दिल्ली में सियासी उथल-पुथल की अटकलें- सौरभ भारद्वाज ने दावा किया, प्रदर्शन नाकामी से रेखा गुप्ता की कुर्सी खतरे में, एलजी को फिर सक्रिय कर नया मुख्यमंत्री लाने की तैयारी।
दिल्ली की राजनीति में प्रदूषण के मुद्दे पर चल रहा टकराव अब सत्ता परिवर्तन की अटकलों में बदल गया है। आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली
दिल्ली की राजनीति में प्रदूषण के मुद्दे पर चल रहा टकराव अब सत्ता परिवर्तन की अटकलों में बदल गया है। आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बड़ा दावा किया है कि भाजपा नेतृत्व दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के प्रदर्शन से असंतुष्ट है और उनकी लोकप्रियता में गिरावट के कारण उन्हें जल्द हटाने की तैयारी चल रही है। भारद्वाज ने कहा कि केंद्र सरकार का मानना है कि रेखा गुप्ता की वजह से भाजपा का ग्राफ नीचे जा रहा है, जिसका असर पूरे देश में पड़ रहा है। इस दावे को उन्होंने उपराज्यपाल वीके सक्सेना के हालिया पत्र से जोड़ा, जिसे उन्होंने एलजी की नई सक्रियता और रीलॉन्चिंग करार दिया।
यह दावा 24 दिसंबर 2025 को सामने आया, जब उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 15 पन्नों का पत्र लिखकर दिल्ली के प्रदूषण के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। पत्र में सक्सेना ने केजरीवाल सरकार के कार्यकाल में प्रदूषण नियंत्रण में कथित लापरवाही का जिक्र किया। इस पत्र पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी और सौरभ भारद्वाज ने इसे भाजपा की आंतरिक कलह से जोड़ते हुए कहा कि पिछले दस महीनों से एलजी को साइडलाइन किया गया था, लेकिन अब अचानक उन्हें सक्रिय करना इस बात का संकेत है कि नया मुख्यमंत्री आने वाला है। भारद्वाज ने दावा किया कि जब तक नया मुख्यमंत्री नियुक्त नहीं होता, तब तक एलजी दिल्ली की कमान संभालेंगे, जैसे पहले हुआ करता था। सौरभ भारद्वाज ने एक वीडियो संदेश में कहा कि कल गृह मंत्री के आवास पर इस मुद्दे पर बैठक भी हुई थी। उन्होंने पत्र को महज प्रदूषण का बहाना बताते हुए कहा कि असल मकसद जनता का ध्यान भाजपा सरकार की नाकामी से हटाना है। भारद्वाज ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदूषण ने न केवल लोगों के फेफड़ों को प्रभावित किया है, बल्कि एलजी की याददाश्त को भी, क्योंकि वे भूल गए कि अब अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री नहीं हैं और रेखा गुप्ता हैं। उन्होंने एलजी के पत्र को लेटर नौटंकी करार दिया, जो मीडिया में बने रहने की कोशिश है।
यह दावा ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार गंभीर बना हुआ है और भाजपा सरकार पर पिछले दस महीनों में ठोस कदम न उठाने के आरोप लग रहे हैं। रेखा गुप्ता फरवरी 2025 से दिल्ली की मुख्यमंत्री हैं और भाजपा की 27 साल बाद दिल्ली में सत्ता वापसी के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी मिली थी। उनके नेतृत्व में भाजपा ने 48 सीटें जीती थीं। हालांकि, प्रदूषण, यमुना सफाई और अन्य मुद्दों पर विपक्षी दल लगातार हमलावर हैं। आम आदमी पार्टी ने प्रदूषण को लेकर कई व्यंग्यात्मक वीडियो और बयान जारी किए हैं, जिसमें भाजपा सरकार की कथित नाकामी को उजागर किया गया है। सौरभ भारद्वाज ने अपने दावे में कहा कि केंद्र सरकार को लग रहा है कि रेखा गुप्ता के कारण पार्टी की लोकप्रियता घट रही है और इसका राष्ट्रीय स्तर पर असर पड़ रहा है। उन्होंने एलजी के पत्र को इसी संदर्भ में देखते हुए कहा कि यह एलजी की दिल्ली में फिर से सक्रिय भूमिका की शुरुआत है। भारद्वाज ने दावा किया कि प्रदूषण के बहाने पुरानी सरकार को दोष देने की कोशिश की जा रही है, जबकि वर्तमान सरकार के दस महीनों के कार्यों पर सवाल उठ रहे हैं।
यह बयान दिल्ली की सियासत में नई हलचल पैदा कर रहा है। प्रदूषण का मुद्दा पहले से ही भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच टकराव का कारण बना हुआ है। उपराज्यपाल का पत्र आने के बाद आम आदमी पार्टी ने इसे भाजपा की आंतरिक असंतोष से जोड़ दिया है। भारद्वाज ने कहा कि एलजी को पहले साइडलाइन किया गया था, लेकिन अब उन्हें फिर से आगे लाना सत्ता परिवर्तन की तैयारी का संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति तक एलजी दिल्ली संभालेंगे। दिल्ली में रेखा गुप्ता की सरकार फरवरी 2025 से काम कर रही है और कई परियोजनाओं पर फोकस किया गया है, लेकिन प्रदूषण जैसे मौसमी मुद्दे पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। सौरभ भारद्वाज का यह दावा भाजपा के अंदरूनी मामलों पर नई बहस छेड़ सकता है। उन्होंने अपने वीडियो में स्पष्ट कहा कि केंद्र को रेखा गुप्ता के प्रदर्शन से समस्या है और यही कारण है कि एलजी को फिर से सक्रिय किया गया।
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