लखनऊ के बीकेटी में बहन से छेड़खानी का विरोध करने पर पिता-पुत्र को पीटा, पुलिस पर लगा सुनवाई न करने का आरोप
लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र में बहन से छेड़खानी का विरोध करने पर दबंगों ने पिता-पुत्र को बेरहमी से पीटा। पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया।
राजधानी लखनऊ के बख्शी का तालाब (बीकेटी) अंतर्गत इटौंजा थाना क्षेत्र के करौंदी गांव में एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक भाई को अपनी बहन के साथ हुई बदसलूकी और छेड़खानी का विरोध करना भारी पड़ गया। आरोप है कि विरोध जताने से भड़के गांव के ही कुछ दबंगों ने पूरे परिवार पर हमला बोल दिया और पिता व पुत्र को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीट दिया। इस हिंसक हमले में वृद्ध पिता गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं और उनके पैर की हड्डी टूट गई है। घटना के बाद जब पीड़ित न्याय की गुहार लेकर स्थानीय थाने पहुंचे, तो वहां भी उन्हें घंटों बैठना पड़ा। पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन पर समय से कार्रवाई न करने और मामले को टालने का गंभीर आरोप लगाया है।
मामले की जानकारी देते हुए पीड़ित अभय ने बताया कि गांव के रहने वाले शिवम, बबलू और करन ने उनकी बहन के साथ अभद्र व्यवहार किया था। जब उन्होंने और उनके पिता रामनरेश ने इस बात पर आपत्ति जताई और आरोपियों को समझाने का प्रयास किया, तो वे लोग आगबबूला हो गए। आरोपियों ने लाठी-डंडों से लैस होकर उन पर हमला कर दिया। रामनरेश को इतनी बेरहमी से मारा गया कि वह जमीन पर गिर पड़े और उनके पैर में गंभीर फ्रैक्चर हो गया। हमले के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
गंभीर रूप से चोटिल पिता को लेकर पीड़ित सुबह करीब आठ बजे ही लिखित शिकायत देने इटौंजा थाने पहुंच गया था। पीड़ित का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मामले की संवेदनशीलता को समझने के बजाय चार घंटे के भीतर चार बार शिकायत पत्र (तहरीर) बदलवाया। बार-बार लिखापढ़ी बदलने के बाद भी दोपहर तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और न ही पुलिस ने उन्हें कोई राहत दी, जिसके कारण घायल वृद्ध पिता को असहनीय दर्द के बीच थाने के बाहर जमीन पर बैठकर लंबा इंतजार करना पड़ा।
घायल रामनरेश ने दर्द बयां करते हुए कहा कि उनके पैर में गहरा जख्म है और वह बिना सहारे के खड़े भी नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने पुलिस के व्यवहार पर दुख जताते हुए कहा कि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने उनका दर्द देखकर भी हालचाल तक नहीं पूछा और न ही उन्हें प्राथमिक उपचार या मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजने की कोई व्यवस्था की। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने से निराश होकर अब इस ग्रामीण परिवार ने जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर एक्शन लेने की मांग की है। दूसरी तरफ, इटौंजा थाना प्रभारी ने इस संबंध में बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जांच के आधार पर सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
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