Lucknow : मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ की बैठक, योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्तर पर आयुष्मान भारत और फार्मर रजिस्ट्री में पूरी कवरेज सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी पूरी तत्परता से काम करें। राजस्व वादों की स
लखनऊ में मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक बैठक की। बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और जरूरी निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य सचिव ने आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी जिलों में तेजी से आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाकी रह गए सभी पात्र लोगों के कार्ड बनाने के लिए प्रभावी रणनीति बनाई जाए और तुरंत लागू की जाए। सभी जिलों को नई ऑपरेटर आईडी जारी करने की अनुमति दी गई है। ज्यादा ऑपरेटर आईडी से जिला स्तर पर अधिक कार्ड बनाए जा सकेंगे। प्रत्येक जिले में कम से कम 1000 ऑपरेटर आईडी बनाने के निर्देश दिए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को रोज कार्ड निर्माण की प्रगति देखने और सभी ऑपरेटर आईडी सक्रिय रखने को कहा गया। लापरवाही या खराब प्रदर्शन पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा में मुख्य सचिव ने सबसे खराब प्रदर्शन वाले 20 जिलों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों द्वारा गहन और नियमित समीक्षा न होने से प्रगति नहीं हो पा रही है। पीएम किसान योजना के तहत 31 मार्च 2026 तक सभी लाभार्थियों की फार्मर आईडी बनाने के लिए रोज लक्ष्य के अनुसार समीक्षा करने को कहा गया। संबंधित कर्मचारियों के लिए भी रोज लक्ष्य तय किए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्तर पर आयुष्मान भारत और फार्मर रजिस्ट्री में पूरी कवरेज सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी पूरी तत्परता से काम करें। राजस्व वादों की समीक्षा में उन्होंने लंबित मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निपटारा करने के निर्देश दिए। ज्यादा समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता दी जाए।
स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश में 15 लाख नई घरौनियां देने का लक्ष्य है। सभी जनपदों को गैप का आकलन कर ज्यादा से ज्यादा घरौनियां बनाने के निर्देश दिए गए। आईएमएलसी विस्तार के लिए जहां यूपीडा द्वारा नए एक्सप्रेस-वे या लिंक एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित हैं और पहले चिन्हांकन नहीं हुआ है, वहां मैनपुरी, फर्रुखाबाद, जौनपुर, भदोही, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली और मुजफ्फरनगर में प्रति जनपद 1000 हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन 15 दिनों में पूरा करने को कहा गया। भूमि चिन्हांकन में बड़े भूखंडों का ध्यान रखा जाए और एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय या राज्य राजमार्गों से अच्छी कनेक्टिविटी हो।
बैठक में बताया गया कि पीएम किसान योजना में अब तक 64 प्रतिशत लाभार्थियों की फार्मर आईडी बन चुकी है। 1 जनवरी से 27 जनवरी तक सबसे ज्यादा पंजीकरण मिर्जापुर, हरदोई, बाराबंकी, सुल्तानपुर, बिजनौर, चंदौली, बुलंदशहर, आजमगढ़, प्रतापगढ़ और मऊ में हुआ। कुल प्रगति में रामपुर 86.12 प्रतिशत के साथ पहले, हरदोई 81.76 प्रतिशत के साथ दूसरे और अम्बेडकर नगर 81.20 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है।
स्वामित्व योजना में प्रदेश के 90,530 ग्रामों में से 72,961 ग्रामों (80.59 प्रतिशत) में घरौनी तैयार हो चुकी है। 73,121 ग्रामों में प्रपत्र-7 तैयार हो चुका है। बाकी ग्रामों में काम चल रहा है। करीब 10,000 ग्रामों में स्थलीय पड़ताल 20 फरवरी तक पूरी करने का लक्ष्य तय है। 18 जनवरी के बाद अब तक 13,12,456 घरौनियां तैयार हुई हैं। प्रदेश का लक्ष्य जून 2026 तक पूरा करना है। देश में कुल 2,74,03,046 घरौनियों में से 41 प्रतिशत से ज्यादा (1,14,43,688) उत्तर प्रदेश में बनी हैं। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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