69000 शिक्षक भर्ती: बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से मिले आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी, सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी की मांग

उत्तर प्रदेश की 69000 शिक्षक भर्ती के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से मुलाकात की। सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के लिए ज्ञापन सौंपा।

Jul 9, 2026 - 23:12
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69000 शिक्षक भर्ती: बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से मिले आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी, सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी की मांग
69000 शिक्षक भर्ती मामला: बेसिक शिक्षा मंत्री से मिले आरक्षित वर्ग के युवा, सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई में वरिष्ठ वकील भेजने की लगाई गुहार

उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित 69000 सहायक अध्यापक भर्ती मामले को लेकर आरक्षित वर्ग के पीड़ित अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में लखनऊ में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से मुलाकात की। अभ्यर्थियों ने अपनी समस्याओं और कानूनी अड़चनों को लेकर मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य आगामी दिनों में देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) में होने वाली अहम सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से मजबूत और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित कराना है। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले ताकि लंबे समय से भटक रहे युवाओं को राहत मिल सके।

मुलाकात के दौरान अभ्यर्थियों ने मंत्री के सामने अपनी चिंताएं व्यक्त करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के समय बेसिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिवक्ता कोर्ट में समय पर उपस्थित रहें। वे आरक्षित वर्ग के युवाओं के हितों को ध्यान में रखकर सरकार का पक्ष मजबूती से अदालत के सामने प्रस्तुत करें। अभ्यर्थियों का कहना है कि सही ढंग से पैरवी होने पर ही उन हजारों योग्य उम्मीदवारों को न्याय मिल सकेगा जो लंबे समय से चयन प्रक्रिया से बाहर हैं और मानसिक व आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं।

अभ्यर्थियों की ओर से अपनी बात रखते हुए अमरेंद्र पटेल ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा निकाली गई इस शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों की अनदेखी की गई थी, जिसके कारण आरक्षित वर्ग के हजारों योग्य अभ्यर्थी चयन सूची से बाहर हो गए। उन्होंने कहा कि पीड़ित युवा पिछले लगभग छह वर्षों से आरक्षण के नियमों का सही तरीके से पालन कराने की मांग को लेकर लगातार शांतिपूर्ण आंदोलन और संघर्ष कर रहे हैं। लंबे समय तक चली कानूनी लड़ाई के बाद हाई कोर्ट की लखनऊ डबल बेंच ने अभ्यर्थियों के पक्ष में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया था।

हाई कोर्ट की डबल बेंच ने अपने आदेश में नियमों का पूरी तरह पालन करते हुए नई चयन सूची बनाकर अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद भी आरक्षित वर्ग के युवाओं को उनका हक नहीं मिल पाया। अब यह पूरा विवाद सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है। अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री से विशेष आग्रह किया है कि विभाग की तरफ से नियुक्त सरकारी वकीलों को अनिवार्य रूप से कोर्ट रूम में मौजूद रहने के निर्देश दिए जाएं, ताकि वे आरक्षित वर्ग के पक्ष में मजबूती से बहस कर सकें और सालों से लंबित इस भर्ती का न्यायपूर्ण समाधान निकल सके।

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