असम के बारपेटा जिले में ब्रह्मपुत्र नदी में दिल दहला देने वाला नाव हादसा: मशीन चालित देशी नाव डूबी, 22 यात्रियों में से 6 लापता जिनमें 4 बच्चे शामिल, बचाव अभियान जारी
हादसा मंगलवार को हुआ। नाव आगे बढ़ते समय भंवर में फंस गई। इससे नाव पलट गई। पास में मौजूद एक अन्य नाव ने अधिकांश यात्रियों को बचा लिया। कुल 13 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
- ब्रह्मपुत्र का कहर: बारपेटा में रहमपुर से बोरघुल चर जा रही नाव भंवर में फंसकर डूबी, चार बच्चों समेत छह लोग अभी भी लापता, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमें तलाश में जुटीं
- दुखद नाव दुर्घटना असम में: मंगलवार को ब्रह्मपुत्र नदी में 22 सवारों वाली नाव पलटी, 13 लोगों को बचाया गया लेकिन 6 लापता, जिसमें चार बच्चे, पुलिस और स्थानीय लोग बचाव कार्य में लगे
असम के बारपेटा जिले में ब्रह्मपुत्र नदी में एक दुखद नाव हादसा हुआ है। मंगलवार को मशीन चालित देशी नाव रहमपुर से बोरघुल चर की ओर जा रही थी। इस नाव में कुल 22 यात्री सवार थे। नाव भंवर की चपेट में आ गई और डूब गई। हादसे में छह लोग लापता हो गए हैं। इनमें चार बच्चे शामिल हैं। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस, सिविल प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के कर्मी बचाव अभियान में जुटे हैं। स्थानीय लोगों ने भी मदद की है। नाव बोरघुल चर नामक नदी द्वीप क्षेत्र की ओर जा रही थी। यह क्षेत्र नदी के बीच में स्थित है।
हादसा मंगलवार को हुआ। नाव आगे बढ़ते समय भंवर में फंस गई। इससे नाव पलट गई। पास में मौजूद एक अन्य नाव ने अधिकांश यात्रियों को बचा लिया। कुल 13 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। लेकिन छह लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में चार बच्चे हैं। बारपेटा राजस्व सर्कल के फील्ड ऑफिसर ज्योतिर्मय चौधरी ने बताया कि नाव भंवर की वजह से डूबी। बचाव कार्य जारी है। बारपेटा जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुशांत बिस्वा सरमा ने कहा कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ टीमें और पुलिस बचाव में लगी हैं। स्थानीय लोग भी सहयोग कर रहे हैं।
हादसे का विवरण और कारण
नाव मशीन चालित देशी नाव थी। यह रहमपुर से बोरघुल चर जा रही थी। बोरघुल चर नदी के बीच में वनस्पति से ढके द्वीप हैं। नाव में 22 यात्री सवार थे। नाव भंवर में फंस गई। भंवर की वजह से नाव अनियंत्रित हो गई और डूब गई। पास की एक नाव ने 13 लोगों को बचाया। छह लोग लापता हैं। इनमें चार बच्चे हैं। बचाव अभियान जारी है।
बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया। पुलिस और सिविल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के कर्मी भी शामिल हुए। एनडीआरएफ टीमों ने तलाश शुरू की। स्थानीय निवासियों ने भी नावों से मदद की। नदी में तेज बहाव है। ब्रह्मपुत्र नदी में भंवर आम हैं। यह क्षेत्र नदी द्वीपों से जुड़ा है। यात्रियों को इन द्वीपों तक पहुंचने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ता है। हादसे के बाद लापता लोगों की तलाश में कई घंटे बीत चुके हैं। अभी तक कोई और शव बरामद नहीं हुआ है। लेकिन लापता लोगों की संख्या छह बताई जा रही है।
बचाव अभियान की स्थिति
बचाव कार्य पुलिस, सिविल प्रशासन और एसडीआरएफ द्वारा किया जा रहा है। एनडीआरएफ टीमें भी शामिल हैं। स्थानीय लोग नावों से सहायता दे रहे हैं। तलाश जारी है। लापता छह लोगों में चार बच्चे हैं। 13 यात्रियों को बचाया गया। नदी में तेज बहाव के कारण चुनौतियां हैं। अभियान रात भर चल सकता है।
बारपेटा जिला ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे स्थित है। यहां नदी द्वीपों पर बसे गांवों तक पहुंचने के लिए नावें मुख्य साधन हैं। बोरघुल चर ऐसे ही एक क्षेत्र है। नावें अक्सर यात्रियों को ले जाती हैं। हादसे में शामिल नाव मशीन से चलने वाली थी। यह सामान्य देशी नाव थी। भंवर नदी के बीच में बनते हैं। इससे नावें प्रभावित होती हैं। अधिकारियों ने बताया कि हादसा भंवर के कारण हुआ। नाव पलटने के बाद यात्री पानी में गिर गए। कुछ तैरकर बाहर निकले। लेकिन छह लोग लापता रहे।
यात्रियों की संख्या और स्थिति
नाव में कुल 22 यात्री थे। इनमें बच्चे और वयस्क शामिल थे। 13 लोगों को बचाया गया। छह लापता हैं। चार बच्चे लापता हैं। दो अन्य वयस्क लापता हैं। कोई मौत की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन लापता लोगों की तलाश में समय लग रहा है।
असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर नाव हादसे पहले भी हो चुके हैं। लेकिन यह हादसा बारपेटा जिले में हुआ। नदी का बहाव तेज है। मौसम की स्थिति सामान्य थी। लेकिन भंवर अचानक बन जाते हैं। इससे नावें प्रभावित होती हैं। बचाव में कई टीमें लगी हैं। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखी है। लापता लोगों के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे हैं। वे जानकारी के लिए इंतजार कर रहे हैं। बचाव अभियान जारी है। उम्मीद है कि लापता लोग जल्द मिल जाएं।
क्षेत्र और नाव का प्रकार
क्षेत्र बारपेटा जिला है। नदी ब्रह्मपुत्र है। नाव मशीन चालित देशी नाव थी। यात्रा रहमपुर से बोरघुल चर तक थी। बोरघुल चर नदी द्वीप है। यहां वनस्पति है। नावें नियमित चलती हैं। हादसा भंवर से हुआ।
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को बुलाया। टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। तलाश में डाइवर्स भी शामिल हैं। नदी गहरी है। बहाव तेज है। इससे बचाव मुश्किल है। लेकिन प्रयास जारी हैं। 13 बचाए गए यात्रियों को चिकित्सा सहायता दी गई। वे सुरक्षित हैं। लापता छह लोगों की जानकारी एकत्र की जा रही है।
अधिकारियों के बयान
बारपेटा राजस्व सर्कल फील्ड ऑफिसर ज्योतिर्मय चौधरी ने भंवर को कारण बताया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुशांत बिस्वा सरमा ने बचाव टीमें बताईं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस लगी हैं। स्थानीय सहयोग मिल रहा है।
यह हादसा ब्रह्मपुत्र नदी की खतरनाक प्रकृति को दर्शाता है। नदी में भंवर और तेज बहाव यात्रियों के लिए जोखिम पैदा करते हैं। बारपेटा जैसे जिलों में नावें मुख्य परिवहन हैं। हादसे के बाद सुरक्षा पर ध्यान दिया जा सकता है। फिलहाल बचाव अभियान मुख्य है। लापता लोगों की तलाश जारी है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है।
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