Lucknow : उत्तर प्रदेश के 12 जिलों के 14 गांवों में चकबंदी का काम पूरा, 3 गांव प्रक्रिया से बाहर
चकबंदी आयुक्त के सामने कन्नौज, बिजनौर, सहारनपुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, बरेली, गोरखपुर, सुल्तानपुर और मुरादाबाद के जिलाधिकारियों व बंदोबस्त अधिकारियों ने काम पूरा होने का प्रस्ताव रखा था, जिसे आयुक्त ने कानूनन लागू कर दिया है। इन 14 गांवों में
मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के बाद चकबंदी आयुक्त डॉक्टर हृषिकेश भास्कर यशोद ने जिला स्तरीय अधिकारियों को लंबे समय से रुके हुए गांवों में अभियान चलाकर चकबंदी प्रक्रिया पूरी करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में विभिन्न जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा चौपाल लगाकर और मौके पर जाकर रुका हुआ काम निपटाया जा रहा है। चकबंदी आयुक्त ने सोमवार को 12 जिलों के 14 गांवों में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को उत्तर प्रदेश जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-52(1) के तहत मंजूरी देते हुए काम पूरा करने का अंतिम आदेश जारी कर दिया है।
चकबंदी आयुक्त के सामने कन्नौज, बिजनौर, सहारनपुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, बरेली, गोरखपुर, सुल्तानपुर और मुरादाबाद के जिलाधिकारियों व बंदोबस्त अधिकारियों ने काम पूरा होने का प्रस्ताव रखा था, जिसे आयुक्त ने कानूनन लागू कर दिया है। इन 14 गांवों में से कुछ गांव ऐसे थे जहां दशकों से यह काम अटका हुआ था। इसमें कन्नौज का अकबरपुर गांव पिछले 45 सालों से, बिजनौर का कस्बा झालू 37 सालों से, सहारनपुर का डालामजरा 37 सालों से और प्रयागराज का राजेपुर मय सराय अरजानी गांव पिछले 34 सालों से चकबंदी की प्रक्रिया में उलझा हुआ था। अधिकारियों की कड़ी निगरानी के बाद आखिरकार यहां चकबंदी का काम संपन्न हो सका है। दूसरी ओर, हरदोई के टैनी, चित्रकूट के कौडर (कुन्दर) और अयोध्या के माफा रामपुर हलवारा गांव को नियमों के तहत इस प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है।
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