Lucknow : प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना में उत्तर प्रदेश ने 1 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता हासिल की, 2.90 लाख घर सौर बिजली से चमके
स्थापित सोलर संयंत्रों पर केंद्र सरकार ने करीब दो हजार करोड़ रुपये और प्रदेश सरकार ने 600 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है। इस आर्थिक मदद से आम परिवारों के लिए सौर
ऊर्जा क्षेत्र में लगातार सुधार और नए फैसलों के बीच ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने एक और बड़ी सफलता पाई है। पिछले छह वर्षों से बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी न होने और उदार बिजली बिल राहत योजना के बाद अब प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश ने 1 गीगावाट यानी 1000 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता का लक्ष्य पूरा कर लिया। इससे प्रदेश में अब तक 2.90 लाख घरों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र लग चुके हैं। इस उपलब्धि से ऊर्जा आत्मनिर्भरता मजबूत हुई है और करीब चार हजार एकड़ जमीन की बचत हुई, जिसका इस्तेमाल अब अन्य विकास कार्यों में हो सकेगा।
स्थापित सोलर संयंत्रों पर केंद्र सरकार ने करीब दो हजार करोड़ रुपये और प्रदेश सरकार ने 600 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है। इस आर्थिक मदद से आम परिवारों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना आसान हुआ। कई घरों में बिजली बिल में भारी कमी आई है और दिन के समय बिल लगभग शून्य हो गया है। अतिरिक्त बिजली ग्रिड में बेचकर उपभोक्ताओं को राजस्व क्रेडिट का फायदा भी मिल रहा है।
योजना के शुरुआती समय में सिर्फ 81 वेंडर पंजीकृत थे, जो अब बढ़कर 4200 हो गए हैं। वेंडरों की संख्या बढ़ने से सोलर संयंत्र लगाने की रफ्तार तेज हुई और व्यापार तथा उद्यमिता के नए मौके बने। उत्पादन, स्थापना, रखरखाव और सप्लाई चेन से जुड़े क्षेत्रों में प्रदेश में करीब 50 हजार लोगों को सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी।
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत की सोच और हरित ऊर्जा बढ़ाने वाली नीतियों का सीधा नतीजा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री की नीतियों को पूरी निष्ठा से लागू कर रही है और सूर्यघर योजना इसका मजबूत उदाहरण है। उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा घरेलू सौर ऊर्जा उत्पादक राज्य बनाने की दिशा में तेजी से काम जारी है।
ऊर्जा विभाग के मुताबिक योजना के अच्छे क्रियान्वयन के लिए प्रदेश से जिला स्तर तक नियमित समीक्षा, ऑनलाइन आवेदन की आसान प्रक्रिया, समय पर कनेक्शन और सब्सिडी का तुरंत भुगतान सुनिश्चित किया गया। इसी व्यवस्था से कम समय में इतनी बड़ी रूफटॉप सोलर क्षमता हासिल हुई। हरित ऊर्जा से मजबूत अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगले चरण में दो गीगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता का लक्ष्य हासिल करने की तैयारी चल रही है।
यह योजना फरवरी में शुरू हुई थी और उत्तर प्रदेश इसमें गुजरात व महाराष्ट्र के बाद तीसरे स्थान पर है। जुलाई तक राज्य में कुल स्थापना 500 मेगावाट से ज्यादा हो चुकी थी।
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