Deoband : रात में बार-बार पेशाब आने की समस्या को न करें नजरअंदाज, हो सकती है नोक्ट्यूरिया बीमारी

वरिष्ठ डॉक्टरों का कहना है कि 50 साल से अधिक उम्र के पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना इस समस्या का एक बड़ा कारण है। प्रोस्टेट का आकार बढ़ने से पेशाब की नली पर दबाव पड़ता है, जिससे ब्लैडर पूरी तरह साफ नहीं हो पाता और रात में बार-बार बाथरूम भाग

Jun 1, 2026 - 21:48
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Deoband : रात में बार-बार पेशाब आने की समस्या को न करें नजरअंदाज, हो सकती है नोक्ट्यूरिया बीमारी
Deoband : रात में बार-बार पेशाब आने की समस्या को न करें नजरअंदाज, हो सकती है नोक्ट्यूरिया बीमारी

रात में एक बार उठकर बाथरूम जाना सामान्य बात है, खासकर तब जब आपने सोने से पहले ज्यादा पानी या कोई अन्य पेय पदार्थ पिया हो। लेकिन अगर आपको हर रात बार-बार पेशाब करने के लिए उठना पड़ता है, तो यह आपके शरीर में किसी बीमारी का संकेत हो सकता है। चिकित्सा विज्ञान में इस समस्या को नोक्ट्यूरिया कहा जाता है। यह परेशानी पुरुषों और महिलाओं दोनों में देखने को मिलती है, जिससे नींद खराब होती है और दिनभर थकान व कमजोरी बनी रहती है।

चिकित्सकों के अनुसार नोक्ट्यूरिया खुद में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर में पनप रही किसी दूसरी बीमारी का लक्षण है। इसके पीछे कई सामान्य और गंभीर कारण हो सकते हैं। शाम या रात के समय चाय, कॉफी, शराब या कोल्ड ड्रिंक्स का अधिक सेवन करने से शरीर में पेशाब ज्यादा बनता है। इसके अलावा यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन, शुगर, किडनी की बीमारी या दिल से जुड़ी परेशानियां भी इसकी मुख्य वजह हो सकती हैं।

वरिष्ठ डॉक्टरों का कहना है कि 50 साल से अधिक उम्र के पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना इस समस्या का एक बड़ा कारण है। प्रोस्टेट का आकार बढ़ने से पेशाब की नली पर दबाव पड़ता है, जिससे ब्लैडर पूरी तरह साफ नहीं हो पाता और रात में बार-बार बाथरूम भागना पड़ता है। इसके लक्षणों में पेशाब की धार कमजोर होना और पेशाब शुरू करने में दिक्कत आना शामिल है। वहीं महिलाओं में मेनोपॉज के बाद हार्मोन के बदलाव, पेल्विक हिस्से की मांसपेशियों की कमजोरी या ब्लैडर की खराबी के कारण यह दिक्कत होती है। कई बार ब्लड प्रेशर या दिल की दवाइयों के असर से भी रात में बार-बार पेशाब आता है।

अगर रात में बार-बार पेशाब आने के साथ-साथ पेशाब में जलन, खून आना, बहुत ज्यादा प्यास लगना, पैरों में सूजन या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। लगातार नींद टूटने से मानसिक स्वास्थ्य और शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता पर बुरा असर पड़ता है।

राहत की बात यह है कि सही समय पर जांच और इलाज से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। अपनी जीवनशैली में थोड़ा बदलाव करके, जैसे सोने से दो-तीन घंटे पहले पानी या अन्य तरल पदार्थों का सेवन कम करके और कैफीन व शराब से दूरी बनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है। सही वजह का पता लगाने के लिए डॉक्टर यूरिन टेस्ट, ब्लड शुगर जांच, ब्लैडर स्कैन या किडनी फंक्शन टेस्ट की सलाह देते हैं। इसे बढ़ती उम्र का असर मानकर बैठने के बजाय यूरोलॉजिस्ट से सलाह लेना बेहद जरूरी है ताकि समय रहते सेहत में सुधार हो सके।

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