Hardoi: विश्व पर्यावरण दिवस पर अस्तित्व फाउंडेशन में पर्यावरण संरक्षण का संदेश
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अस्तित्व फाउंडेशन द्वारा संचालित पंचम 15 दिवसीय महिला सशक्तिकरण
हरदोई: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अस्तित्व फाउंडेशन द्वारा संचालित पंचम 15 दिवसीय महिला सशक्तिकरण प्रशिक्षण शिविर में पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता से संबंधित विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों एवं प्रतिभागियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना तथा प्रकृति संरक्षण के महत्व को समझाना था।
इस अवसर पर बच्चों ने चित्रकला के माध्यम से पृथ्वी को सुरक्षित रखने एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने अपने चित्रों के माध्यम से वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण तथा स्वच्छ पर्यावरण की आवश्यकता को दर्शाया। कुछ बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित कविताएँ एवं संभाषण प्रस्तुत किए तथा पर्यावरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं।
सिलाई प्रशिक्षण सत्र में बच्चों को *चार कली का पेटीकोट* बनाना सिखाया गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कपड़े के झोले तैयार कराए गए तथा प्लास्टिक की पॉलिथीन का उपयोग कम करने का संदेश दिया गया। डांस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को लोकप्रिय गीत *"ऑल इज़ वेल"* पर नृत्य का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान ताल, लय एवं भाव-भंगिमाओं का अभ्यास कराते हुए समूह नृत्य की तकनीकों को सिखाया गया।
ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को *पेडिक्योर* की प्रक्रिया एवं उससे संबंधित आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता एवं सौंदर्य देखभाल के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। मार्शल आर्ट्स सत्र में बच्चों को आत्मरक्षा के लिए विभिन्न उपयोगी एक्शन एवं तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विपरीत परिस्थितियों में आत्मविश्वास के साथ अपनी सुरक्षा करने के उपाय बताए।
ढोलक प्रशिक्षण में बच्चों को सुर और ताल के अनुसार गायन एवं संगत का अभ्यास कराया गया। इस प्रशिक्षण से बच्चों में संगीत के प्रति रुचि एवं लयबद्धता का विकास हुआ। मेहंदी प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को पेंसिल की सहायता से बेल एवं अरबी डिज़ाइन बनाना सिखाया गया। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न आकर्षक डिज़ाइनों का अभ्यास कराया गया, जिससे उनकी कलात्मक प्रतिभा को निखारने में सहायता मिली।
इस अवसर पर अस्तित्व फाउंडेशन की अध्यक्ष ऋचा गुप्ता ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस का विषय नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रतिभागियों से पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने तथा अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण हितैषी आदतों को अपनाने का आह्वान किया। लक्ष्मी गुप्ता के अनुसार शिविर में उपस्थित बच्चों एवं महिलाओं ने सभी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। अस्तित्व फाउंडेशन द्वारा महिलाओं एवं युवाओं को कौशल विकास, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक जागरूकता की दिशा में निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण शिविर 15 जून 2026 तक निरंतर संचालित रहेगा, जिसमें प्रतिभागियों को विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
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