National Award for UP Education Officers: राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए उत्तर प्रदेश में चयन प्रक्रिया शुरू, चुने जाएंगे 4 BSA और 6 BEO

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार शिक्षा प्रशासन में नवाचार करने वाले अधिकारियों को राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाएगी। इसके लिए 4 BSA और 6 BEO के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

Jun 23, 2026 - 00:27
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National Award for UP Education Officers: राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए उत्तर प्रदेश में चयन प्रक्रिया शुरू, चुने जाएंगे 4 BSA और 6 BEO
  • UP Education Reforms National Award: शिक्षा सुधारों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की बड़ी पहल, 10 उत्कृष्ट अधिकारियों को परखेगी योगी सरकार
  • योगी सरकार का बड़ा कदम: जमीनी स्तर पर शिक्षा बदलने वाले अफसरों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच, शुरू हुई चयन प्रक्रिया
  • UP Education Update: शिक्षा मंत्रालय के राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए उत्तर प्रदेश से भेजे जाएंगे 4 BSA और 6 BEO के नाम

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य के शिक्षा ढांचे में सुधार लाने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सक्रिय हो गई है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय से संबद्ध प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार 'अवार्ड फॉर इनोवेशन एंड गुड प्रैक्टिसेज इन एजुकेशनल एडमिनिस्ट्रेशन' के लिए प्रदेश में चयन प्रक्रिया सोमवार से शुरू कर दी गई है। इस प्रक्रिया के तहत राज्य के विभिन्न जनपदों से कुल 4 जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) और 6 खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) का चयन किया जाएगा। लखनऊ में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की गई इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन अधिकारियों के नवाचार, सुसुझाव और बेहतर प्रबंधन को राष्ट्रीय मंच पर लाना है, जिन्होंने सरकारी स्कूलों के शैक्षणिक माहौल और बच्चों के सीखने के परिणामों में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं।

यह आयोजन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पहल के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों को नामांकित करने से जुड़ा है। केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले इस पुरस्कार का मूल उद्देश्य देश भर के उन शिक्षा प्रशासकों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपनी कार्यप्रणाली में लीक से हटकर नए प्रयोग (नवाचार) किए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार अब ऐसे अधिकारियों के सर्वश्रेष्ठ प्रशासनिक मॉडलों और अच्छे अभ्यासों की समीक्षा कर रही है, ताकि राज्य के सफल शिक्षा मॉडलों को पूरे देश के सामने मिसाल के रूप में पेश किया जा सके।

चयन के कड़े मापदंड

अपर राज्य परियोजना निदेशक प्रेम रंजन सिंह द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, राज्य के सभी 75 जिलों को इस संबंध में सख्त निर्देश भेज दिए गए हैं। सभी जनपदों को शिक्षा प्रशासन में अनुकरणीय कार्य करने वाले अधिकारियों का पूरा रिकॉर्ड एक निर्धारित प्रारूप में मुख्यालय को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।

इस चयन प्रक्रिया के दौरान केवल कागजी दावों को नहीं, बल्कि धरातल पर आए वास्तविक बदलावों को परखा जाएगा। चयन के मुख्य मापदंडों में प्रशासनिक सुशासन, स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण, सामुदायिक सहभागिता (जनभागीदारी), वित्तीय पारदर्शिता और सबसे महत्वपूर्ण—विद्यार्थियों के अधिगम स्तर (सीखने की क्षमता) में हुआ गुणात्मक सुधार शामिल हैं। उत्तर प्रदेश से अंतिम रूप से चुने जाने वाले यह 10 अधिकारी राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले मुख्य आयोजन में राज्य की शिक्षा नीतियों और उनकी सफलताओं का प्रतिनिधित्व करेंगे।

शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों और जिलों में तैनात फील्ड अधिकारियों की ओर से इस फैसले पर बेहद सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के राष्ट्रीय सम्मान से प्रशासनिक तंत्र में एक स्वस्थ और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत होगी।

field में तैनात खंड शिक्षा अधिकारियों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने कहा कि अक्सर जमीनी स्तर पर दिन-रात मेहनत करने वाले प्रशासनिक प्रयासों को वह पहचान नहीं मिल पाती जिसके वे हकदार होते हैं। सरकार के इस कदम से पारदर्शी और परिणाम-आधारित काम करने वाले अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे पूरी व्यवस्था अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनेगी।

विगत कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश के बुनियादी शिक्षा क्षेत्र में व्यापक प्रशासनिक और अकादमिक बदलाव आए हैं। 'निपुण भारत मिशन', 'ऑपरेशन कायाकल्प', 'बाल वाटिका', 'मिशन प्रेरणा' और प्राथमिक स्कूलों में 'स्मार्ट कक्षाओं' के विस्तार जैसे बड़े कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर लागू करने की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों पर रही है।

इस राष्ट्रीय चयन प्रक्रिया के शुरू होने से इन सभी योजनाओं के क्रियान्वयन की गुणवत्ता की एक बार फिर से गहन समीक्षा हो सकेगी। इसके प्रभाव से न केवल स्कूलों का प्रबंधन सुधरेगा, बल्कि भविष्य में और अधिक नवाचारी परियोजनाओं को लागू करने के लिए अधिकारियों को प्रोत्साहन मिलेगा।

सभी जनपदों से प्रविष्टियां और प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद, राज्य स्तर पर गठित एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति इन नामांकनों की बारीकी से छंटनी करेगी। अंतिम रूप से चयनित 4 BSA और 6 BEO की सूची को मंजूरी के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को भेजा जाएगा। आने वाले महीनों में दिल्ली में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह में इन अधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश के शिक्षा मॉडल को एक नई राष्ट्रीय साख मिलेगी।

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