सीतापुर में मिशन स्कूल की खाली जमीन पर बनेगा आधुनिक वेंडिंग जोन, पटरी दुकानदारों को मिलेगा नया ठिकाना
सीतापुर में मिशन स्कूल परिसर से खाली कराई गई नजूल भूमि पर आधुनिक वेंडिंग जोन बनाया जाएगा। इससे पटरी दुकानदारों को व्यवस्थित जगह मिलेगी और जाम से राहत मिलेगी।
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
मिशन स्कूल की खाली कराई गई जमीन पर वेंडिंग जोन बनाने की तैयारी, पटरी दुकानदारों को व्यवस्थित जगह देकर जाम से मिलेगी मुक्ति
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन की बडी कार्रवाई के बाद अब खाली हुई जमीन के सही इस्तेमाल की योजना बनाई गई है। जिला प्रशासन ने मिशन स्कूल परिसर से मुक्त कराई गई जमीन पर शहर के ठेला, खोंचा और पटरी दुकानदारों के लिए एक आधुनिक वेंडिंग जोन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस कदम से शहर के मुख्य रास्तों पर लगने वाले भीषण जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, साथ ही छोटे व्यापारियों को भी अपने कारोबार के लिए एक सुरक्षित और परमानेंट जगह मिल सकेगी। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. के अनुसार सड़कों के किनारे लगने वाली दुकानों के चलते यातायात बुरी तरह प्रभावित होता था, जिसे देखते हुए इस नए जोन को बनाने की रूपरेखा तैयार की गई है ताकि दुकानदारों की जीविका भी बची रहे और यातायात भी सुचारू रूप से चले।
प्रशासनिक टीम ने मिशन स्कूल परिसर की कुल बयालीस बीघा जमीन में से पैंतीस बीघा हिस्से पर मुस्तैद सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्रवाई करते हुए कब्जा हटाया है। यह अभियान पिछले कुछ समय से लगातार जारी था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस बेदखली से पहले सभी जुड़े हुए पक्षों को बकायदा नोटिस भेजे गए थे और उनकी बातें सुनी गई थीं। जिलाधिकारी कोर्ट से आदेश आने के बाद संबंधित लोगों को पंद्रह दिनों का समय भी दिया गया था। इस अवधि के खत्म होने के बाद प्रशासन और नगर पालिका की टीम ने मिलकर इस पूरी जमीन को अपने नियंत्रण में ले लिया। हालांकि यह विवाद बाद में उच्च न्यायालय भी पहुंचा, लेकिन अदालत ने इस पर कोई रोक लगाने से मना करते हुए सिर्फ वर्तमान स्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। प्रशासन का कहना है कि वे जमीन पर पहले ही कब्जा ले चुके हैं, इसलिए यह संपत्ति पूरी तरह जिला प्रशासन की देखरेख में है।
इस जमीन के मालिकाना हक को लेकर जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने बताया कि उन्नीस सौ छह के फॉर्म पैंतालीस रजिस्टर के मुताबिक यह पूरी भूमि नजूल विभाग के नाम पर दर्ज है। न्यायालय में होने वाली आगे की सुनवाइयों में जिला प्रशासन इन पुराने और पुख्ता राजस्व अभिलेखों के जरिए सरकार का पक्ष बहुत मजबूती के साथ रखेगा। प्रशासन को पूरा भरोसा है कि इस नई योजना के लागू होने से न केवल शहर की सूरत बदलेगी, बल्कि फुटपाथ और पटरी पर दुकान चलाने वाले गरीब दुकानदारों को भी बिना किसी डर के सम्मान के साथ कारोबार करने का अवसर मिल सकेगा।
Also Click : Hardoi News: इनर व्हील क्लब हरदोई डीओडी का 11वां अधिष्ठापन समारोह संपन्न, सोनिया मिश्रा बनीं नई अध्यक्ष
What's Your Reaction?




