Raja Raghuvanshi Murder Case: 'पति की हत्या के बाद प्रेमी से मिलने इंदौर पहुंची सोनम, फिर रची चौंकाने वाली साजिश'
पुलिस जांच के अनुसार, सोनम ने 23 मई 2025 को मेघालय के सोहरा इलाके में अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या को अंजाम दिया। इस जघन्य अपराध में उसने अपने प्रेमी ...
इंदौर/शिलांग/गाजीपुर : मध्य प्रदेश के इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) की हत्या के मामले में नित नए और सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। इस हत्याकांड की मुख्य अभियुक्त सोनम (Sonam) रघुवंशी ने न केवल अपने पति की हत्या की साजिश रची, बल्कि हत्या के तुरंत बाद अपने प्रेमी राज कुशवाहा से मिलने इंदौर पहुंची। इसके बाद उसने जो कदम उठाया, वह किसी को भी हैरान कर सकता है। सोनम (Sonam) ने अपहरण की झूठी कहानी गढ़कर खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश की और गाजीपुर में नाटकीय ढंग से सरेंडर कर दिया।
हत्या के बाद इंदौर में प्रेमी से मुलाकात
पुलिस जांच के अनुसार, सोनम (Sonam) ने 23 मई 2025 को मेघालय के सोहरा इलाके में अपने पति राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) की हत्या को अंजाम दिया। इस जघन्य अपराध में उसने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और तीन भाड़े के हत्यारों—आकाश राजपूत, विशाल ठाकुर, और आनंद कुर्मी—का साथ लिया। हत्या के बाद, सोनम (Sonam) ने शिलांग से गुवाहाटी और फिर ट्रेन के जरिए इंदौर का रास्ता लिया। पुलिस को मिले सबूतों और सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि सोनम (Sonam) 25 मई को इंदौर में राज कुशवाहा से मिली।
यह मुलाकात इंदौर के एक सुनसान इलाके में हुई, जहां दोनों ने करीब दो घंटे तक बात की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सोनम (Sonam) ने राज को हत्या की पूरी जानकारी दी और अगले कदम की योजना बनाई। चश्मदीदों के बयानों और मोबाइल लोकेशन डेटा से पुष्टि हुई कि सोनम (Sonam) ने राज से हत्या में इस्तेमाल हथियार और अन्य सबूतों को ठिकाने लगाने के बारे में चर्चा की। राज ने उसे गाजीपुर भागने और वहां अपहरण की कहानी गढ़ने की सलाह दी ताकि पुलिस का ध्यान हत्या से हट जाए।
अपहरण की झूठी कहानी और गाजीपुर में ड्रामा
इंदौर में राज से मुलाकात के बाद, सोनम (Sonam) ने अपने प्लान को और पुख्ता किया। उसने 26 मई को गाजीपुर के लिए ट्रेन पकड़ी और वहां पहुंचकर एक ढाबे पर बदहवास हालत में दिखाई दी। 9 जून की रात को उसने स्थानीय पुलिस को बताया कि उसका अपहरण कर लिया गया था और वह किसी तरह भाग निकली। सोनम (Sonam) ने दावा किया कि कुछ अज्ञात लोगों ने उसे और राजा को मेघालय में अगवा किया, और राजा की हत्या के बाद उसे छोड़ दिया गया।
हालांकि, पुलिस को उसकी कहानी पर तुरंत शक हुआ। सोनम (Sonam) के कपड़ों पर खून के धब्बे, उसका असंगत बयान, और मोबाइल डेटा ने उसकी कहानी की पोल खोल दी। पूछताछ में सोनम (Sonam) टूट गई और उसने कबूल किया कि उसने अपहरण की कहानी इसलिए गढ़ी ताकि वह खुद को निर्दोष साबित कर सके और सहानुभूति बटोर सके। पुलिस ने गाजीपुर से उसे हिरासत में लिया और शिलांग ले जाया गया, जहां उससे गहन पूछताछ जारी है।
हत्या की साजिश और इंदौर का कनेक्शन
पुलिस जांच से पता चला कि सोनम (Sonam) और राज कुशवाहा ने हत्या की साजिश को इंदौर में ही अंतिम रूप दिया था। शादी के बाद, सोनम (Sonam) ने राज से नियमित रूप से संपर्क बनाए रखा और हनीमून के बहाने मेघालय जाने की योजना बनाई। हत्या के बाद इंदौर में उनकी मुलाकात का मकसद न केवल सबूत मिटाना था, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी था कि पुलिस का शक उन पर न जाए।
पुलिस को संदेह है कि सोनम (Sonam) ने इंदौर में राज के साथ मिलकर कुछ गहने और नकदी भी छिपाई, जो उसे शादी में मिले थे। एक सूत्र ने बताया कि सोनम (Sonam) ने राज को हत्या के बदले एक मोटी रकम देने का वादा किया था, जिसका कुछ हिस्सा इंदौर में सौंपा गया। पुलिस अब इस आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही है और राज के बैंक खातों की छानबीन कर रही है।
सबूतों का जाल और पुलिस की तत्परता
मेघालय पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए 120 पुलिसकर्मियों की टीम लगाई, जिसमें 20 सदस्यों की एक कोर टीम शामिल थी। 42 सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट्स, और लोकेशन डेटा ने सोनम (Sonam) की साजिश को बेनकाब कर दिया। इंदौर में सोनम (Sonam) और राज की मुलाकात का फुटेज, गाजीपुर में ढाबे के पास का सीसीटीवी, और हत्या में इस्तेमाल हथियार 'दाओ' की बरामदगी ने पुलिस के केस को मजबूत किया।
सोनम (Sonam) के फोन से डिलीट की गई चैट्स को रिकवर किया गया, जिसमें उसने राज को लिखा था, "सब हो गया, अब मुझे बचाओ।" राज ने जवाब में कहा, "गाजीपुर जाओ, वहां कोई नहीं पकड़ेगा।" इन चैट्स ने साबित कर दिया कि हत्या के बाद का ड्रामा भी सुनियोजित था।
परिवार का दुख और सवाल
राजा के परिवार ने सोनम (Sonam) के इस व्यवहार पर गहरा दुख जताया। राजा की मां ने कहा, "हमने सोनम (Sonam) को अपनी बेटी की तरह अपनाया, लेकिन उसने हमारे बेटे को छीन लिया। वह हत्या के बाद भी इतनी बेशर्मी से झूठ बोल रही थी।" राजा के भाई विपिन ने सवाल उठाया कि अगर सोनम (Sonam) को शादी नहीं करनी थी, तो उसने इतना बड़ा धोखा क्यों किया।
वहीं, सोनम (Sonam) के परिवार ने चुप्पी साध ली है। पुलिस को संदेह है कि सोनम (Sonam) की मां को उसके राज के साथ अफेयर की जानकारी थी, और वे इस मामले में और पूछताछ कर रहे हैं।
साजिश का मकसद
पुलिस के अनुसार, सोनम (Sonam) का मुख्य मकसद राजा को रास्ते से हटाकर राज कुशवाहा के साथ नई जिंदगी शुरू करना था। इसके अलावा, शादी में मिले गहने और संपत्ति भी उसकी साजिश का हिस्सा थे। सोनम (Sonam) ने हत्या को लूटपाट का रूप देकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन उसका इंदौर में राज से मिलना और गाजीपुर में नाटकीय सरेंडर उसकी योजना को बेनकाब कर गया।
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