Sitapur : सीतापुर में प्राकृतिक खेती को लेकर बड़ा अभियान, दूरदर्शन किसान की टीम ने किया कवरेज

इस सिलसिले में बिसवां के हरगोविंद सभा सभागार में एक जिला स्तरीय कार्यशाला हुई, जिसकी अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला ने की। मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने कहा कि प्राकृतिक खेती से खेती की लागत कम होगी और शुद्ध फसल मिले

Jun 19, 2026 - 21:53
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Sitapur : सीतापुर में प्राकृतिक खेती को लेकर बड़ा अभियान, दूरदर्शन किसान की टीम ने किया कवरेज
Sitapur : सीतापुर में प्राकृतिक खेती को लेकर बड़ा अभियान, दूरदर्शन किसान की टीम ने किया कवरेज

Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर

सीतापुर: कृषि विज्ञान केन्द्र कटिया की ओर से चलाए जा रहे खेत बचाओ अभियान और विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत जिले में प्राकृतिक खेती, पानी की बचत और टिकाऊ खेती को लेकर बड़े स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम किए गए। वैज्ञानिकों की टीमों ने गांवों में जाकर किसानों को मिट्टी की सेहत सुधारने, पानी बचाने, रसायन मुक्त खेती करने और अलग-अलग फसलें उगाने की जानकारी दी।

इस सिलसिले में बिसवां के हरगोविंद सभा सभागार में एक जिला स्तरीय कार्यशाला हुई, जिसकी अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला ने की। मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने कहा कि प्राकृतिक खेती से खेती की लागत कम होगी और शुद्ध फसल मिलेगी। विधायक निर्मल वर्मा ने भी किसानों से वैज्ञानिकों की सलाह मानने की बात कही। कृषि विज्ञान केंद्र कटिया के प्रक्षेत्र प्रबंधक डॉक्टर योगेंद्र प्रताप सिंह ने जीवामृत, घनजीवामृत और वाफसा सिद्धांत के बारे में बताते हुए कहा कि मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बचाने के लिए प्राकृतिक खेती आज बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में भाजपा जिला महामंत्री सुधाकर शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष जया सिंह, गन्ना विकास निरीक्षक दिलीप कुमार सिंह, सचिव मुकेश कुमार सक्सेना और रेखा वर्मा पटेल समेत कई लोग मौजूद रहे।

इसी तरह कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अध्यक्ष डॉक्टर दयाशंकर श्रीवास्तव की देखरेख में कमुआ गांव में किसान-वैज्ञानिक बातचीत का कार्यक्रम हुआ। इसमें अग्रणी जिला प्रबंधक मनोज कुमार, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अनमोल व्यामी, उपनिदेशक कृषि डॉक्टर एस.के. सिंह और जिला कृषि रक्षा अधिकारी शिवशंकर शामिल हुए। इस कार्यक्रम में दूरदर्शन किसान की टीम भी पहुंची, जिसने किसानों के अनुभवों और वैज्ञानिकों के सुझावों को रिकॉर्ड किया। इसके अलावा महमूदाबाद में डॉक्टर शैलेन्द्र कुमार सिंह ने फसल प्रबंधन, लहरपुर में डॉक्टर आनंद सिंह ने पशुपालन और खैराबाद में डॉक्टर रीमा ने महिला किसानों को पोषण वाटिका और जैविक उत्पाद बनाने की जानकारी दी। इस अभियान ने साबित किया है कि प्राकृतिक खेती पर्यावरण बचाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने में मददगार है।

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