Sambhal: 35 बीघा जमीन पर बवाल- हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई पैमाइश, मालिकाना हक और अतिक्रमण को लेकर आमने-सामने आए दोनों पक्ष
सम्भल के सरायतरीन के बाजारगंज स्थित करीब 35 बीघा विवादित जमीन को लेकर वर्षों पुराना विवाद एक बार फिर सुर्खियों
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल के सरायतरीन के बाजारगंज स्थित करीब 35 बीघा विवादित जमीन को लेकर वर्षों पुराना विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। हाईकोर्ट के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने विवादित भूमि का सीमांकन (पैमाइश) शुरू किया, जिसके बाद दोनों पक्ष अपने-अपने दावे लेकर सामने आ गए।
एक पक्ष के सईदुद्दीन का दावा है कि उनके पिता ने वर्ष 1973 में सरकार की नीलामी से यह जमीन खरीदी थी और तब से उनका कब्जा है। उनका कहना है कि समय के साथ कई लोगों ने उनकी जमीन पर अवैध कब्जे कर लिए और अब उल्टा उन्हें ही अतिक्रमणकारी साबित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है और अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। सईदुद्दीन का कहना है कि प्रशासन की कार्रवाई का वह विरोध नहीं कर रहे, बल्कि सीमांकन में पूरा सहयोग दे रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके। वहीं राजा बाष्णे ने आरोप लगाया कि उनके मकान के सामने नगरपालिका की पटरी पर सईदुद्दीन द्वारा खोखा रखवा दिया गया, जिससे उनके परिवार का रास्ता बाधित हो गया है। उन्होंने डीएम से अतिक्रमण हटाकर रास्ता खुलवाने की मांग की और कहा कि पूरे इलाके में नगरपालिका की जमीन पर कब्जे किए गए हैं। मामले पर नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी आदित्य ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर 35 बीघा विवादित भूमि का सीमांकन कराया जा रहा है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद यदि सरकारी भूमि पर कब्जा पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब सबकी निगाहें राजस्व विभाग की पैमाइश रिपोर्ट और हाईकोर्ट में पेश होने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे तय होगा कि जमीन का वास्तविक मालिक कौन है और अतिक्रमण के आरोपों में कितना दम है।
What's Your Reaction?




