं।
विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्रों को लेकर निवेशकों में भारी उत्साह देखा गया। उद्योगपतियों के अनुसार, आने वाले समय में नोएडा-जेवर-लखनऊ का यह पूरा क्षेत्र देश के सबसे शक्तिशाली और महत्वपूर्ण आर्थिक कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा। प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता और नियमों की स्पष्टता की वजह से बड़े निवेशकों का भरोसा राज्य की व्यवस्था पर लगातार बढ़ रहा है।
इसी क्रम में वैश्विक बीमा ब्रोकिंग क्षेत्र की नामी कंपनी एऑन की ओर से उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ी योजना साझा की गई। कंपनी प्रबंधन के अनुसार, वे नोएडा स्थित अपने कार्यालय का बड़े पैमाने पर विस्तार कर रहे हैं, जिससे वहां करीब 600 से 1000 नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अतिरिक्त टीमलीज सर्विसेज जैसी बड़ी मानव संसाधन कंपनियों का भी मानना है कि उत्तर प्रदेश में कुशल युवाओं की कोई कमी नहीं है और बेहतर होते कनेक्टिविटी साधनों के कारण कंपनियों के लिए यहां काम बढ़ाना बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है।
सत्र के दौरान कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और ऊर्जा के क्षेत्र में काम करने वाले कई निवेशक समूहों ने भी लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों को भविष्य के स्टार्टअप हब के रूप में स्वीकार किया। उनका कहना है कि पारंपरिक व्यापारिक शहरों पर बढ़ते दबाव के बीच उत्तर प्रदेश नई पूंजी और उद्यमों के लिए सबसे सशक्त विकल्प बनकर सामने आया है। कनेक्टिविटी उत्पादों और सेंसर निर्माण से जुड़ी टीई कनेक्टिविटी जैसी कंपनियों ने भी राज्य के तेजी से बढ़ते बुनियादी ढांचे को भविष्य के निवेश के लिए एक बड़ा और सकारात्मक संकेत बताया है।
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