Lucknow : केजीएमयू में लव जिहाद मामला- प्रशासन ने एसटीएफ से जांच की सिफारिश की, आरोपी डॉक्टर के कारनामों का पर्दाफाश होने की उम्मीद

केजीएमयू प्रशासन द्वारा गठित आंतरिक समिति ने शुरुआती जांच की। समिति का मानना है कि मामले के तार गहरे हो सकते हैं और इसमें संगठित दबाव या सिंडिकेट की संभावना है। स्थानीय पुलिस जां

Jan 13, 2026 - 00:04
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Lucknow : केजीएमयू में लव जिहाद मामला- प्रशासन ने एसटीएफ से जांच की सिफारिश की, आरोपी डॉक्टर के कारनामों का पर्दाफाश होने की उम्मीद
Lucknow : केजीएमयू में लव जिहाद मामला- प्रशासन ने एसटीएफ से जांच की सिफारिश की, आरोपी डॉक्टर के कारनामों का पर्दाफाश होने की उम्मीद

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में सामने आए धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के गंभीर मामले ने नया मोड़ ले लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता और आरोपों की गहराई को देखते हुए जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) से कराने की सिफारिश की है। केजीएमयू की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर शासन को औपचारिक पत्र भेजा गया है।

यह मामला 23 दिसंबर 2025 को सामने आया था, जब एमडी पैथोलॉजी की एक छात्रा ने चौक थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने अपने सीनियर डॉक्टर रमीज उद्दीन नायक उर्फ रमीज मलिक पर गंभीर आरोप लगाए। पीड़िता के अनुसार आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए, बार-बार दुष्कर्म किया तथा गर्भवती होने पर उसकी सहमति के बिना गर्भपात कराया। साथ ही आरोपी ने उसे धर्म परिवर्तन के लिए लगातार दबाव बनाया और मानसिक तथा सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया।

केजीएमयू प्रशासन द्वारा गठित आंतरिक समिति ने शुरुआती जांच की। समिति का मानना है कि मामले के तार गहरे हो सकते हैं और इसमें संगठित दबाव या सिंडिकेट की संभावना है। स्थानीय पुलिस जांच के अलावा तकनीकी साक्ष्यों और आरोपी के पिछले रिकॉर्ड की गहन जांच के लिए एसटीएफ जैसी विशेष एजेंसी की जरूरत बताई गई।

चौक पुलिस ने मुकदमा संख्या 302/2025 दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और उत्तर प्रदेश के कड़े धर्मांतरण कानून के तहत कार्रवाई हुई है। आरोपी 31 वर्षीय रमीज उद्दीन नायक उर्फ रमीज मलिक मूल रूप से पीलीभीत के मोहम्मद यार खां मोहल्ले का निवासी है। वह लखनऊ के ठाकुरगंज स्थित मुमताज कोर्ट अपार्टमेंट में किराए पर रहता था और केजीएमयू में चिकित्सक के रूप में कार्यरत था। उसके कुछ ठिकाने उत्तराखंड के खटीमा में भी बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद केजीएमयू परिसर में छात्रों और डॉक्टरों में भारी रोष है। पीड़िता की सुरक्षा और न्याय की मांग को लेकर छात्र संगठन सक्रिय हुए हैं। आरोपी डॉक्टर को पहले ही सस्पेंड कर दिया गया है और कैंपस में उसकी एंट्री प्रतिबंधित है।

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