लखनऊ में संस्कृति विभाग आयोजित करेगा एक दर्जन से अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रम, मंत्री जयवीर सिंह ने दी जानकारी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में संस्कृति विभाग एक दर्जन से अधिक बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करेगा। स्थानीय कलाकारों को रोजगार और मानदेय मिलेगा।

By INA News Desk
Jul 9, 2026 - 23:06
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लखनऊ में संस्कृति विभाग आयोजित करेगा एक दर्जन से अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रम, मंत्री जयवीर सिंह ने दी जानकारी
उत्तर प्रदेश की राजधानी में गूंजेगी लोक कला की तान, संस्कृति विभाग आयोजित करेगा एक दर्जन से अधिक बड़े समारोह, स्थानीय कलाकारों को मिलेगा मंच और रोजगार
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उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने राज्य के सांस्कृतिक विकास और लोक कलाकारों के कल्याण को लेकर एक बड़ी घोषणा की है। चालू वित्तीय वर्ष के दौरान महापुरुषों की जयंतियों, राष्ट्रीय त्योहारों, प्रमुख धार्मिक व आस्था केंद्रों और देश के गौरवशाली इतिहास से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं की याद में संस्कृति विभाग द्वारा राजधानी लखनऊ में एक दर्जन से अधिक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस पूरी कार्ययोजना का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस, विशेषकर युवा पीढ़ी को देश के ऐतिहासिक गौरव, राष्ट्रीय पर्वों और पवित्र आस्था स्थलों के महत्व से परिचित कराना है। इसके साथ ही इन आयोजनों के माध्यम से स्थानीय और ग्रामीण कलाकारों को बड़े मंचों से जोड़ा जाएगा, जिससे उन्हें सम्मानजनक मानदेय मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

संस्कृति विभाग द्वारा तैयार किए गए वार्षिक कैलेंडर के अनुसार, लखनऊ के बाजनगर शहीद स्मारक स्थल पर काकोरी ट्रेन एक्शन की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में अगस्त महीने में एक बड़े सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसी कड़ी में दिसंबर में काकोरी के अमर शहीदों की स्मृति में काकोरी बलिदान दिवस पर विशेष कार्यक्रम होंगे। संगीत के क्षेत्र में अक्टूबर महीने में सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका गिरजा देवी की स्मृति में एक भव्य संगीत समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा, दिसंबर के महीने में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर उनकी याद में एक विशाल सांस्कृतिक और साहित्यिक समारोह का आयोजन किया जाना तय हुआ है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ ज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए जुलाई महीने में 'रिवरवैली सिविलाइजेशन ऑफ उत्तर प्रदेश' और 'आर्कियोलॉजिकल कल्चरल हेरिटेज टूरिज्म प्रोजेक्ट' के अंतर्गत पुरातत्व निदेशालय के सहयोग से एक राष्ट्रीय सेमिनार और संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। नवंबर महीने में महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान द्वारा एक भव्य जनजातीय उत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश भर के आदिवासी कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही नवंबर और दिसंबर के दौरान उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बंगाल की पारंपरिक कला को दर्शाने वाला 'पुतुल पर्व' यानी कठपुतली महोत्सव भी आयोजित किया जाएगा, जो बच्चों और आम लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा।

नया साल शुरू होते ही जनवरी महीने में राज्य ललितकला अकादमी के सहयोग से पांच दिवसीय 'यूपी दिवस' समारोह का आयोजन होगा, जिसका मुख्य आकर्षण अद्भुत सैंड आर्ट (रेत शिल्प) प्रदर्शनी होगी। जनवरी में ही राज्य संग्रहालय लखनऊ के तत्वाधान में सिक्कों और प्राचीन इतिहास पर आधारित छह दिवसीय 'संग्रहालय विज्ञान कार्यशाला' का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त अगस्त महीने में 'मोक्ष सप्तमी' पर एक दिवसीय सेमिनार और अगस्त-सितंबर के दौरान कत्थक सम्राट गुरु लच्छू महाराज की स्मृति में दो दिवसीय कत्थक समारोह का आयोजन उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के सौजन्य से किया जाएगा। इन सभी आयोजनों में देश और दुनिया भर में नाम कमा चुके विख्यात कलाकारों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के सुदूर क्षेत्रों से आने वाले स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा मौका दिया जाएगा।

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