Lucknow: शांति, समता व भाईचारा— भगवान बुद्ध का संदेश - केशव प्रसाद मौर्य

विश्व शांति के पावन संदेश के साथ बौद्ध भिक्षुओं एवं पूज्य भन्तेगणों द्वारा राजधानी लखनऊ में एक भव्य शांति मार्च का

Apr 13, 2026 - 18:22
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Lucknow: शांति, समता व भाईचारा— भगवान बुद्ध का संदेश - केशव प्रसाद मौर्य
शांति, समता व भाईचारा— भगवान बुद्ध का संदेश - केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ: विश्व शांति के पावन संदेश के साथ बौद्ध भिक्षुओं एवं पूज्य भन्तेगणों द्वारा राजधानी लखनऊ में एक भव्य शांति मार्च का आयोजन किया गया। यह शांति मार्च डॉ. अम्बेडकर महासभा कार्यालय, विधानसभा मार्ग से प्रारंभ होकर हजरतगंज चौराहा होते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कैम्प कार्यालय, 7- कालिदास मार्ग तक निकाला गया। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने कैम्प कार्यालय पर पधारे पूज्य भन्तेगणों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी भिक्षुओं को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया तथा विश्व शांति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के इस पुनीत प्रयास की सराहना की।

इस अवसर पर अपने संबोधन में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शाश्वत सत्य है कि शांति का एकमात्र मार्ग “बुद्धम् शरणम् गच्छामि” है। उन्होंने कहा कि भारत की महान परंपरा सदैव शांति, समता और मानवता की रही है। संयुक्त राष्ट्र संघ में माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा कही गई यह बात कि “भारत ने दुनिया को बुद्ध दिया है, युद्ध नहीं” आज के वैश्विक परिदृश्य में और अधिक प्रासंगिक हो जाती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब विश्व के अनेक देश युद्ध और अस्थिरता के दौर से गुजर रहे हैं, ऐसे में भगवान बुद्ध की शिक्षाएं मानवता के लिए आशा और मार्गदर्शन का आधार बन रही हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि “विश्व एक परिवार है और शांति हमारा सबसे बड़ा अस्त्र है।”

उप मुख्यमंत्री ने सम्राट अशोक महान के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भगवान बुद्ध के उपदेशों को विश्वभर में फैलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने यह भी बताया कि माननीय प्रधानमंत्री जी के निर्देश पर उन्हें प्रतिनिधिमंडल के साथ भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों को रूस के काल्मिकिया  ले जाने का अवसर प्राप्त हुआ, जहां लाखों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर अपनी गहरी आस्था प्रकट की।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार द्वारा “विरासत और विकास” को साथ लेकर कार्य किया जा रहा है। जिस प्रकार काशी, मथुरा और अयोध्या जैसे धार्मिक स्थलों का व्यापक विकास किया जा रहा है, उसी प्रकार सारनाथ, संकिसा और कुशीनगर जैसे बौद्ध स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं और उनके सामाजिक समता एवं न्याय के विचारों को स्मरण किया।

कार्यक्रम  उत्तर प्रदेश अम्बेदकर महासभा के अध्यक्ष  व विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल जी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बुद्ध विहारों के विकास हेतु निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शांति, प्रगति और उन्नति का मार्ग भगवान बुद्ध की शरण में ही निहित है।
अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध संस्थान के सदस्य भन्ते शीलरतन ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्व शांति और करुणा के संदेश को अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षुगण, पूज्य भन्तेगण, टी.डी. गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राएं एवं अन्य गणमान्य नागरिक  मौजूद रहे।

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