लखीमपुर खीरी मेडिकल कॉलेज में नौकरी के नाम पर ठगी: सवालों के घेरे में प्राचार्य वाणी गुप्ता, पुलिस जांच तेज

लखीमपुर खीरी मेडिकल कॉलेज में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी का मामला गरमाया। प्राचार्य वाणी गुप्ता की भूमिका पर उठे सवाल, पुलिस जांच में जुटी।

By INA News Desk
Jul 9, 2026 - 23:10
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लखीमपुर खीरी मेडिकल कॉलेज में नौकरी के नाम पर ठगी: सवालों के घेरे में प्राचार्य वाणी गुप्ता, पुलिस जांच तेज
लखीमपुर खीरी मेडिकल कॉलेज में नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, सिर्फ ड्राइवर पर कार्रवाई से पीड़ित असंतुष्ट, प्राचार्य की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
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लखीमपुर खीरी जिले के सरकारी मेडिकल कॉलेज में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस कथित ठगी प्रकरण ने अब सीधे मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉक्टर वाणी गुप्ता के प्रशासनिक कामकाज और उनकी भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले से जुड़े पीड़ितों और शिकायतकर्ताओं का सीधा आरोप है कि पूरे खेल में केवल एक सरकारी गाड़ी के चालक को मोहरा बनाकर मुख्य जिम्मेदार लोग खुद को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों की वास्तविक सच्चाई और कानूनी पहलुओं की पुष्टि पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट के बाद ही साफ हो सकेगी।

ठगी का शिकार हुए पीड़ितों का दावा है कि अस्पताल और कॉलेज में विभिन्न पदों पर नियुक्ति दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूली गई थी। आरोप यह भी है कि रुपयों का यह कथित लेनदेन पूरी तरह से कॉलेज के रसूखदार लोगों के संज्ञान में था। ऐसे में अब स्थानीय स्तर पर यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि यदि इस पूरे घोटाले को केवल एक वाहन चालक ही अंजाम दे रहा था, तो इतने लंबे समय तक मेडिकल कॉलेज प्रशासन और उच्च अधिकारियों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? अगर इस गड़बड़ी की जानकारी प्रबंधन को पहले से थी, तो दोषी कर्मचारी के खिलाफ तुरंत ही सख्त विभागीय और कानूनी पुलिस कार्रवाई क्यों सुनिश्चित नहीं कराई गई?

इस पूरे प्रकरण को लेकर स्वास्थ्य महकमे में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि उक्त चालक पहले से ही इस तरह की संदिग्ध और अवैध गतिविधियों में लिप्त था, तो उसे प्रशासनिक स्तर पर किसका संरक्षण मिलता रहा। पीड़ितों ने साफ तौर पर कहा है कि केवल एक छोटे कर्मचारी के सिर पर पूरा ठीकरा फोड़ देने से मेडिकल कॉलेज प्रबंधन अपनी नैतिक और प्रशासनिक जवाबदेही से बिल्कुल बच नहीं सकता।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कई पीड़ितों ने साक्ष्यों के साथ स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। अब यह पुलिस की विस्तृत जांच ही तय करेगी कि इस ठगी के पीछे सिर्फ चालक का दिमाग था या फिर भ्रष्टाचार की यह कड़ियां मेडिकल कॉलेज के बड़े अधिकारियों तक भी जुड़ी हुई हैं। जांच के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी।

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