यूपी में दानवीर भामाशाह की याद में मनेगा व्यापारी कल्याण दिवस, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मचेगी धूम

उत्तर प्रदेश में दानवीर भामाशाह की जयंती को व्यापारी कल्याण दिवस के रूप में बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा। इस दौरान ओडीओपी प्रदर्शनियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।

By INA News Desk
Jun 24, 2026 - 22:09
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यूपी में दानवीर भामाशाह की याद में मनेगा व्यापारी कल्याण दिवस, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मचेगी धूम
दानवीर भामाशाह की स्मृति में 29 जून को पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा ‘व्यापारी कल्याण दिवस’
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दानवीर भामाशाह की जयंती पर उत्तर प्रदेश में मनेगा व्यापारी कल्याण दिवस, ओडीओपी प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की होगी धूम

उत्तर प्रदेश की सरकार व्यापार, उद्योग और लोक सेवा की समृद्ध परंपरा को सम्मान देने के लिए दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर पूरे राज्य में 'व्यापारी कल्याण दिवस' का आयोजन करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशों के अनुसार इस आयोजन को आम लोगों की भागीदारी के साथ भव्य रूप दिया जाएगा। इस विशेष दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के व्यापारियों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के योगदान की सराहना करना तथा नई पीढ़ी को देश सेवा, परोपकार और समर्पण के मूल्यों से परिचित कराना है।

शासन के आदेश पर राज्य के सभी जिलों और तहसीलों में कई तरह के रचनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। जिला स्तर पर जिलाधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग सरकारी विभाग मिलकर इन कार्यक्रमों को सफल बनाएंगे। इस मौके पर 'एक जिला-एक उत्पाद' (ओडीओपी) योजना से जुड़े स्थानीय सामानों की विशेष प्रदर्शनियां और बाजार लगाए जाएंगे। इसके जरिए स्थानीय कारीगरों और छोटे कारोबारियों को अपने बेहतरीन उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए एक बड़ा मंच मिलेगा।

आयोजन के दौरान महान दानवीर भामाशाह के जीवन और उनके महान कार्यों पर आधारित चित्र प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। संस्कृति विभाग की ओर से इस संबंध में सभी जरूरी ऐतिहासिक जानकारियां और सामग्री जिलों को भेजी जा रही है, ताकि लोग उनके जीवन संघर्ष और देशप्रेम से सीख ले सकें। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस संबंध में बताया कि इस अवसर पर प्रदेश के रंगमंच और लोक कलाकारों के माध्यम से भामाशाह के जीवन आदर्शों पर आधारित नाटकों और गीतों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके साथ ही स्कूली बच्चों और युवाओं के लिए कला, लेखन और सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा, जिसमें बेहतर प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा। इस दौरान राज्य कर विभाग द्वारा 'भामाशाह पुरस्कार' भी वितरित किए जाएंगे।

इस बड़े आयोजन को लेकर व्यापारिक संगठनों, व्यावसायिक संघों और उद्योग जगत में भी खासा उत्साह है। राज्य भर के कारोबारी अपने-अपने संस्थानों और दुकानों पर इस उत्सव को मनाएंगे। सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए कई व्यापारिक संगठन इस दिन मीठे पानी, शरबत और फलों के वितरण जैसे सेवा कार्य भी अपनी इच्छा से करेंगे।

इतिहास के पन्नों में दानवीर भामाशाह को देश के प्रति उनके अतुलनीय योगदान के लिए याद किया जाता है। वे राजा महाराणा प्रताप के सबसे करीबी सहयोगी और मार्गदर्शक थे। जब मेवाड़ पर संकट के बादल छाए थे और स्वतंत्रता की लड़ाई बेहद कठिन दौर में थी, तब भामाशाह ने अपनी जीवन भर की पूंजी मातृभूमि और स्वाभिमान की रक्षा के लिए सौंप दी थी। उनका यह ऐतिहासिक त्याग आज भी देश के लिए सबसे बड़ा उदाहरण है। सरकार इसी भावना को समाज के हर वर्ग, विशेषकर युवाओं तक पहुंचाना चाहती है।

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