Lucknow: जगमग हुए प्रदेश के सभी गांव, उद्यमों ने पकड़ी रफ्तार- बजट 2026-27 में 65,926 करोड़ का प्रावधान, बिजली क्षेत्र को नई ऊर्जा। 

वर्ष 2017 से पहले बिजली की किल्लत से जूझ रहे उत्तर प्रदेश के गांव अब जगमगा रहे हैं। योगी सरकार ने ग्रामीण विद्युतीकरण को

Feb 13, 2026 - 14:47
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Lucknow: जगमग हुए प्रदेश के सभी गांव, उद्यमों ने पकड़ी रफ्तार- बजट 2026-27 में 65,926 करोड़ का प्रावधान, बिजली क्षेत्र को नई ऊर्जा। 
जगमग हुए प्रदेश के सभी गांव, उद्यमों ने पकड़ी रफ्तार- बजट 2026-27 में 65,926 करोड़ का प्रावधान, बिजली क्षेत्र को नई ऊर्जा। 
  • डीडीयूजीजेवाई और सौभाग्य योजना से सभी गांवों में विद्युतीकरण। 
  • ग्रामीण बिजली आपूर्ति से कृषि, डेयरी, कुटीर उद्योग और स्वरोजगार को मिला बढ़ावा
  • आरडीएसएस के तहत लाइन अपग्रेडेशन, ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि और स्मार्ट मीटरिंग

लखनऊ। वर्ष 2017 से पहले बिजली की किल्लत से जूझ रहे उत्तर प्रदेश के गांव अब जगमगा रहे हैं। योगी सरकार ने ग्रामीण विद्युतीकरण को विकास की बुनियाद बनाया और योजनाबद्ध तरीके से हर घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया है। घर-घर बिजली कनेक्शन सुनिश्चित किया जा चुका है। प्रदेश सरकार के बजट 2026-27 में बिजली क्षेत्र को 65,926 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।  

दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पारेषण और वितरण नेटवर्क को मजबूत किया गया है। जर्जर लाइनों को बदला गया और नए उपकेंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके बाद ‘प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना’ के जरिए लाखों परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए गए। इससे ग्रामीण जीवन की तस्वीर बदलती दिख रही है। अब गांवों में न केवल घरेलू रोशनी बल्कि कृषि और लघु उद्योगों को भी निर्बाध बिजली मिल रही है।

संशोधित वितरण क्षेत्र सुधार योजना के अंतर्गत गांवों में वितरण तंत्र को और सुदृढ़ किया जा रहा है। पुराने कंडक्टर बदले जा रहे हैं, लो टेंशन एबी केबल बिछाई जा रही हैं और ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। स्मार्ट मीटरिंग को भी तेजी से लागू किया जा रहा है जिससे कि बिजली चोरी पर अंकुश लगे और आपूर्ति की गुणवत्ता बेहतर हो। इन कदमों से ग्रामीण क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या में कमी आई है और उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली मिल रही है।

ग्रामीण विद्युतीकरण का सीधा लाभ खेती और स्वरोजगार के क्षेत्र में मिल रहा है। सिंचाई के लिए विद्युत आपूर्ति बेहतर होने से फसल उत्पादन में वृद्धि हुई है। डेयरी, कोल्ड स्टोरेज, आटा चक्की, वेल्डिंग और अन्य छोटे व्यवसायों को निरंतर बिजली मिलने से गांवों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार देखा जा रहा है, क्योंकि विद्यालय और स्वास्थ्य केंद्रों को अब बिजली की कमी से जूझना नहीं पड़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बार कहा है कि सबका साथ सबका विकास की अवधारणा तभी साकार होगी जब गांव मजबूत होंगे। ग्रामीण उत्तर प्रदेश को ऊर्जा संपन्न बनाकर सरकार ने विकास की नई आधारशिला रखी है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत बिजली ढांचा प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दीर्घकाल में और अधिक सशक्त करेगा।

  • जनपद मुख्यालयों पर 24 घंटे निर्बाध बिजली

वित्त वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में औसतन 20 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर औसतन 22 घंटे और जनपद मुख्यालयों पर 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। प्रदेश में एक अप्रैल, 2022 से वर्ष 2025-26 तक कुल 2,410 नए 33/11 केवी विद्युत् उपकेंद्रों का निर्माण एवं क्षमता वृद्धि की गई है। साथ ही 20,924 नए वितरण ट्रांसफार्मर्स की स्थापना और 85,684 ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि का कार्य किया गया है।

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